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खौफनाक मंजर की गवाही दे रहे यात्रियों के चेहरे
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 21 Mar 2015 01:04 AM IST
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प्रतापगढ़। जनता एक्सप्रेस हादसे से बच निकले यात्रियों ने खौफनाक मंजर की दास्तां अमर उजाला को सुनाई तो लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। देर शाम हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल एक्सप्रेस से प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर उतरे यात्रियों के चेहरे हादसे की घटना को बयां कर रहे थे। रानीगंज के रहने वाले संतोष पटेल ने बताया कि घटनास्थल पर केवल लाशें ही लाशें थीं। पूरा मंजर बड़ा ही भयावह था।
गोंड़े के रहने वाले बंशी कुमार का कहना था कि हादसे की शिकार बोगी को गैस कटर से काटकर लाशों को निकाला जा रहा था। वहां का दृश्य अभी तक उनकी आंखों में घूम रहा है। भुपियामऊ के दिनेश जायसवाल का कहना था कि जनता एक्सप्रेस हादसे के बाद जो यात्री सुरक्षित थे। उसमें से काफी लोगों को पंजाब मेल से रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि खौफनाक मंजर पहली बार देखा। चारों ओर केवल लाश ही लाश थी।
टक्कर लगने के बाद काफी यात्री झटके से नीचे गिर पड़े थे। हालांकि जनता एक्सप्रेस के सुरक्षित कोच को काटकर दूसरे इंजन से भेजने की व्यवस्था की जा रही है। मगर उस ट्रेन से आने को यात्री तैयार नहीं थे। इसलिए पंजाब मेल से जिसको जाना था वह चला आया। बता दें कि हादसे के कारण पंजाब मेल करीब सात घंटे लेट प्रतापगढ़ पहुंची। हादसे के बाद लखनऊ की ओर से आने वाली यह पहली ट्रेन थी। अधिक से अधिक यात्री इसको पकड़कर चले आए।
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गोंड़े के रहने वाले बंशी कुमार का कहना था कि हादसे की शिकार बोगी को गैस कटर से काटकर लाशों को निकाला जा रहा था। वहां का दृश्य अभी तक उनकी आंखों में घूम रहा है। भुपियामऊ के दिनेश जायसवाल का कहना था कि जनता एक्सप्रेस हादसे के बाद जो यात्री सुरक्षित थे। उसमें से काफी लोगों को पंजाब मेल से रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि खौफनाक मंजर पहली बार देखा। चारों ओर केवल लाश ही लाश थी।
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टक्कर लगने के बाद काफी यात्री झटके से नीचे गिर पड़े थे। हालांकि जनता एक्सप्रेस के सुरक्षित कोच को काटकर दूसरे इंजन से भेजने की व्यवस्था की जा रही है। मगर उस ट्रेन से आने को यात्री तैयार नहीं थे। इसलिए पंजाब मेल से जिसको जाना था वह चला आया। बता दें कि हादसे के कारण पंजाब मेल करीब सात घंटे लेट प्रतापगढ़ पहुंची। हादसे के बाद लखनऊ की ओर से आने वाली यह पहली ट्रेन थी। अधिक से अधिक यात्री इसको पकड़कर चले आए।
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