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सीमा विवाद में उलझी पुलिस, ट्रैक पर पड़ा रहा शव
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Tue, 25 Oct 2016 11:25 PM IST
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लखनऊ रेलखंड पर चिलबिला-जगेशरगंज रेलवे स्टेशन के बीच चमरौधा रेलवे पुल पर एक युवक ने लखनऊ जा रही वीएल पैसेंजर के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पहुंची इलाकाई पुलिस और रेलवे पुलिस सीमा विवाद में उलझी रहीं। शव एक घंटे तक ट्रैक पर पड़ा रहा। इस दौरान उसके ऊपर से ट्रेन भी गुजरी। बाद में अंतू पुलिस शव ले गई।
अंतू थाना क्षेत्र के गोबरी गांव का कल्याण सिंह (40) मनोरोगी था। मंगलवार दोपहर वह घर से निकलकर चमरौधा पुल पर पहुंचा और प्रतापगढ़ से लखनऊ जा रही वीएल पैसेंजर के इंजन के सामने कूद गया। सूचना अंतू पुलिस के साथ ही जीआरपी और आरपीएफ को दी। इसके बावजूद अंतू की तरफ से आ रही मालगाड़ी को रुकवाया नहीं गया। मालगाड़ी चालक ने प्रतापगढ़ में सूचना दी तो पोर्टर को भेजा गया और तब ट्रैक से लाश हटाई गई। करीब एक बजे रूट साफ हुआ।
घटना करीब ग्यारह बजे की है। सूचना पर पहुंची अंतू पुलिस और आरपीएफ वाले सीमा विवाद में ही उलझे रहे। पुलिस वालों का कहना था कि एसएम ने महिला के कटने की सूचना देकर उन्हें भ्रमित कर दिया था। भाई धनंज्य ने बताया कि कल्याण सिंह मनोरोगी था। उसका लखनऊ से इलाज चल रहा था। तीन दिन पहले उसको लखनऊ दिखाकर लाया था। सुबह घर से निकला था।
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अंतू थाना क्षेत्र के गोबरी गांव का कल्याण सिंह (40) मनोरोगी था। मंगलवार दोपहर वह घर से निकलकर चमरौधा पुल पर पहुंचा और प्रतापगढ़ से लखनऊ जा रही वीएल पैसेंजर के इंजन के सामने कूद गया। सूचना अंतू पुलिस के साथ ही जीआरपी और आरपीएफ को दी। इसके बावजूद अंतू की तरफ से आ रही मालगाड़ी को रुकवाया नहीं गया। मालगाड़ी चालक ने प्रतापगढ़ में सूचना दी तो पोर्टर को भेजा गया और तब ट्रैक से लाश हटाई गई। करीब एक बजे रूट साफ हुआ।
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घटना करीब ग्यारह बजे की है। सूचना पर पहुंची अंतू पुलिस और आरपीएफ वाले सीमा विवाद में ही उलझे रहे। पुलिस वालों का कहना था कि एसएम ने महिला के कटने की सूचना देकर उन्हें भ्रमित कर दिया था। भाई धनंज्य ने बताया कि कल्याण सिंह मनोरोगी था। उसका लखनऊ से इलाज चल रहा था। तीन दिन पहले उसको लखनऊ दिखाकर लाया था। सुबह घर से निकला था।
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