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चेक आपके पास फिर भी अकाउंट हो जाएगा खाली

Thu, 24 Jan 2019 12:11 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 24 Jan 2019 12:11 AM IST
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froud gang active in belha
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चेक से भुगतान करने वाले सावधान हो जाएं। जिले में फ्राड गैंग सक्रिय है। चेक बुक आपके पास होगी और उसी क्रमांक के चेक के नकली चेक से भुगतान हो जाएगा। आपको तब जानकारी होगी, जब आपके मोबाइल में मैसेज आएगा। तब तक फ्राड करने वाला रुपये लेकर बैंक से निकल चुका होगा। फिर क्या बैंक और पुलिस के पास दौड़ते रहिए, मगर कोई सुनने को तैयार नहीं होगा।  
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जिले में सक्रिय फ्राड गैंग ने व्यापारियों और खाताधारकों को ठगने का नया तरीका खोज निकाला है। फ्राड गैंग के सदस्य अब व्यापारियों से पहले किसी बहाने से चेक हासिल करेंगे और उसमें उसका क्रमांक और दस्तखत देखकर उसी क्रमांक का चेक तैयार करेंगे और बैंक में जाकर भुगतान प्राप्त कर लेंगे। व्यापारी और खाताधारक को तब जानकारी होती है, जब उसके खाते से रुपये निकल जाते हैं। शहर के ठठेरी बाजार निवासी रतनलाल ने डाबर ट्रेडर्स के नाम दुकान खोल रखी है। घटना 21 जनवरी की है, जब उनके मोबाइल पर पीएनबी मुख्य शाखा से मैसेज आया कि उनके खाते से 47,700 रुपये कैश निकल गए हैं।
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मोबाइल में मैसेज देखकर उनकी परेशानी बढ़ी कि उन्होंने किसी को चेक दिया ही नहीं, तो भुगतान कैसे हो गया। बैंक पहुंचकर जब जानकारी किया तो पता चला कि सौरभ नाम के व्यक्ति ने उनका फर्जी दस्तखत बनाकर भुगतान ले लिया है। आश्चर्य की बात तो यह है कि जिस चेक संख्या से भुगतान लिया गया है, उसका असली चेक व्यापारी के पास है। टाउन एरिया अंतू में रेडीमेड दुकान खोल रखे जयदीप के नाम भी नकली चेक जारी कर फ्राड गैंग के सदस्य ने 12,500 रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया है। पीड़ित व्यापारी पुलिस और बैंक का चक्कर लगा रहे हैं, मगर अभी तक ना तो रुपये मिले हैं, और न ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।  
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फ्राड गैंग से आईडी नहीं मांगते बैंककर्मी  
बैंक से अगर छोटी भी राशि लेने कोई ग्राहक जाता है, तो उससे आईडी मांगा जाता है। मगर बैंक से 47,700 रुपये का भुगतान करने वाले कैशियर ने आईडी नहीं मांगा। इससे बैंक कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है। फिलहाल मामला पुलिस के हवाले है।   


चेक और आनलाइन भुगतान में ग्राहकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। फर्जी भुगतान पर रोक लगाने के लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। जल्द ही इस तरह की समस्याओं पर रोक लग जाएगी।  
अनिल कुमार, एलडीएम।
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