{"_id":"57e6beaf4f1c1b8341a823dc","slug":"damage-the-cctv-camera","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंद है तीसरी आंख, कैसे कंट्रोल हो क्राइम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बंद है तीसरी आंख, कैसे कंट्रोल हो क्राइम
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Sat, 24 Sep 2016 11:42 PM IST
विज्ञापन
न्यूज
वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों को पकड़ने में पुलिस सिर्फ अंधेरे में ही तीर चलाती है। क्योंकि यहां लगे सभी सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह दगा दे चुके हैं। जिले में अपराधों पर नियंत्रण के मद्देनजर प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे जो मौजूदा समय में बंद पड़े हैं। उधर, शासन ने भी जिले में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की रिपोर्ट तलब कर उसे बदलवाने के भी निर्देश जारी किया है।
अपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने जनपद भर के ज्यादातर थानों व चौकियों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर भागने वाले बदमाश इन कैमरा में कैद हो जाते थे। जबकि हालत यह है कि शहर के चौराहों व चौकियों पर लगे कैमरा काफी दिनों से खराब पड़े हैं। कुछ के तो तार टूटकर झूल रहे हैं तो कही-कहीं कैमरा ही लोग खोलकर उठा ले गए हैं। कई ऐसे कैमरे हैं चालू हालत में तो हैं, लेकिन उसमें फुटेज नहीं मिलती। जिले के जिम्मेदार अधिकारी जानकर भी अनजाने बने बैठे हैं। जनपद में लगातर बढ़ रहीं अपराधिक घटनाओं के बाद भी आलाधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं पड़ रहा है। शासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम को जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद खराब पड़े कैमरों को शासन एक बार फिर से बदलवाने की कवायद कर रहा है। सीसीटीवी कैमरे खराब होने के कारण पुलिस कई मामलों में तह तक नहीं पहुंच सकी।
यहां है तीसरी आंख की जरूरतः भंगवाचुंगी, मीराभवन व सदर मोड़ शहर का सबसे अंतिम चौराहा है। अपराधि घटनाओं को अंजाम देने के बाद बदमाश इसी मार्ग से ग्रामीण क्षेत्र की ओर भागते हैं। अगर यहां प्रशासन का तीसरा आंख रहे तो बदमाशों की पहचान हो सकती है। इसलिए मुख्य इन चौराहों के साथ ही शहर भर के अन्य चौराहों पर कैमरा लगाना अनिवार्य है।
विज्ञापन
जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने बताया किशासन का आदेश मिला है। जिले में खराब पड़े कैमरों को जल्द बदलवाया जाएगा।
विज्ञापन
अपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने जनपद भर के ज्यादातर थानों व चौकियों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर भागने वाले बदमाश इन कैमरा में कैद हो जाते थे। जबकि हालत यह है कि शहर के चौराहों व चौकियों पर लगे कैमरा काफी दिनों से खराब पड़े हैं। कुछ के तो तार टूटकर झूल रहे हैं तो कही-कहीं कैमरा ही लोग खोलकर उठा ले गए हैं। कई ऐसे कैमरे हैं चालू हालत में तो हैं, लेकिन उसमें फुटेज नहीं मिलती। जिले के जिम्मेदार अधिकारी जानकर भी अनजाने बने बैठे हैं। जनपद में लगातर बढ़ रहीं अपराधिक घटनाओं के बाद भी आलाधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं पड़ रहा है। शासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम को जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद खराब पड़े कैमरों को शासन एक बार फिर से बदलवाने की कवायद कर रहा है। सीसीटीवी कैमरे खराब होने के कारण पुलिस कई मामलों में तह तक नहीं पहुंच सकी।
विज्ञापन
यहां है तीसरी आंख की जरूरतः भंगवाचुंगी, मीराभवन व सदर मोड़ शहर का सबसे अंतिम चौराहा है। अपराधि घटनाओं को अंजाम देने के बाद बदमाश इसी मार्ग से ग्रामीण क्षेत्र की ओर भागते हैं। अगर यहां प्रशासन का तीसरा आंख रहे तो बदमाशों की पहचान हो सकती है। इसलिए मुख्य इन चौराहों के साथ ही शहर भर के अन्य चौराहों पर कैमरा लगाना अनिवार्य है।
विज्ञापन
जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने बताया किशासन का आदेश मिला है। जिले में खराब पड़े कैमरों को जल्द बदलवाया जाएगा।