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Pratapgarh News: 27 साल चला मुकदमा, एक हजार जुर्माना की सजा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jul 2024 04:52 AM IST
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Case lasted for 27 years, sentenced to one thousand fine
अपर सिविल जज वरिष्ठ श्रेणी सौम्या गिरि ने अवैध तमंचा रखने के आरोपी को जुर्म कबूल करने पर एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माने की रकम नहीं अदा करने पर 10 दिन के कारावास भुगतने का आदेश दिया है। दोषी ने अदालत में जुर्माना जमा करा दिया।
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सरायअकिल कोतवाली पुलिस ने वर्ष 1997 में गोविंदपुरी निवासी मंजीत उर्फ बबलू से अवैध तमंचा बरामद किया था। मामले में आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद 27 साल से अदालत में मुकदमा चलता रहा, लेकिन इस बीच सरायअकिल पुलिस आरोपी के खिलाफ साक्ष्य नहीं प्रस्तुत कर सकी। इससे परेशान आरोपी ने शनिवार को अपर सिविल जज की अदालत में अपना जुर्म कबूल कर सजा सुनाने की अपील की। कोर्ट ने आरोपी को एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। शनिवार शाम आरोपी ने आदेशित धनराशि कोर्ट में जमा करा दिया है।
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अवैध तमंचा रखने के दोषी पर लगा एक हजार अर्थदंड
अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम फरहा नाज परवीन ने अवैध तमंचा रखने के आरोपी को जुर्म कबूल करने पर एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। करारी कोतवाली पुलिस ने वर्ष 2008 में भटवरिया निवासी रामलाल पासी के कब्जे से अवैध तमंचा बरामद कर आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। 16 वर्ष बीतने के बाद भी करारी पुलिस आरोपी के खिलाफ गवाही कराने में असफल रही। आरोपी ने शनिवार को अदालत में जुर्म कबूल कर सजा सुनाने की अपील की। इस पर कोर्ट ने आरोपी को एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है। शनिवार शाम आरोपी ने धनराशि कोर्ट में जमा करा दी।
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