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तड़पती रही गर्भवती, नहीं पसीजे एम्बुलेंस के ड्राइवर
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Sat, 01 Oct 2016 12:54 AM IST
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108 एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
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अस्पताल में एंबुलेंस होने के बाद भी एक महिला को इसका लाभ नहीं मिला। वह दर्द से कराहती रही, चिकित्सक सहित सभी लोग 102 नंबर पर काल करते रहे लेकिन लखनऊ से आने वाली काल पर ड्राइवर गाड़ी सहित बाहर होने की बात कहता रहा जबकि गाड़ी अस्पताल में ही खड़ी थी और ड्राइवर ताश खेलने में मस्त रहा। बाद में प्रसूता को परिजन निजी गाड़ी से अस्पताल ले गए।
बाबागंज पीएचसी क्षेत्र के स्थानीय बाजार निवासी प्रिया पत्नी प्रेमचंद्र हलवाई को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजन पीएचसी ले आए थे। डॉ. शिवेस श्रीवास्तव और महिला डॉ. तनवीर मुमताज ने प्रिया को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद 102 नंबर पर काल करके एंबुलेंस बुलाने के लिए कहा गया तो पता चला कि गाड़ी खाली नहीं है। इस पर महिला के पति प्रेमचंद्र उस स्थान पर गया जहां एंबुलेंस खड़ी होती है। आरोप है कि वहां उसने देखा कि ब्लाॅक परिसर मे ही दोनों गाड़ी खड़ी थ्ाी और उनके चालक ताश खेलने में व्यस्त थे। प्रेमचंद्र ने जानकारी प्रभारी अधीक्षक डा. शिवेस को दी तो उन्होंने दोनों चालकों से बात करके महिला को जिला अस्पताल छोड़ने को कहा। हालांकि चालकों ने उनकी नहीं सुनी। इस पर डॉ. शिवेश ने अधिकारियों को इस मामले की जानकारी दी। अधिकारियों ने जांच कर कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाया है।
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बाबागंज पीएचसी क्षेत्र के स्थानीय बाजार निवासी प्रिया पत्नी प्रेमचंद्र हलवाई को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजन पीएचसी ले आए थे। डॉ. शिवेस श्रीवास्तव और महिला डॉ. तनवीर मुमताज ने प्रिया को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद 102 नंबर पर काल करके एंबुलेंस बुलाने के लिए कहा गया तो पता चला कि गाड़ी खाली नहीं है। इस पर महिला के पति प्रेमचंद्र उस स्थान पर गया जहां एंबुलेंस खड़ी होती है। आरोप है कि वहां उसने देखा कि ब्लाॅक परिसर मे ही दोनों गाड़ी खड़ी थ्ाी और उनके चालक ताश खेलने में व्यस्त थे। प्रेमचंद्र ने जानकारी प्रभारी अधीक्षक डा. शिवेस को दी तो उन्होंने दोनों चालकों से बात करके महिला को जिला अस्पताल छोड़ने को कहा। हालांकि चालकों ने उनकी नहीं सुनी। इस पर डॉ. शिवेश ने अधिकारियों को इस मामले की जानकारी दी। अधिकारियों ने जांच कर कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाया है।
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