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कैमरे में कैद हुई कुते, जंगली बिल्ली की तस्वीरे, ग्रामीणों में दहशत
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फोटो- 47, 48
कैमरे में कैद हुई कुत्ते, जंगली बिल्ली की तस्वीरें, ग्रामीणों में दहशत
तीन दिन तक लखनऊ की टीम गांव में रहकर करेगी कांबिंग
अमर उजाला ब्यूरो
कुंडा। तेंदुए की खोज में लगाए गए कैमरों में सिर्फ कुत्ते, बिल्ली और जंगली बिल्ली की फोटो कैद हुई है। इससे टीम को निराशा हाथ लगी है। हालांकि अभी भी लखनऊ कानपुर की टीम तेंदुए की तलाश में जुटी हुई है। अभी टीम तीन दिन तक रहकर अगल-बगल के गांवों में निगरानी करेगी। गुरुवार को टीम ने एक कैमरे का स्थान बदला बाकी के कैमरे पूर्ववत लगे रहे। फिलहाल ग्रामीणों में तेंदुए को लेकर दहशत है। उधर वन विभाग के रेंजर गांव में गुरुवार को भी नहीं आए।
कुंडा के शहाबपुर में नौ अप्रैल को तेंदुए की धमक से लोग खौफजदा हो गए थे। गांव के सुरेश चंद्र शुक्ला पुत्र दुर्गा प्रसाद शुक्ला की गोशाला में बंधी एक गाय को तेंदुआ खा गया था। सुबह इसकी जानकारी होने पर गांव में हड़कंप मच गया। पंजों के निशान से तेंदुए की पुष्टि हुई तो इलाहाबाद से कंजरवेटर, जिले से डीएफओ सहित वन विभाग के तमाम लोग मौके पर पहुंच गए थे। इसके साथ ही दो जगह पिंजरा भी लगवाया गया था। फिलहाल इससे कोई उपलब्धि नहीं मिली। रात में वन विभाग के लोग गांव से चले भी गए थे। रात में फिर से तेंदुआ देखा गया। सुबह जानकारी हुई तो कानपुर के डा.नासिर को बुलाया गया। डा. नासिर ने गांव में 10 कैमरे लगाए। इसकी खासियत थी। इसके 12 मीटर की दूरी से गुजरने वाले हर जीव की फोटो स्वयं ले लेता है। गुुरुवार को सुबह कैमरे की फोटो चेक की गई तो उसमें कुत्ते, जंगली बिल्ली की ही फोटो मिली। हालांकि डा. नासिर पंजों के निशान को तेंदुए का ही मान रहे हैं। उनका मानना है कि तेंदुआ कहीं आसपास ही है। वह काफी होशियार जीव होता है। लोगों की हलचल को देखकर अपना स्थान भी बदलता रहता है। फिलहाल उन्होंने गुरुवार को फिर से कैमरे लगाए। एक कैमरे का स्थान बदला गया। गांव में एक वन दरोगा सहित दो वनकर्मी की ड्यूटी लगी है। कुंडा रेंजर गुरुवार को गांव ही नहीं आए। टीम अभी तीन दिन तक गांव में रहकर तेंदुए की निगरानी करेगी।
इनसेट
मरणासन्न स्थिति में पहुंच गया था पिंजरे में बांधा गया कुत्ता
कुंडा। शहाबपुर गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे में कुत्ता बांधा गया था। 18 घंटे बंधे होने के बाद भी उसे न तो कुछ खाने को दिया गया और न ही पीने को। इससे वह मरणासन्न स्थिति में पहुंच गया। दोपहर बाद ग्रामीणेां केा याद आया तो वह उसे पानी पिलाने पहुंचे। हालांकि कुत्ते की देखभाल सहित उसके खाने पीने की व्यवस्था वन विभाग करता है लेकिन इस मामले में वन विभाग लापरवाह बना हुआ है।
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फोटो- 45
आग लगने से गृहस्थी व गेहूं की फसल जली
बाबागंज (ब्यूरो)। महेशगंज थाना क्षेत्र के चिरई लालमन रामनगर निवासी मिठ्ठू सरोज के घर पर बुधवार की रात अज्ञात कारणों से आग लग गई। उसका छप्पर जल गया और गृहस्थी भी जलकर राख हो गई। सुबह घटना की जानकारी पर ग्राम प्रधान अमित शुक्ला बब्बू पहुंचे और पीड़ित की आर्थिक सहायता करते हुए तहसील प्रशासन से सहायता दिलाए जाने की मांग की। उधर संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के चौरंग गांव निवासी अमरनाथ पटेल के खेत में गुरुवार की दोपहर अचानक आग लग गई। शोर शराबे पर भारी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। इस दौरान काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। इस दौरान एक बीघा फसल जलकर राख हो गई। इस दौरान ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी तो मौके पर गाड़ी पहुंची। तब तक आग बुझ चुकी थी।
