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आरोग्य मेला : कहीं डॉक्टर नहीं तो कहीं गेट पर ताला
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जिले के 56 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आरोग्य मेले में कहीं डॉक्टर नहीं आए तो कहीं दोपहर में ताला बंदकर घर चले गए। इलाज के लिए पहुंचे मरीज अस्पताल गेट में ताला लटकता देख लौट गए। लोगों का कहना है कि डॉक्टरों की मनमर्जी से आरोग्य मेले में मरीजों की संख्या घट रही है।
शासन ने जिले के 56 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रत्येक रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला लगाने का आदेश दिया है। मेले में एलोपैथ, होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक चिकित्सकों के साथ फार्मासिस्ट को बैठकर मरीजों का इलाज करने के लिए कहा गया है। सुबह 10 से शाम चार बजे तक मेला लगता है। इसके बावजूद जिम्मेदारों की लापरवाही से आरोग्य मेला मजाक बनकर रह गया है।
जगेशरगंज- दोपहर साढ़े 12 बजे
जगेशरगंज पीएचसी में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में दोपहर साढ़े 12 बजे फार्मासिस्ट सुरेंद्र चौधरी अकेले बैठे थे। डॉ. विकास प्रजापति नहीं आए थे। फार्मासिस्ट ने बताया कि 28 मरीजों का अबतक इलाज हो चुका है। जबकि पीएचसी पर न तो डॉक्टर दिखे और न ही मरीज। आसपास के लोगों ने बताया कि डॉक्टर के आने और जाने का समय तय नहीं है। कई मरीज तो बगैर इलाज कराए वापस लौट गए।
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सुरवामिश्रपुर- दोपहर दो बजे
सुरवा मिश्रपुर पीएचसी पर जन आरोग्य मेला दोपहर साढ़े 12 बजे समाप्त हो गया। डॉ. विकास दीप पटेल से फोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि मेरी माता जी का देहांत हो गया। मैं घर जा रहा हूं। डॉक्टर के जाते ही अन्य कर्मचारी भी अस्पताल में ताला लगाकर घर चले गए।
कुंडा - दोपहर ढाई बजे
कुंडा में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में ढाई बजे के बाद कर्मचारी ड्यूटी छोड़कर घर चले गए। कर्मचारियों की खाली कुर्सी देख इलाज कराने आने वाले मरीज वापस लौट जा रहे थे।
घुइसरनाथ धाम- दो बजे
यहां मरीजों की भीड़ नहीं थी। डॉ. रामचंद्र दो बजे तक 46 मरीजों का इलाज कर चुके थे। जो मरीज आ रहे थे उनका इलाज कर दवा दी जा रही थी।
क्या बोले मरीज
जगेशरगंज पीएचसी पर हम लोग इलाज के लिए आते हैं तो डॉक्टर नहीं मिलते हैं। फार्मासिस्ट इलाज करता है। मजबूरन में संडवाचंद्रिका सीएचसी जाना पड़ता है। रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला में चिकित्सक नहीं आए थे।
बबलू यादव, कठुआ बांसी
जगेशरगंज पीएचसी पर काफी दिन बाद डॉक्टर की नियुक्ति हुई, लेकिन वह मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में भी नहीं आते। बाकी दिन का क्या हाल होगा आप जान सकते हैं। मजबूरन में झोलाछाप से इलाज कराना पड़ता है।
प्रमोद ओझा, गोबरी।
सुरवा मिश्रपुर पीएचसी पर चिकित्सकों के आने और जाने का समय तय नहीं है। इलाज कराने आया तो ताला लटक रहा है।
संतोष पांडेय, सुरवा मिश्रपुर
मुख्यमंत्री आरोग्य मेले से किसी प्रकार का लाभ नहीं मिलता है। कभी डॉक्टर आते नहीं तो कभी जाने के लिए उनके पास बहाना तमाम रहता है। ऐसे में मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है।
संदीप तिवारी, तुलैया का पूरा।
