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इधर शिकंजे में लुटेरे, उधर बिस्किट सप्लायर से लूट

Sun, 06 Aug 2017 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Sun, 06 Aug 2017 12:24 AM IST
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loot gang bursted
अमर उजाला ब्यूरो - फोटो : pratapgarh
गांजा और स्मैक बेचने वाले भी अब धंधा को चलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस से बचने के लिए महुली में व्हाट्सएप के जरिए गांजा बेचा जा रहा था। पुलिस ने छापा मारकर सपा नेता समेत तीन लोगों को धर दबोचा। इनके पास से करीब पांच किलो गांजा व 82 पुड़िया स्मैक बरामद हुआ। पकड़ा गया एक आरोपी मोबाइल की दुकान चलाता था। उसे व्हाट्सएप के जरिए आर्डर मिलता था।
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पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम ने बताया कि कोतवाली पुलिस ने माधवगंज महुली में दबिश देकर स्मैक व गांजा बेचने वाले तीन लोगों को धर दबोचा। इनके पास से 82 पुड़िया स्मैक व पांच किलो गांजा के साथ रुपये और सिक्के बरामद हुए। स्मैक कारोबारी ओमप्रकाश के जेल में बंद होने के बाद से उसकी पत्नी सररूपा देवी ने कारोबार संभाल लिया था। वह देवर प्रदीप कुमार पुत्र सालिकराम व पति के दोस्त अनिल यादव पुत्र रामबहादुर यादव निवासी पंजाबी मार्केट नगर कोतवाली के साथ मिलकर मादक पदार्थों का कारोबार करती थी। अनिल सपा से जुड़ा है। वह व्हटसएप के जरिए स्मैक, गांजा मंगाता था। जिन लोगों को मादक पदार्थों की जरूरत होती थी। वे पहले उससे फोन करने के बजाय व्हाट्सएप से आर्डर देते थे। जिसके बाद रुपये जमा करते ही उसे गांजा व स्मैक की पुड़िया ठिकाने पर मिलती थी। सररूपा अपने घर पर उन्हीं लोगों को पुड़िया देती थी। जिसे वह जानती थी। पुलिस ने अनिल, प्रदीप और सररूपा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इनके पास से 50 हजार कीमत का गांजा, 20 हजार के स्मैक की पुड़िया के अलावा 18 हजार पांच सौ रुपये व 1405 रुपये के सिक्के बरामद किए। यह एक दिन की बिक्री की रकम थी।
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सपा नेता अनिल यादव ने फर्जी एमआर का पहचान पत्र बनवा रखा था। कई कंपनियों का उसके पास फर्जी आईकार्ड मिला है। मौत की सामग्री बेचने वाला अनिल काफी हाईटेक था। आईफोन के अलावा 6 स्मार्ट फोन का इस्तेमाल करता था। उसके पास से पुलिस ने आठ मोबाइल फोन व फर्जी आईडी कार्ड बरामद किया। वह मेडिकल की कंपनियों से डायजापाम, कफ सीरप समेत अन्य नशीली दवाएं फर्जी एमआर की आईडी से खरीद लेता था।
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