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जूनियर वर्ग की प्रतियोगिता में स्नातक के विद्यार्थी
Pratapgarh
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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प्रतापगढ़। जनपदीय माध्यमिक विद्यालयीय प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में स्नातक के बच्चों को उतारने पर जमकर हंगामा हुआ। निर्णायकों ने बाहरी विद्यार्थियों को बाहर नहीं किया। इससे खफा होकर अधिकतर विद्यालयों के बच्चे वापस लौट गए।
जनपदीय रैली में कक्षा छह से आठ तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए जूनियर वर्ग और कक्षा नौ से बारह तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए सीनियर वर्ग में प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। शुक्रवार को सौ मीटर की दौड़ में स्नातक के छात्रों को उतार दिया गया। इससे छोटे बच्चों की दाल ही नहीं गली। बड़े बच्चों के शामिल होने पर कुछ निर्णायकों ने उनसे उनके विद्यालय का नाम पूछा तो वे नाम तो बता दिए लेकिन शिक्षक का नाम पूछने पर नहीं बता सके। इस पर सभी लोग बाहरी खिलाड़ियों को बाहर करने की मांग करने लगे, लेकिन सदर संभाग का एक निर्णायक शिक्षकों से भिड़ गया। उनका कहना था कि अगर प्रिंसिपल बाहरी बच्चों को खेल में अपना विद्यार्थी बताकर उतारना चाहते हैं तो इसमें कोई परहेज नहीं है। इससे खफा होकर छतरपुर इंटर कालेज सहित अनेक कालेजों के बच्चों ने प्रतियोगिता का बहिष्कार कर दिया। बाहरी छात्रों के खेलने को लेकर बालिका वर्ग में भी जमकर विवाद हुआ मगर आयोजकों और निर्णायकों ने किसी की शिकायत पर गौर नहीं किया।
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जनपदीय रैली में कक्षा छह से आठ तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए जूनियर वर्ग और कक्षा नौ से बारह तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए सीनियर वर्ग में प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। शुक्रवार को सौ मीटर की दौड़ में स्नातक के छात्रों को उतार दिया गया। इससे छोटे बच्चों की दाल ही नहीं गली। बड़े बच्चों के शामिल होने पर कुछ निर्णायकों ने उनसे उनके विद्यालय का नाम पूछा तो वे नाम तो बता दिए लेकिन शिक्षक का नाम पूछने पर नहीं बता सके। इस पर सभी लोग बाहरी खिलाड़ियों को बाहर करने की मांग करने लगे, लेकिन सदर संभाग का एक निर्णायक शिक्षकों से भिड़ गया। उनका कहना था कि अगर प्रिंसिपल बाहरी बच्चों को खेल में अपना विद्यार्थी बताकर उतारना चाहते हैं तो इसमें कोई परहेज नहीं है। इससे खफा होकर छतरपुर इंटर कालेज सहित अनेक कालेजों के बच्चों ने प्रतियोगिता का बहिष्कार कर दिया। बाहरी छात्रों के खेलने को लेकर बालिका वर्ग में भी जमकर विवाद हुआ मगर आयोजकों और निर्णायकों ने किसी की शिकायत पर गौर नहीं किया।
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