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बेल्हा में भारत बंद का नहीं दिखा असर, खुली रही दुकानें
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पट्टी में मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपते भाकियू के कार्यकर्ता। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
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जिले में भारत बंद का कोई असर नहीं दिखा। प्रतिदिन की तरह शहर की दुकानें खुली रहीं। किसान संगठनों ने झंडा-बैनर के साथ शहर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। किसान आंदोलन का समर्थन कर रहे संगठन कृषि कानूनों को वापस लेने और विद्युत संशोधन विधेयक का विरोध कर रहे थे।
सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाला। हाथों में तख्ती, बैनर, झंडे लेकर किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए कार्यकर्ता तीनों कृषि कानूनों की वापसी, विद्युत संशोधन विधेयक वापस लेने, एमएसपी गारंटी कानून बनाने, सरकारी उपक्रमों का निजीकरण बंद करने, ठेका प्रथा पर रोक लगाने, पेट्रोलियम पदार्थों के दाम कम करने, महंगाई पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे। कचहरी में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बेचन अली ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करके सत्ता में आई और अब एमएसपी पर खरीद की गारंटी नहीं दे पा रही है।
किसान सालभर से दिल्ली बार्डर पर धरना दे रहे हैं, मगर सरकार पूंजीपतियों की गुलामी में लीन है। किसान सभा के जिला सचिव निर्भय प्रताप सिंह ने कहा कि जब तक तीनों काले कानून वापस नहीं होते तब तक किसान आंदोलन जारी रहेगा। संयुक्त किसान मोर्चा गांव गांव जाकर जन जागरण अभियान चलाकर बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी। इस मौके पर सीपीआई के जिला मंत्री रामबरन सिंह, सीपीएम के जिला मंत्री आशुतोष शुक्ल, एसयूसीआई कम्युनिस्ट के पुष्पेंद्र विश्वकर्मा और लाल बहादुर तिवारी ने किसान आंदोलन एवं भारत बंद को अपना समर्थन दिया।
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भाकियू ने निकाला जुलूस
भारत बंद के समर्थन में भा रतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाला और काले कानूनों को समाप्त करने की मांग की। कचहरी से पुलिस लाइन तिराहा होते हुए अंबेडकर चौराहे पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने किसानों के विरोध में बने तीनों काले कानूनों को समाप्त करने की मांग की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष मो. हई, अजय सरोज, आशिक अली, सईद खान, बृजेश धुरिया, राकेश गिरि, शबनम बानो, अंजुमबानो, आसमा बानो प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।
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सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाला। हाथों में तख्ती, बैनर, झंडे लेकर किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए कार्यकर्ता तीनों कृषि कानूनों की वापसी, विद्युत संशोधन विधेयक वापस लेने, एमएसपी गारंटी कानून बनाने, सरकारी उपक्रमों का निजीकरण बंद करने, ठेका प्रथा पर रोक लगाने, पेट्रोलियम पदार्थों के दाम कम करने, महंगाई पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे। कचहरी में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बेचन अली ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करके सत्ता में आई और अब एमएसपी पर खरीद की गारंटी नहीं दे पा रही है।
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किसान सालभर से दिल्ली बार्डर पर धरना दे रहे हैं, मगर सरकार पूंजीपतियों की गुलामी में लीन है। किसान सभा के जिला सचिव निर्भय प्रताप सिंह ने कहा कि जब तक तीनों काले कानून वापस नहीं होते तब तक किसान आंदोलन जारी रहेगा। संयुक्त किसान मोर्चा गांव गांव जाकर जन जागरण अभियान चलाकर बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी। इस मौके पर सीपीआई के जिला मंत्री रामबरन सिंह, सीपीएम के जिला मंत्री आशुतोष शुक्ल, एसयूसीआई कम्युनिस्ट के पुष्पेंद्र विश्वकर्मा और लाल बहादुर तिवारी ने किसान आंदोलन एवं भारत बंद को अपना समर्थन दिया।
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भाकियू ने निकाला जुलूस
भारत बंद के समर्थन में भा रतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाला और काले कानूनों को समाप्त करने की मांग की। कचहरी से पुलिस लाइन तिराहा होते हुए अंबेडकर चौराहे पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने किसानों के विरोध में बने तीनों काले कानूनों को समाप्त करने की मांग की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष मो. हई, अजय सरोज, आशिक अली, सईद खान, बृजेश धुरिया, राकेश गिरि, शबनम बानो, अंजुमबानो, आसमा बानो प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।

किसान आंदोलन के समर्थन में शहर में जुलूस निकाल कर प्रदर्शन करते भाकपा के लोग। संवाद- फोटो : PRATAPGARH