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आसमान में बादलों का डेरा, गेहूं की फसलों पर मंडराया संकट
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मौसम का मिजाज देख खलिहान में गेहूं की मड़ाई में जुटे किसान।
- फोटो : PRATAPGARH
प्रतापगढ़। आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया है। इससे गेहूं की फसलों में संकट खड़ा हो गया है। शुक्रवार की सुबह किसानों की आंख खुली तो आसमान में बादलों की उमड़- घुमड़ देख परेशान हो गए। दिनभर किसान गेहूं की फसलों की मड़ाई में जुटे रहे। ऐसे में खेत से खलिहान तक आपाधापी मची रहीं। मौसम का मिजाज देख किसानों की सांसे अटकी रहीं। किसानों का कहना है कि बारिश हुई तो फसलों का भारी नुकसान होगा।
जिले में इस बार गेहूं की फसलों का दायरा बढ़ा है। जिले में एक लाख 53 हजार हेक्टेयर गेहूं की फसलों की बुवाई हुई है। बुवाई से लेकर अब तक गेहूं की फसलों को मौसम का साथ मिला है। इस बार पिछले साल की अपेक्षा गेहूं की फसल अच्छी बताई जा रही है। किसान फसल से अच्छी पैदावार की उम्मींद लगाए हुए है। खेतों में फसल तैयार हो चुकी है। किसान फसलों को निपटाने में जुटे हुए है। दिनभर रात खेतों में फसलों की मड़ाई का कार्य चल रहा है। मगर ऐन वक्त पर मौसम का मिजाज बदलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
शुक्रवार को सुबह आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया। ग्रामीण इलाकों में कई जगह बूदाबांदी हुई। कटी गई फसल को किसान निपटाने के लिए खेतों में पहुंच गए। कहीं किसान गेहूं की बोझ तैयार करते दिखे तो कहीं मड़ाई चलती रहीं। जिले के रानीगंज, कुंडा, लालगंज, सदर व पट्टी तहसील में दिनभर किसान खेतों में पसीना बहाते नजर आए। मौसम का मिजाज देख उनकी सांसे अटकी रहीं। वह मड़ाई के दौरान वह अनाज को घर पहुुंचाते रहे। खेत से खलिहान तक आपाधापी का माहौल दिखा। रानीगंज के किसान शेष बहादुर सिंह, मम्मन तिवारी, खाखापुर के गिरीश पांडेय ने बताया कि फसल तैयार है। मड़ाई भी तेजी से चल रही है। ऐसे में बारिश हुई तो फसलों का भारी नुकसान होगा।
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हवा की चाल धीमी पड़ी तो होगी बारिश
शुक्रवार को दिनभर आसमान में बादलों की उमड़- घुमड़ जारी रहीं। हालांकि पश्चिमी हवाओं का असर वातावरण में बना हुआ है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि यदि हवा की चाल धीमी पड़ी तो बारिश होगी। बारिश की संभावना बनी हुई है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.5 व न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सिएस रिकार्ड किया गया।
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जिले में इस बार गेहूं की फसलों का दायरा बढ़ा है। जिले में एक लाख 53 हजार हेक्टेयर गेहूं की फसलों की बुवाई हुई है। बुवाई से लेकर अब तक गेहूं की फसलों को मौसम का साथ मिला है। इस बार पिछले साल की अपेक्षा गेहूं की फसल अच्छी बताई जा रही है। किसान फसल से अच्छी पैदावार की उम्मींद लगाए हुए है। खेतों में फसल तैयार हो चुकी है। किसान फसलों को निपटाने में जुटे हुए है। दिनभर रात खेतों में फसलों की मड़ाई का कार्य चल रहा है। मगर ऐन वक्त पर मौसम का मिजाज बदलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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शुक्रवार को सुबह आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया। ग्रामीण इलाकों में कई जगह बूदाबांदी हुई। कटी गई फसल को किसान निपटाने के लिए खेतों में पहुंच गए। कहीं किसान गेहूं की बोझ तैयार करते दिखे तो कहीं मड़ाई चलती रहीं। जिले के रानीगंज, कुंडा, लालगंज, सदर व पट्टी तहसील में दिनभर किसान खेतों में पसीना बहाते नजर आए। मौसम का मिजाज देख उनकी सांसे अटकी रहीं। वह मड़ाई के दौरान वह अनाज को घर पहुुंचाते रहे। खेत से खलिहान तक आपाधापी का माहौल दिखा। रानीगंज के किसान शेष बहादुर सिंह, मम्मन तिवारी, खाखापुर के गिरीश पांडेय ने बताया कि फसल तैयार है। मड़ाई भी तेजी से चल रही है। ऐसे में बारिश हुई तो फसलों का भारी नुकसान होगा।
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हवा की चाल धीमी पड़ी तो होगी बारिश
शुक्रवार को दिनभर आसमान में बादलों की उमड़- घुमड़ जारी रहीं। हालांकि पश्चिमी हवाओं का असर वातावरण में बना हुआ है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि यदि हवा की चाल धीमी पड़ी तो बारिश होगी। बारिश की संभावना बनी हुई है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.5 व न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सिएस रिकार्ड किया गया।