फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Ayushman Yojana: 14 lakh dues of hospitals, reluctance in treatment

आयुष्मान योजना : अस्पतालों का 14 लाख बकाया, इलाज में आनाकानी

Sun, 16 Jul 2023 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़ Updated Sun, 16 Jul 2023 11:55 PM IST
विज्ञापन
Ayushman Yojana: 14 lakh dues of hospitals, reluctance in treatment
कागजात दुरुस्त न होने से आ रही भुगतान की समस्या
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। आयुष्मान योजना के तहत नि:शुल्क इलाज करने वाले सात अस्पतालों का 14 लाख 40 हजार रुपये बकाया है। इसके चलते अब इन अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों के इलाज करने में आनाकानी की जा रही है।
जिले में 29 सरकारी और 8 निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के पैनल में हैं। प्रतिदिन इन अस्पतालों में चार-पांच मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें जनरल सर्जरी से लेकर बड़ी सर्जरी तक के मरीज शामिल हैं। अलग-अलग सर्जरी के अलग-अलग रेट भी आयुष्मान योजना में तय है।
विज्ञापन

अस्पताल संचालक इन मरीजों का ऑपरेशन तो कर दे रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग से रुपये लेने में अस्पताल संचालकों के पसीने छूट जा रहे हैं। भुगतान न होने का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। हालत यह हो गई है कि चिकित्सक इलाज में कुछ न कुछ बहाना बताकर मरीजों को लौटा दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक निजी अस्पताल संचालक ने बताया कि ऑपरेशन के बाद रुपये लेना थोड़ा कठिन है। एक भी कागजात अगर सत्यापन के दौरान छूट जा रहा है, उसमें थोड़ी सी भी गलती हो जाती है तो नए सिरे से कागजात जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती हैं। नियमानुसार 21 दिन में भुगतान हो जाना चाहिए। लेकिन 50 फीसदी मामलों में ऐसा नहीं है। एक-एक केस का तीन-चार माह बाद भुगतान हो रहा है।


क्लेम करने के 21 दिन बाद है भुगतान का नियम

आयुष्मान योजना के तहत अगर किसी मरीज का निजी अस्पतालों में इलाज होता है तो अस्पताल 21 दिन के अंदर क्लेम कर सकता है। क्लेम करने के बाद 21 दिन बाद ही भुगतान करने का नियम है। अगर 21 दिनों के अंदर कोई क्लेम नहीं करता है तो उसे भुगतान नहीं किया जाएगा।




आयुष्मान योजना का लाभ शत-प्रतिशत मरीजों को दिया जा रहा है। योजना के तहत मरीजों के इलाज में हम पहले स्थान पर हैं। अस्पताल संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि मरीज का इलाज करते समय एक-एक कागजात सही से अपलोड करें, जिससे कोई दिक्कत न हो। कागजात के चक्कर में लोगों के रुपये नहीं मिल रहे होंगे। कुछ बजट आया है अस्पताल संचालकों के खाते में भेजा जा रहा है।

डॉ. जीएम शुक्ल, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed