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सिपाही हत्याकांड : आरोपी के घर के बाहर शव दफनाने पर अड़े परिजन, कई थानों की फोर्स पहुंची 

Thu, 23 Jun 2022 09:33 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 23 Jun 2022 09:33 PM IST
सार

पड़ोसी को दोषी बता किया बवाल, अंतिम संस्कार से इनकार
पुलिस ने तीन दोस्तों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा, पड़ोसी को नामजद न करने पर भड़के परिवारीजन
एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद और आरोपी का घर बुलडोजर से गिराने की मांग कर रहे थे गांव के लोग

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constable murder case: The family members adamant on burying the dead body outside the house of the accused, the force of many police stations reached
Pratapgarh News : सिपाही संजय यादव। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स के सिपाही संजय यादव की हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को परिवारीजनों ने पड़ोसी पर आरोप लगाते हुए जमकर बवाल किया। घरवालों का आरोप था कि पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी रहे पड़ोसी युवक के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया। परिवार के लोग पड़ोसी युवक के दरवाजे पर शव दफनाने की जिद पर अड़ गए। बवाल की खबर पाकर कई थानों की फोर्स पहुंची और किसी तरह उन्हें मनाया। इसके बाद घरवालों ने अपनी मांगों को लेकर अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। 

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महेशगंज थाना क्षेत्र के गौरी का पुरवा रायगढ़ गांव निवासी रामलाल यादव का बेटा संजय यादव (29) छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स में सिपाही था। उसकी पत्नी रिया को बीते 11 जून को ऑपरेशन से बेटा पैदा हुआ था। इस पर संजय छुट्टी लेकर 12 जून को घर आ गया। बुधवार को पत्नी को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उसे ससुराल प्रयागराज के लालगोपालगंज थाना क्षेत्र के कासिमपुर झरहा छोड़कर घर लौटा। परिवार के लोगों ने बताया कि दोस्तों ने बेटे की बरही पर संजय से पार्टी मांगी थी। इस पर बुधवार देर शाम वह दोस्तों के साथ कुंडा चला गया।
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रात में खाने और शराब पीने को लेकर हुए विवाद के बाद दोस्तों ने ही संजय की पीट-पीटकर हत्या कर दी। रात में ही मृतक संजय के पिता रामलाल की तहरीर पर पुलिस ने  कुलदीप यादव, प्रेमचंद्र यादव निवासी बहोरिकपुर, पिंटू यादव निवासी सियारया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इस मामले में पुलिस ने नामजद आरोपियों के साथ संजय के पड़ोसी अरुण यादव को भी हिरासत में ले लिया। उनके पास से हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद हुआ था। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद संजय का शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। परिजन पुलिस पर ही आरोप लगाने लगे।

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constable murder case: The family members adamant on burying the dead body outside the house of the accused, the force of many police stations reached
Pratapgarh News : आक्रोशित परिजनों को समझाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला।

पिता रामलाल का कहना था कि पुलिस ने ही बोलकर तहरीर लिखवाई। इसमें पड़ोसी अरुण यादव का नाम शामिल नहीं कराया। इस पर मौके पर मौजूद एसडीएम सतीशचंद्र मिश्र ने रामलाल से दूसरी तहरीर लेकर मुकदमे में अरुण का भी नाम शामिल करने का आश्वासन दिया। पुलिस ने अरुण यादव के नाम से मिली तहरीर को मुकदमे में शामिल करते हुए जीडी की नकल भी परिवार के लोगों को उपलब्ध करा दी।


इसके बाद भी परिजन किसी की बात सुनने के लिए तैयार नहीं थे। वे एक करोड़ रुपये आर्थिक मदद, आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की जिद पर अड़े थे। इस बीच कुछ युवा हंगामा करते हुए सिपाही का शव लेकर आरोपी अरुण के घर पहुंच गए। वे घर के बाहर ही शव को दफनाने की बात करने लगे। जिसके बाद पुलिस की सांस फूलने लगी। हालांकि पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत कराया। जिसके बाद लोग शव लेकर लौट आए और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।


पिता रामलाल का कहना था कि अरुण के कहने पर ही दूसरे साथियों ने संजय की हत्या की। एसडीएम और सीओ के काफी समझाने के बाद भी परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हुए। तनाव को देखते हुए गांव में बाघराय, संग्रामगढ़, कुंडा व महेशगंज की पुलिस तैनात रही। पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। चारों आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं। परिवार के लोगों की दूसरी तहरीर भी दर्ज मुकदमे में शामिल कर ली गई है। 

साथ में शराब न पीने पर हुआ विवाद 

बेटे की बरही के दिन खुशी में साथियों को पार्टी देना छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स के सिपाही संजय यादव के लिए काल बन गया। साथियों के दबाव के बाद भी संजय ने शराब को हाथ नहीं लगाया। इसे लेकर उसकी साथियों से कहासुनी होने लगी। इसके बाद दोस्तों ने ही सिपाही संजय यादव के सिर पर डंडे से प्रहार कर दिया। पुलिस ने घटना के बाद भाग रहे चारों साथियों को दबोच लिया। उनके पास से घटना में प्रयुक्त डंडा भी बरामद हुआ है।


महेशगंज थाना क्षेत्र के गौरी का पुरवा रायगढ़ निवासी संजय यादव छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स में सिपाही था। उसकी पत्नी रिया ने 13 दिन पहले बेटे को जन्म दिया। जानकारी मिलने पर वह अवकाश लेकर घर आ गया था। चूंकि उसकी पत्नी रिया अपने मायके झरहा कासिमपुर थाना नवाबगंज जनपद प्रयागराज में थीं। बेटा पैदा होने की खुशी में दोस्तों ने उससे पार्टी मांगी थी।


बुधवार को बेटे की बरही के दिन ससुराल से लौटने के बाद अपने दोस्त कुलदीप यादव, प्रेमचंद्र यादव निवासी बहोरिकपुर के साथ वह पार्टी के लिए निकलने वाला था। तभी सियारया का रहने वाला पिंटू यादव भी आ गया। ऐसे में एक बाइक पर चार लोगों के बैठने में दिक्कत हुई। जिसके बाद संजय ने अपने ही गांव के अरुण यादव उर्फ डब्लू को बोलेरो लेकर बुला लिया। इसके बाद सभी कुंडा पहुंचे।


यहां अतहर पेट्रोल पंप के पास स्थित राज ढाबे पर पहुंचकर खाने का आर्डर दिया। वहां बैठकर शराब पीने से होटल संचालक शिवलाल ने मना कर दिया। यह सुनकर  संजय साथियों के साथ बाहर आ गया। होटल संचालक शिवलाल के  अनुसार, बोलेरो में बैठकर उन लोगों ने शराब पी। इसके बाद खाना खाने आए। जहां संजय के ऊपर उसके साथी शराब पीने का दबाव बना रहे थे। मगर वह मना कर रहा था। साथी बार-बार बोल रहे थे कि बेटे की खुशी में पार्टी दिए हो तो शराब तो पीना ही पड़ेगा। मगर वह शराब को हाथ नहीं लगा रहा था। 

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