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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Officers-contractors in the name of checkdam

चेकडैम के नाम पर अफसरों-ठेकेदारों ने भरी जेब

Wed, 21 Mar 2018 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Wed, 21 Mar 2018 11:21 PM IST
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जिले में जल संरक्षण के लिए नदी-नालों पर सपा शासनकाल में चेकडैम बनाने के नाम पर अफसरों ने करोड़ों रुपये की बंदरबाट कर डाली। 106 से अधिक चेकडैमों के निर्माण के लिए लखनऊ और गोरखपुर के लोगों को टेंडर जारी किया गया। निर्माण में भी मानक की धज्जियां उड़ाई गईं। यही कारण है कि ज्यादातर चेकडैम किसी काम नहीं आ सके। इनमें से कुछ ढह गए हैं, कुछ में दरारें आ गई हैं तो कुछ की ईंटें उखड़ गई हैं। मंगलवार को चेकडैमों के निर्माण में हुई अनियमितता का मामला विधानसभा में भी गूंजा।
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सपा शासनकाल में वित्तीय वर्ष 2013-14 और 14-15 में लघु सिंचाई विभाग द्वारा जिले में जल संचयन के लिए 46 करोड़ की लागत से 106 से ज्यादा चेकडैमों का निर्माण कराया गया था। सभी की लागत अलग-अलग थी। पांच करोड़ से तीन करोड़ रुपये तक के टेंडर लखनऊ और गोरखपुर के ठेकेदारों को जारी कर दिए गए। इनके निर्माण में जमकर अनियमितता बरती गई। अफसरों से मिलीभगत कर ठेकेदारों ने लंबा खेल किया। मानक की धज्जियां उड़ाई गईं। चेकडैमों के निर्माण में बेहद कम मात्रा में सीमेंट का प्रयोग किया गया।
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कहीं बीच की दीवार बनाई तो कहीं बगल की दीवार बनाकर छोड़ दी। सपा शासनकाल में ही तत्कालीन प्राविधिक शिक्षामंत्री शिवाकांत ओझा ने इसकी जांच और भौतिक सत्यापन की मांग की थी। शासन स्तर से हुई टीएसी जांच में भी लीपापोती की गई। सबसे ज्यादा अनियमितता संडवाचंद्रिका ब्लाक में सामने आई थी। जांच शुरू होने के बाद आननफानन में कई जगहों पर ठेकेदारों ने फिर से निर्माण शुरू करा दिया। बावजूद इसके चेकडैम किसी काम नहीं आ सके।
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सदर विकासखंड के 34, शिवगढ़ के 35 और संडवाचंद्रिका में 37 चेकडैमों में कई ढह गए हैं। इस मामले में जिले के 22 अवर अभियंता, तीन सहायक अभियंता, एक अधिशासी अभियंता और एक सेवानिवृत्त प्रभारी अधीक्षण अभियंता के खिलाफ जांच चल रही है। तीन साल बाद भी मामले को लटकाया गया है। हालांकि कुछ जगहों पर जांच के चलते निर्माणाधीन कार्य रोक दिए गए।

इन जगहों पर बेकार हो गए चेकडैम
सदर विकासखंड के औवार पूरे हिरावन में बने चेकडैम की ईंटें निकल गई हैं और कई स्थानों से जर्जर हो गया है। पानी की एक बूंद नजर नहीं आ रही। हैंसी में बकुलाही नदी का चेकडैम सूखा पड़ा है। बकुलाही नदी में ही शोभीपुर सरायमेदीराय में चेकडैम जर्जर अवस्था में है। रामनगर भटपुरवा में भी चेकडैम की हालत भी दयनीय बनी हुई है। पूरे चंदी के करीब चमरौधा नदी पर निर्माणाधीन चेकडैम अधूरा पड़ा है। संडवाचंद्रिका के गोबरी रेलवे पुल के पास बारिश के दौरान चेकडैम टूटकर बह गया। सांगीपुर के करीब नदी में चेकडैम सूखा पड़ा है। शिवगढ़ के बुढ़ौरा, जगोइया व जामताली के डंडवा में चेकडैम सूखा पड़ा है।


इस मामले की जांच चल रही है। चीफ इंजीनियर से रिपोर्ट मांगी गई है। अनियमितता में जितने लोगों के नाम हैं, उन्हें नोटिस जारी किया गया है। उनका पक्ष अभी नहीं आया है। उनका पक्ष जानने के बाद परीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।
शरद सिंह, विशेष सचिव, लघु सिंचाई विभाग।
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