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स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से हुई व्यापारी की मौत

Thu, 13 Aug 2020 12:51 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2020 12:51 AM IST
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Businessman died due to negligence of health department
कोरोना से मरे चिलबिला के व्यापारी के इलाज में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई है। एंटीजन किट से जांच में उसे निगेटिव बताया गया था। आरोप है कि तीन दिनों तक अस्पताल में रखने के बाद भी इलाज करने वाले चिकित्सक ने उसकी आरटी-पीसीआर जांच नहीं कराई। तबियत अधिक खराब होने पर परिजन प्रयागराज ले गए, जहां जांच में वह पाजिटिव मिला। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। भाजयुमो अध्यक्ष रवि गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करने की बात कही है।
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नगर कोतवाली के चिलबिला के रहने वाले व्यापारी मनोज कुमार की तबियत दो अगस्त को खराब हुई। कोरोना के लक्षण देखते हुए परिवार के लोग उन्हें जिला अस्पताल ले आए। यहां डाक्टरों ने भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। हालत में सुधार न होते देख करीबी लोगों ने सीएमओ से बात की। जिसके बाद पांच अगस्त को कोरोना की जांच कराई गई। एंटीजन जांच में उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। मनोज की तबियत लगातार बिगड़ती जा रही थी। आरोप है कि जिला अस्पताल के सीनियर फिजीशियन की देखरेख में उपचार हो रहा था, लेकिन आरटी-पीसीआर जांच के लिए उनका स्वॉब नहीं भेजा गया। जबकि परिवार के लोग बराबर सीएमओ व डाक्टर से गुहार लगाते रहे। डाक्टरों ने 6 अगस्त को प्रयागराज रेफर कर दिया। अस्पताल के पर्चे पर ही कोविड जांच निगेटिव दर्शा दी गई थी। जिसे एसआरएन में डाक्टरों ने मानने से इनकार कर दिया। जिसके चलते बीमार मनोज की तबियत बिगड़ती चली जा रही थी। वहां जांच के बाद उनकी रिपोर्ट पाजिटिव आई। इलाज के दौरान मंगलवार को उनकी मौत हो गई। यह खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। आनन-फानन में परिजन व करीबी प्रयागराज रवाना हो गए। बुधवार को प्रयागराज में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। पत्नी व मां ही पीपीई किट पहनकर आखिरी दर्शन कर सकीं। भाजयुमो जिलाध्यक्ष रवि गुप्ता ने आरोप लगाया कि सीएमओ व जिला अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही से मनोज की मौत हुई है। वह प्रकरण को लेकर सीएम से मिलेंगे।
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मनोज के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। एंटीजन जांच कराई गई। जरनल आफ अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन का दावा है कि एंटीजन जांच में भले ही सभी को कोरोना वायरस के लक्षण हों, लेकिन 63 फीसदी लोगों की ही रिपोर्ट पाजिटिव आएगी।
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डा. अनिल गुुप्ता, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल
खून देकर दूसरों की जान बचाने के लिए रहते थे तैयार
शहर के चिलबिला निवासी मनोज कुमार हमेशा दूसरों की जान बचाने के लिए अपना खून देने को तैयार रहते थे। अभी 14 जून को भीषण गर्मी के बावजूद पत्नी के साथ रक्तदान किया था। जरूरतमंदों की मदद के लिए वह अपने साथियों से मिलकर खून की व्यवस्था कराते थे। उनकी मौत ने चिलबिला ही नहीं बल्कि पूरे शहर के लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
85 मरीजों के लिए पांच शौचालय
संत अंथोनी कोविड अस्पताल में कोरोना वायरस से संक्रमित करीब 85 मरीज भर्ती हैं। जिनके लिए केवल पांच शौचालय हैं। महिला व पुरुषों के साथ ही बच्चों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। हर सुबह शौचालय जाने के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ता है।

संक्रमित मरीजों के भागने की रही चर्चा
कोरोना संक्रमित चार मरीजों के कोविड अस्पताल से भागने की चर्चा रही। कोहड़ौर से मंगलवार को कुल 7 मरीज संत अंथोनी लाए गए थे। बुधवार की सुबह चार संक्रमित मरीज नहीं मिले। जिसे लेकर हल्ला मच गया कि चार मरीज भाग निकले। बाद में पता चला कि चारों मरीजों को होम आइसोलेट कर दिया गया है। यदि मरीज कोविड अस्पताल लाने के 12 घंटे के भीतर होम आइसोलेट के लिए आवेदन करता है तो उसे घर भेजने की व्यवस्था कर दी जाती है। इसके बाद मरीजों को राहत नहीं मिल सकती।
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