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बिना पुस्तकालय चल रहे महाविद्यालय
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 11 Jan 2015 11:03 PM IST
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जनपद के तमाम महाविद्यालयों में पुस्तकालय न होने की वजह से छात्र-छात्राओं को बाजार से पुस्तकें क्रय करनी पड़ रही हैं जबकि छात्रों से पुस्तकों के लिए शुल्क लिया गया है। कॉलेज प्रशासन की मनमानी से छात्रों में रोष है। मगर विश्वविद्यालय प्रशासन ऐसे कॉलेजों पर नकेल कसने की कोई कवायद नहीं कर रहा है। जिले के अधिकांश महाविद्यालय राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद से संबद्ध हैं। विश्वविद्यालय मानक के अनुसार महाविद्यालयों में पुस्तकालय होने चाहिए। एक विषय की कई लेखकों की किताबें होनी चाहिए। ताकि छात्र-छात्राओं को एक ही विषय के कई लेखकों की पुस्तकों को पढ़ने का मौका मिल सके।
मगर कुछ गिने-चुने कॉलेजों को छोड़ बाकी तमाम महाविद्यालयों में अभी तक लाइब्रेरी की व्यवस्था नहीं है। ऐसी परिस्थिति में छात्र-छात्राओं को बाजार से किताबें खरीदनी पड़ती हैं। छात्र एक या दो लेखक की ही पुस्तकें खरीद पाते हैं। दिक्कत उन छात्रों के लिए होती है, जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होती। वे एक भी लेखक की किताब नहीं खरीद पाते। उन्हें पुस्तकालय का ही सहारा होता है। परीक्षा के दौरान बाजार में आने वाले क्वेशचन बैंक सेे काम चलाना पड़ता है। ऐसे में उन्हें परीक्षा में अच्छा अंक नहीं मिल पाता। सदर बाजार के रहने वाले अंकित प्रजापति राजनीति शास्त्र विषय से एमए कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने प्रवेश के समय जो रशीद दी है, उस पर पुस्तकालय शुल्क लिखा है। शुल्क जमा करने के बाद भी वहां अध्ययन के लिए किताबें नहीं मिलती हैं। महुली के राजीव पांडेय बीएड् कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय की व्यवस्था न होने के बाद भी कॉलेज प्रशासन शुल्क लेता है। बाहर से हम लोगों को किताबें खरीदनी पड़ती हैं।
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मगर कुछ गिने-चुने कॉलेजों को छोड़ बाकी तमाम महाविद्यालयों में अभी तक लाइब्रेरी की व्यवस्था नहीं है। ऐसी परिस्थिति में छात्र-छात्राओं को बाजार से किताबें खरीदनी पड़ती हैं। छात्र एक या दो लेखक की ही पुस्तकें खरीद पाते हैं। दिक्कत उन छात्रों के लिए होती है, जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होती। वे एक भी लेखक की किताब नहीं खरीद पाते। उन्हें पुस्तकालय का ही सहारा होता है। परीक्षा के दौरान बाजार में आने वाले क्वेशचन बैंक सेे काम चलाना पड़ता है। ऐसे में उन्हें परीक्षा में अच्छा अंक नहीं मिल पाता। सदर बाजार के रहने वाले अंकित प्रजापति राजनीति शास्त्र विषय से एमए कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने प्रवेश के समय जो रशीद दी है, उस पर पुस्तकालय शुल्क लिखा है। शुल्क जमा करने के बाद भी वहां अध्ययन के लिए किताबें नहीं मिलती हैं। महुली के राजीव पांडेय बीएड् कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय की व्यवस्था न होने के बाद भी कॉलेज प्रशासन शुल्क लेता है। बाहर से हम लोगों को किताबें खरीदनी पड़ती हैं।
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