फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   froud in bpl card

करीबियों को बीपीएल विरोधियों को एपीएल

Thu, 06 Oct 2016 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़। Updated Thu, 06 Oct 2016 11:35 PM IST
विज्ञापन
froud in bpl card
अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को बीपीएल सूची से नाम हटाए जाने पर विरोध प्रदर्शन करते खानपुर मौहरिया के ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
बीपीएल राशनकार्ड बनाने में कोटेदारों ने व्यापक स्तर पर खेल किया है। करीबियों को बीपीएल का कार्ड  तो विरोधियों को एपीएल का झुनझुना थमा दिया गया है। कोटेदारों के इस खेल में कुछ ऐसे गरीब भी पिस गए हैं, जिन्हे दो वक्त की रोटी भी मुश्किल से नसीब होती है। सत्यापन के दौरान ऐसे मामले सामने आने पर विभागीय अधिकारी भी चकरा जा रहे हैं। बीते दिनों हुए सत्यापन में 38,423 अपात्रों के मिलने पर उन्हें योजना से बाहर किया गया था।
विज्ञापन


गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत दो रुपये किग्रा गेहूं और तीन रुपये किग्रा चावल प्रदान किया जाता है। एक युनिट पर पांच किग्रा मिलने वाले राशन को बांटने में कोटेदार खेल कर रहे हैं। नियमित रूप से राशन का वितरण नहीं करने वाले कोटेदारों के खिलाफ आए दिन धरना-प्रदर्शन होता है। कोटेदारों के खिलाफ कोई आवाज न उठा सके, इसके लिए वह बवाल करने वालों को पहले ही योजना से बाहर करने का खेल प्रारंभ कर दिए हैं। दरअसल कुछ कोटेदारों को ही जांच का भी जिम्मा दे दिया गया है। जिला पूर्ति कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी होने के कारण कोटेदारों से गांव के पात्र लोगों का नाम कंप्यूटर में फीड कराने को कहा गया है। इसका नाजायज लाभ उठा रहे कोटेदार अपने और प्रधान के करीबियों का नाम तो फीड करा रहे हैं, लेकिन अन्य लोगों को एपीएल बताकर योजना से बाहर कर दे रहे हैं।  
विज्ञापन


डीएम के आदेश पर जिले भर में हुई खुली बैठक में 38,423 अपात्रों के मिलने पर उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया था। अब इनके स्थान पर पात्रों का चयन होना है। ग्राम पंचायतों ने सूची तैयार कर विभाग में भेज दिया है, मगर लाभार्थी का चित्र, आधार नंबर, खाता नंबर, मतदाता पहचान पत्र की प्रतियां नहीं देने के कारण उनका नाम योजना में शामिल नहीं हो पा रहा है। कोटेदार जिस व्यक्ति को अपना समझ रहे हैं, उनके कागजात लाकर कंप्यूटर में फीड करा रहे हैं, बाकी को अपात्र बताकर योजना से बाहर किया जा रहा है। कर्मचारियों की कमी से विभाग भी उनकी नजरों से ही देख रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed