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कबूतरबाजी में फंस गए बेल्हा के छह बेरोजगार
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 11 Nov 2017 11:50 PM IST
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बेल्हा के छह बेरोजगार कबूतरबाजी के शिकार हो गए। पंजाब राज्य के मोहाली में इंटरव्यू देने के बाद कनाडा में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये जमा करा लिए गए। इसके बाद वे महीनों इंतजार करते रहे, लेकिन कॉल लेटर नहीं आया। परेशान युवक कंपनी के कार्यालय में पहुंचे तो वहां ताला लटकता मिला। वहां कंपनी की ठगी के शिकार दूसरे प्रांत के कई युवक भी मिले। पीड़ितों ने पुलिस को तहरीर दी है।
भुक्तभोगियों का आरोप है कि कनाडा में नौकरी दिलाने के लिए पंजाब प्रांत के मोहाली में बीसा मास्टर दूरिस्ट कंपनी की ओर से आवेदन मांगे गए थे। इसकी जानकारी पर कंधई थाना क्षेत्र के जगदीशगढ़ निवासी बद्री प्रसाद विश्वकर्मा, अंतू के ककरहा निवासी रमेश कुमार, नगर कोतवाली के गोसाई का पुरवा निवासी शिवशंकर, बधवा के प्रेम कुमार, सरेनी के अनुज कुमार व पट्टी के मुन्ना करीब चार माह पहले पंजाब पहुंचे। वहां कंपनी के कर्मचारियों से बात कर इंटरव्यू दिया। इस पर सभी के पासपोर्ट की छायाप्रति जमा करा ली गई। सभी से पहले 40-40 हजार रुपये जमा कराए गए। बाद में मेडिकल के नाम पर 10-10 हजार रुपये लिए गए। कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि 20 से 25 दिन के भीतर उन लोगों को कनाडा जाना होगा। उन्हें कंपनी कॉल लेटर भेजने के साथ ही मोबाइल पर कनाडा में कार्यस्थान की जानकारी देगी। तीन माह बाद भी कोई परिणाम नहीं आया तो बेरोजगार युवक मोहाली पहुंचे। वहां कंपनी के कार्यालय में ताला लटकता मिला। आसपास के लोगों से पूछने पर पता चला कि कंपनी कई माह पहले ताला बंदकर भाग गई है। ठगी के शिकार बेरोजगार युवकों ने कंपनी के मास्टर के खिलाफ पुलिस से शिकायत की है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
रेलवे में नौकरी के नाम पर की ठगी
रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर दो सगे भाइयों ने एक बेरोजगार को अपने जाल में फंसा लिया। पहले उससे दो लाख रुपये लिए। बाद में अनेक प्रकार के खर्च बताकर फिर 80 हजार रुपये लिए। जब वह नौकरी की मांग करने लगा तो उसे दिल्ली लेकर पहुंच गए। एक कमरे में बंद लिफाफा थमा दिया और आगरा रेलवे मुख्यालय पर जमा करने के लिए भेजा। ज्वाइनिंग लेटर के फर्जी होने की बात रेलवे के अफसरों ने बताई तो युवक के होश उड़ गए। उसने पट्टी पुलिस को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करवाने की मांग की है।
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पट्टी कोतवाली के अर्जुनपुर निवासी शफीक पुत्र वसीर बेरोजगार है। उसे आसपुर देवसरा थाना के सैफाबाद धनसार गांव के दो सगे भाई मिल गए। शफीक को रेलवे में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके नाम पर दो लाख रुपये ले लिए। कुछ दिन बाद शफीक ज्वाइनिंग लेटर की मांग करने लगा। ठगों ने शफीक से तरह-तरह के खर्च बताकर फिर 80 हजार रुपये और ले लिए। बाद में ठग उसे लेकर दिल्ली पहुंच गए। यहां उसे बंद लिफाफा थमाया और ज्वाइनिंग लेटर होने की बात बताकर आगरा रेल मुख्यालय भेज दिया। वहां पहुंचने पर ज्वाइनिंग लेटर फर्जी होने की जानकारी मिली तो शफीक के होश उड़ गए। उसकी शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों को दबोच कर पूछताछ शुरू कर दी है।
भुक्तभोगियों का आरोप है कि कनाडा में नौकरी दिलाने के लिए पंजाब प्रांत के मोहाली में बीसा मास्टर दूरिस्ट कंपनी की ओर से आवेदन मांगे गए थे। इसकी जानकारी पर कंधई थाना क्षेत्र के जगदीशगढ़ निवासी बद्री प्रसाद विश्वकर्मा, अंतू के ककरहा निवासी रमेश कुमार, नगर कोतवाली के गोसाई का पुरवा निवासी शिवशंकर, बधवा के प्रेम कुमार, सरेनी के अनुज कुमार व पट्टी के मुन्ना करीब चार माह पहले पंजाब पहुंचे। वहां कंपनी के कर्मचारियों से बात कर इंटरव्यू दिया। इस पर सभी के पासपोर्ट की छायाप्रति जमा करा ली गई। सभी से पहले 40-40 हजार रुपये जमा कराए गए। बाद में मेडिकल के नाम पर 10-10 हजार रुपये लिए गए। कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि 20 से 25 दिन के भीतर उन लोगों को कनाडा जाना होगा। उन्हें कंपनी कॉल लेटर भेजने के साथ ही मोबाइल पर कनाडा में कार्यस्थान की जानकारी देगी। तीन माह बाद भी कोई परिणाम नहीं आया तो बेरोजगार युवक मोहाली पहुंचे। वहां कंपनी के कार्यालय में ताला लटकता मिला। आसपास के लोगों से पूछने पर पता चला कि कंपनी कई माह पहले ताला बंदकर भाग गई है। ठगी के शिकार बेरोजगार युवकों ने कंपनी के मास्टर के खिलाफ पुलिस से शिकायत की है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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रेलवे में नौकरी के नाम पर की ठगी
रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर दो सगे भाइयों ने एक बेरोजगार को अपने जाल में फंसा लिया। पहले उससे दो लाख रुपये लिए। बाद में अनेक प्रकार के खर्च बताकर फिर 80 हजार रुपये लिए। जब वह नौकरी की मांग करने लगा तो उसे दिल्ली लेकर पहुंच गए। एक कमरे में बंद लिफाफा थमा दिया और आगरा रेलवे मुख्यालय पर जमा करने के लिए भेजा। ज्वाइनिंग लेटर के फर्जी होने की बात रेलवे के अफसरों ने बताई तो युवक के होश उड़ गए। उसने पट्टी पुलिस को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करवाने की मांग की है।
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पट्टी कोतवाली के अर्जुनपुर निवासी शफीक पुत्र वसीर बेरोजगार है। उसे आसपुर देवसरा थाना के सैफाबाद धनसार गांव के दो सगे भाई मिल गए। शफीक को रेलवे में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके नाम पर दो लाख रुपये ले लिए। कुछ दिन बाद शफीक ज्वाइनिंग लेटर की मांग करने लगा। ठगों ने शफीक से तरह-तरह के खर्च बताकर फिर 80 हजार रुपये और ले लिए। बाद में ठग उसे लेकर दिल्ली पहुंच गए। यहां उसे बंद लिफाफा थमाया और ज्वाइनिंग लेटर होने की बात बताकर आगरा रेल मुख्यालय भेज दिया। वहां पहुंचने पर ज्वाइनिंग लेटर फर्जी होने की जानकारी मिली तो शफीक के होश उड़ गए। उसकी शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों को दबोच कर पूछताछ शुरू कर दी है।