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कोरोना पीड़ित जमातियों ने पुलिस को बरगलाया, यात्रा इतिहास छिपाया
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दिल्ली के निजामुद्दीन से लौटने के बाद लॉकडाउन के दौरान डेरवा मुसाफिरखाने में रुके जमातियों ने पुलिस की जांच में झूठी जानकारी दी थी। उन्होंने अपना यात्रा इतिहास भी छिपाया। सर्विलांस के जरिए सभी की ट्रेवल हिस्ट्री खंगाली गई। इसके बाद तीनों की लोकेशन दिल्ली के निजामुद्दीन में मिली है। जांच के बाद तीन लोगों के संक्रमित मिलने के बाद पुलिस ने 13 जमातियों और उन्हें आश्रय देने वाले छह अज्ञात लोगों के खिलाफ महामारी फैलाने और यात्रा इतिहास छिपाने का केस दर्ज किया है।
जेठवारा थाना क्षेत्र के सबलगढ़ डेरवा मस्जिद के बगल रहमतउल्ला के मुसाफिरखाने में 20 मार्च से दिल्ली से आए महाराष्ट्र के 13 जमाती रुके हुए थे। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इस पर सीओ सदर तनु उपाध्याय स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचीं। स्वास्थ्य की जांच और पूछताछ के बाद सभी को बाजार स्थित प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन कराया गया। पूछताछ के दौरान जमातियों ने पुलिस को महाराष्ट्र के भिवंडी से डेरवा आने की जानकारी दी। दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज जाने की बात से उन्होंने इनकार कर दिया था। मंगलवार को सभी जमातियों का सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। बुधवार को रिपोर्ट आई तो तीन जमाती कोरोना संक्रमित निकले। इसके बाद पूरे बाजार में हड़कंप मच गया। जेठवारा थानाध्यक्ष ने बताया कि सभी ने पूछताछ के दौरान यह बताया था कि वह लोग दिल्ली मरकज निजामुद्दीन से नहीं लौटे थे। बल्कि भिवंडी से प्रयागराज आए। वहां से डेरवा आ गए थे। छानबीन के दौरान सभी लोगों के मोबाइल की काल हिस्ट्री खंगाली गई। जिसके माध्यम से पता चला कि 18 व 19 मार्च को दिल्ली के निजामुद्दीन में सभी मौजूद थे। इन लोगों द्वारा जान बूझकर मामले को छिपाया गया। सभी लोग धारा 144 का उल्लंघन करते हुए जान बूझकर कोरोना जैसी संक्रामक महामारी का संक्रमण होना जानते हुए भी उपेक्षापूर्वक एक साथ एकत्र होकर रहे। किसी को भी इसकी सूचना नहीं दी गई। इन लोगों को शरण देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। डेरवा चौकी प्रभारी नागेंद्र प्रसाद सिंह की तहरीर पर जेठवारा थाने में 13 जमातियों के साथ ही उन्हें शरण देने के मामले में छह अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। डीएम डा. रुपेश कुमार ने बताया कि डेरवा में रुके सभी जमाती दिल्ली से आए थे। वह निजामुद्दीन स्थित मरकज में भी गए थे। सभी का मोबाइल सर्विलांस पर लगाने के बाद इसकी जानकारी हुई है।
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जेठवारा थाना क्षेत्र के सबलगढ़ डेरवा मस्जिद के बगल रहमतउल्ला के मुसाफिरखाने में 20 मार्च से दिल्ली से आए महाराष्ट्र के 13 जमाती रुके हुए थे। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इस पर सीओ सदर तनु उपाध्याय स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचीं। स्वास्थ्य की जांच और पूछताछ के बाद सभी को बाजार स्थित प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन कराया गया। पूछताछ के दौरान जमातियों ने पुलिस को महाराष्ट्र के भिवंडी से डेरवा आने की जानकारी दी। दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज जाने की बात से उन्होंने इनकार कर दिया था। मंगलवार को सभी जमातियों का सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। बुधवार को रिपोर्ट आई तो तीन जमाती कोरोना संक्रमित निकले। इसके बाद पूरे बाजार में हड़कंप मच गया। जेठवारा थानाध्यक्ष ने बताया कि सभी ने पूछताछ के दौरान यह बताया था कि वह लोग दिल्ली मरकज निजामुद्दीन से नहीं लौटे थे। बल्कि भिवंडी से प्रयागराज आए। वहां से डेरवा आ गए थे। छानबीन के दौरान सभी लोगों के मोबाइल की काल हिस्ट्री खंगाली गई। जिसके माध्यम से पता चला कि 18 व 19 मार्च को दिल्ली के निजामुद्दीन में सभी मौजूद थे। इन लोगों द्वारा जान बूझकर मामले को छिपाया गया। सभी लोग धारा 144 का उल्लंघन करते हुए जान बूझकर कोरोना जैसी संक्रामक महामारी का संक्रमण होना जानते हुए भी उपेक्षापूर्वक एक साथ एकत्र होकर रहे। किसी को भी इसकी सूचना नहीं दी गई। इन लोगों को शरण देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। डेरवा चौकी प्रभारी नागेंद्र प्रसाद सिंह की तहरीर पर जेठवारा थाने में 13 जमातियों के साथ ही उन्हें शरण देने के मामले में छह अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। डीएम डा. रुपेश कुमार ने बताया कि डेरवा में रुके सभी जमाती दिल्ली से आए थे। वह निजामुद्दीन स्थित मरकज में भी गए थे। सभी का मोबाइल सर्विलांस पर लगाने के बाद इसकी जानकारी हुई है।
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