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जयंती मंगला काली, भद्रकाली कपालिनी
Pratapgarh
Updated Mon, 22 Oct 2012 12:00 PM IST
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प्रतापगढ़। शारदीय नवरात्र में रविवार को देवी मां के कालरात्रि स्वरूप की पूजा हुई। मां बेल्हा देवी धाम, मां चंद्रिका देवी, वाराही देवी धाम सहित अन्य मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। शहर और ग्रामीण इलाकों मेंसजे दुर्गा पूजा पंडालों में भी लोग दिन भर दर्र्शन पूजन करते रहे।
रविवार को अवकाश होने के कारण देवी धामों में महिलाओं और पुरुषों का हुजूम उमड़ पड़ा। शहर की महिलाएं और पुरुष भोर चार बजे से ही लाइन में खडे़ हो गए थे। नवरात्र के अब दो दिन शेष होने से सुबह ग्रामीण इलाकों के भी भक्त मां के दरबार में हाजिरी लगाने लगे हैं। मां चंद्रिका देवी धाम में भोर से ही भक्त दर्शन पूजन को पहुंचने लगे। सुबह चार बजे होने वाली आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में भक्त उमड़ रहे हैं। दिन भर भारी भीड़ संभालने में पुलिस और मंदिर के पुजारी को खासी मशक्कत करनी पड़ी। चौहरजन धाम स्थित मां वाराही देवी की पूजा को दूर-दूर से भक्तों की भीड़ पहुंची।
चिलबिला स्थित हनुमान मंदिर पर सजी माता की प्रतिमा का दर्शन आसान नहीं है। गुफा से अंदर घुसने पर शेर के मुंह से अंदर जाने पर माता के दर्शन होते हैं। भगवान अर्द्धनारीश्वर बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र है। भगवान शिव के पेट में दो रुपये का सिक्का डालने पर मां पार्वती के हाथ से एक लड्डू मिलता है। माता का दर्शन करने पहुंचने वाले बच्चों और महिलाओं के लिए यह बेहद कौतूहल का विषय है। मां के चरणों में अरदास लगाने वाला भक्त बगैर प्रसाद लिए नहीं लौटता है।
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बेल्हा देवी धाम में सप्तमी पर मुंडन और कर्णछेदन के साथ ही सगाई का कार्यक्रम हुआ। मुख्य पुजारी राजा पंडा के मुताबिक प्रतिदिन सैकड़ों लोग मनौतियां पूरी होने पर बच्चों का मुंडन करा रहे हैं। महिलाओं ने पूड़ी और हलवा का प्रसाद चढ़ाया।
नवरात्र प्रारंभ से ही स्नान और दान कर भक्त पुण्य अर्जित कर रहे हैं। मां बेल्हा देवी स्थित सई नदी में स्नान कर लोग जहां पूजा अर्चना कर रहे हैं वहीं भैरोपुर में रिक्शा चालकों को दोपहर में भोजन कराया जा रहा है।
गड़वारा, बाबूगंज और गौरबारी, किठावर बाजार के अलावा शिवाला और गौराडांड मोड़ पर माताजी की प्रतिमा स्थापित कर लोग पूजा अर्चना कर रहे हैं। गौराडांड मोड़ स्थित माता की विशाल प्रतिमा का दर्शन करने के लिए भक्तों का सैलाब देर शाम तक जमा रहता है। शनिवार शाम विशेष पूजा अर्चना में अमर बहादुर सिंह, बसंत सिंह, गणेश सिंह, राजेंद्र शुक्ल, दिनेश सिंह, रण सिंह, इंद्रसेन सिंह ने व्यवस्था संभाली।
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रविवार को अवकाश होने के कारण देवी धामों में महिलाओं और पुरुषों का हुजूम उमड़ पड़ा। शहर की महिलाएं और पुरुष भोर चार बजे से ही लाइन में खडे़ हो गए थे। नवरात्र के अब दो दिन शेष होने से सुबह ग्रामीण इलाकों के भी भक्त मां के दरबार में हाजिरी लगाने लगे हैं। मां चंद्रिका देवी धाम में भोर से ही भक्त दर्शन पूजन को पहुंचने लगे। सुबह चार बजे होने वाली आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में भक्त उमड़ रहे हैं। दिन भर भारी भीड़ संभालने में पुलिस और मंदिर के पुजारी को खासी मशक्कत करनी पड़ी। चौहरजन धाम स्थित मां वाराही देवी की पूजा को दूर-दूर से भक्तों की भीड़ पहुंची।
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चिलबिला स्थित हनुमान मंदिर पर सजी माता की प्रतिमा का दर्शन आसान नहीं है। गुफा से अंदर घुसने पर शेर के मुंह से अंदर जाने पर माता के दर्शन होते हैं। भगवान अर्द्धनारीश्वर बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र है। भगवान शिव के पेट में दो रुपये का सिक्का डालने पर मां पार्वती के हाथ से एक लड्डू मिलता है। माता का दर्शन करने पहुंचने वाले बच्चों और महिलाओं के लिए यह बेहद कौतूहल का विषय है। मां के चरणों में अरदास लगाने वाला भक्त बगैर प्रसाद लिए नहीं लौटता है।
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बेल्हा देवी धाम में सप्तमी पर मुंडन और कर्णछेदन के साथ ही सगाई का कार्यक्रम हुआ। मुख्य पुजारी राजा पंडा के मुताबिक प्रतिदिन सैकड़ों लोग मनौतियां पूरी होने पर बच्चों का मुंडन करा रहे हैं। महिलाओं ने पूड़ी और हलवा का प्रसाद चढ़ाया।
नवरात्र प्रारंभ से ही स्नान और दान कर भक्त पुण्य अर्जित कर रहे हैं। मां बेल्हा देवी स्थित सई नदी में स्नान कर लोग जहां पूजा अर्चना कर रहे हैं वहीं भैरोपुर में रिक्शा चालकों को दोपहर में भोजन कराया जा रहा है।
गड़वारा, बाबूगंज और गौरबारी, किठावर बाजार के अलावा शिवाला और गौराडांड मोड़ पर माताजी की प्रतिमा स्थापित कर लोग पूजा अर्चना कर रहे हैं। गौराडांड मोड़ स्थित माता की विशाल प्रतिमा का दर्शन करने के लिए भक्तों का सैलाब देर शाम तक जमा रहता है। शनिवार शाम विशेष पूजा अर्चना में अमर बहादुर सिंह, बसंत सिंह, गणेश सिंह, राजेंद्र शुक्ल, दिनेश सिंह, रण सिंह, इंद्रसेन सिंह ने व्यवस्था संभाली।