ड्यूटी छोड़कर गायब होने वाले चिकित्सकों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में जिसकी ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें सेवा देनी होगी। रविवार को छोड़ डॉक्टर और कर्मचारी किसी दूसरे दिन अवकाश ले सकते हैं। -डॉ. जीएम शुक्ल, सीएमओ।
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शासन ने जिले के 56 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रत्येक रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला लगाने का आदेश दिया है। मेले में एलोपैथ, होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक चिकित्सकों के साथ फार्मासिस्ट को बैठकर मरीजों का इलाज करने के लिए कहा गया है। सुबह 10 से शाम चार बजे तक मेला लगता है। इसके बावजूद जिम्मेदारों की लापरवाही से आरोग्य मेला मजाक बनकर रह गया है।
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जगेशरगंज- दोपहर साढ़े 12 बजे
जगेशरगंज पीएचसी में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में दोपहर साढ़े 12 बजे फार्मासिस्ट सुरेंद्र चौधरी अकेले बैठे थे। डॉ. विकास प्रजापति नहीं आए थे। फार्मासिस्ट ने बताया कि 28 मरीजों का अबतक इलाज हो चुका है। जबकि पीएचसी पर न तो डॉक्टर दिखे और न ही मरीज। आसपास के लोगों ने बताया कि डॉक्टर के आने और जाने का समय तय नहीं है। कई मरीज तो बगैर इलाज कराए वापस लौट गए।
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सुरवामिश्रपुर- दोपहर दो बजे
सुरवा मिश्रपुर पीएचसी पर जन आरोग्य मेला दोपहर साढ़े 12 बजे समाप्त हो गया। डॉ. विकास दीप पटेल से फोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि मेरी माता जी का देहांत हो गया। मैं घर जा रहा हूं। डॉक्टर के जाते ही अन्य कर्मचारी भी अस्पताल में ताला लगाकर घर चले गए।
कुंडा - दोपहर ढाई बजे
कुंडा में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में ढाई बजे के बाद कर्मचारी ड्यूटी छोड़कर घर चले गए। कर्मचारियों की खाली कुर्सी देख इलाज कराने आने वाले मरीज वापस लौट जा रहे थे।
घुइसरनाथ धाम- दो बजे
यहां मरीजों की भीड़ नहीं थी। डॉ. रामचंद्र दो बजे तक 46 मरीजों का इलाज कर चुके थे। जो मरीज आ रहे थे उनका इलाज कर दवा दी जा रही थी।
क्या बोले मरीज
जगेशरगंज पीएचसी पर हम लोग इलाज के लिए आते हैं तो डॉक्टर नहीं मिलते हैं। फार्मासिस्ट इलाज करता है। मजबूरन में संडवाचंद्रिका सीएचसी जाना पड़ता है। रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला में चिकित्सक नहीं आए थे।
बबलू यादव, कठुआ बांसी
जगेशरगंज पीएचसी पर काफी दिन बाद डॉक्टर की नियुक्ति हुई, लेकिन वह मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में भी नहीं आते। बाकी दिन का क्या हाल होगा आप जान सकते हैं। मजबूरन में झोलाछाप से इलाज कराना पड़ता है।
प्रमोद ओझा, गोबरी।
सुरवा मिश्रपुर पीएचसी पर चिकित्सकों के आने और जाने का समय तय नहीं है। इलाज कराने आया तो ताला लटक रहा है।
संतोष पांडेय, सुरवा मिश्रपुर
मुख्यमंत्री आरोग्य मेले से किसी प्रकार का लाभ नहीं मिलता है। कभी डॉक्टर आते नहीं तो कभी जाने के लिए उनके पास बहाना तमाम रहता है। ऐसे में मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है।
संदीप तिवारी, तुलैया का पूरा।
ड्यूटी छोड़कर गायब होने वाले चिकित्सकों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में जिसकी ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें सेवा देनी होगी। रविवार को छोड़ डॉक्टर और कर्मचारी किसी दूसरे दिन अवकाश ले सकते हैं। -डॉ. जीएम शुक्ल, सीएमओ।