Pratapgarh : प्यार में ''सात समंदर पार'' से आई दुल्हन, पसंद आई भारतीय संस्कृति, रविवार को लेंगे सात फेरे
सदर विकास खंड के पूरेमाधव के रहने वाले रवि प्रकाश वर्ष 2016 में एमएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद रवि प्रकाश को असुरियन कंपनी में नौकरी मिल गई। वर्तमान में वह कंपनी के निदेशक पद पर तैनात हैं। पढ़ाई के दौरान ही उनकी मुलाकात अमेरिका के शिकागो की लॉरेन ओमहेन से हुई।
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प्यार करने वालों के लिए सरहदें मायने नहीं रखतीं। ऐसी ही प्रेम कहानी शिकागो की लॉरेन ओमहेन की है। संयुक्त राज्य अमेरिका में पढ़ाई के दौरान उनकी दोस्ती प्रतापगढ़ के रवि प्रकाश से हो गई, जो बाद में प्यार में बदल गई। और अब लॉरेन ओमहेन, रवि से शादी रचाने के लिए परिवार संग सात समंदर पार से प्रतापगढ़ आ गईं।
शनिवार को पूरे माधव सिंह गांव में धूमधाम से हल्दी की रस्म हुई। रविवार को दोनों अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लेंगे।सदर विकास खंड के पूरे माधव सिंह के रवि प्रकाश सिंह ने वर्ष 2014 में गुवाहाटी से बीटेक करने के बाद अमेरिका के जार्जिया टेक यूनिवर्सिटी में डेटा साइंस से एमएस करने के लिए दाखिला लिया। रवि के पिता रमेश प्रताप सिंह सेना से सेवानिवृत्त होकर अब गांव में ही रहते हैं।
वर्ष 2016 में एमएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद रवि प्रकाश को असुरियन कंपनी में नौकरी मिल गई। वर्तमान में वह कंपनी के निदेशक पद पर तैनात हैं। पढ़ाई के दौरान ही उनकी मुलाकात अमेरिका के शिकागो की लॉरेन ओमहेन से हुई।
पहली ही मुलाकात में दोनों ने एक-दूसरे को नंबर दिया। इसके बाद उनकी दोस्ती इतनी गहरी हुई कि दोनों ने एक दूसरे के साथ सात जन्मों के बंधन में बंधने का फैसला कर लिया। पहले तो माता-पिता उनकी शादी को राजी नहीं हुए, मगर चाचा दुर्गेश सिंह की पहल रंग लाई।
उन्होंने घर के लोगों को तैयार कर लिया।लॉरेन ओमहेन को भारतीय संस्कृति इतनी भा गई कि वह महंगे होटलों के बजाय भारतीय रीति रिवाज के साथ ब्याह रचाने के लिए मां मैरी जॉय ओमहेन और पिता बैरी ओमहेन के साथ रवि प्रकाश के गांव पूरे माधव सिंह आ गईं।
शनिवार को गांव में हल्दी की रस्म में लॉरेन ओमहेन और रवि प्रकाश तो झूमते नजर आए ही, परिजन और गांव वाले भी खुशी में मगन रहे। रविवार को गांव में ही रवि प्रकाश के घर के सामने ही भारतीय परंपरा के अनुसार दोनों परिणयसूत्र में बंधेंगे। जोर-शोर से तैयारियां जारी हैं।
विदेशी बहू ने की देशी खाने की फरमाइश
शादी रचाने के लिए अमेरिका से आई लॉरेन ओमहेन के साथ बारह लोग आए हुए हैं। सभी के लिए चाइनीज, इटैलियन और थाई व्यंजनों के इंतजाम किए जाने की तैयारी थी। मगर विदेशी बहू ने देशी व्यंजनों की फरमाइश कर दी। लिहाजा सभी लोग रोटी, दाल, चावल खा रहे हैं। रवि के चाचा दुर्गेश सिंह ने बताया कि खाने के लिए पहले पूछा गया था, मगर उन्होंने कहा कि जो सब लोग खाएंगे, वही हम भी खाएंगे। मगर खाने में दाल, चावल, रोटी जरूर होनी चाहिए।