फोटो- 46
सेवानिवृत्त शिक्षकों को नम आंखों से दी गई विदाई
बाबागंज (ब्यूरो)। बीडी इंटरमीडिएट कालेज पूरे बुद्धीधर में सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य विमल सिंह, व्यायाम शिक्षक राम प्यारे शुक्ल, सुरेंद्रधर द्विवेदी तथा भगवति देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पूरे बुद्धि के अनुचर छोटे लाल नाईं, बुधराम को स्मृति चिन्ह देकर प्रबंध निदेशक डा. विनय कुमार द्विवेदी ने सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक शिक्षक जमीन में पड़ी मिट्टी को उठाकर सुराही का रूप देने का कार्य करता है। सेवानिवृत्त होने के बाद उसकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। इस दौरान विद्यालय के नये प्रधानाचार्य देवेंद्र मणि तिवारी को बनाया गया। कार्यक्रम में बुद्धिधर शिक्षण संस्थान की संरक्षिका अर्चना द्विवेदी, पूर्व प्रधानाचार्य विद्यासागर पांडेय, राकेश धर द्विवेदी, उमाशंकर, रामेश्वर प्रसाद मिश्र, केके पांडेय आदि लोग मौजूद रहे।
कैमरे में कैद हुई कुत्ते, जंगली बिल्ली की तस्वीरें, ग्रामीणों में दहशत
तीन दिन तक लखनऊ की टीम गांव में रहकर करेगी कांबिंग
अमर उजाला ब्यूरो
कुंडा। तेंदुए की खोज में लगाए गए कैमरों में सिर्फ कुत्ते, बिल्ली और जंगली बिल्ली की फोटो कैद हुई है। इससे टीम को निराशा हाथ लगी है। हालांकि अभी भी लखनऊ कानपुर की टीम तेंदुए की तलाश में जुटी हुई है। अभी टीम तीन दिन तक रहकर अगल-बगल के गांवों में निगरानी करेगी। गुरुवार को टीम ने एक कैमरे का स्थान बदला बाकी के कैमरे पूर्ववत लगे रहे। फिलहाल ग्रामीणों में तेंदुए को लेकर दहशत है। उधर वन विभाग के रेंजर गांव में गुरुवार को भी नहीं आए।
कुंडा के शहाबपुर में नौ अप्रैल को तेंदुए की धमक से लोग खौफजदा हो गए थे। गांव के सुरेश चंद्र शुक्ला पुत्र दुर्गा प्रसाद शुक्ला की गोशाला में बंधी एक गाय को तेंदुआ खा गया था। सुबह इसकी जानकारी होने पर गांव में हड़कंप मच गया। पंजों के निशान से तेंदुए की पुष्टि हुई तो इलाहाबाद से कंजरवेटर, जिले से डीएफओ सहित वन विभाग के तमाम लोग मौके पर पहुंच गए थे। इसके साथ ही दो जगह पिंजरा भी लगवाया गया था। फिलहाल इससे कोई उपलब्धि नहीं मिली। रात में वन विभाग के लोग गांव से चले भी गए थे। रात में फिर से तेंदुआ देखा गया। सुबह जानकारी हुई तो कानपुर के डा.नासिर को बुलाया गया। डा. नासिर ने गांव में 10 कैमरे लगाए। इसकी खासियत थी। इसके 12 मीटर की दूरी से गुजरने वाले हर जीव की फोटो स्वयं ले लेता है। गुुरुवार को सुबह कैमरे की फोटो चेक की गई तो उसमें कुत्ते, जंगली बिल्ली की ही फोटो मिली। हालांकि डा. नासिर पंजों के निशान को तेंदुए का ही मान रहे हैं। उनका मानना है कि तेंदुआ कहीं आसपास ही है। वह काफी होशियार जीव होता है। लोगों की हलचल को देखकर अपना स्थान भी बदलता रहता है। फिलहाल उन्होंने गुरुवार को फिर से कैमरे लगाए। एक कैमरे का स्थान बदला गया। गांव में एक वन दरोगा सहित दो वनकर्मी की ड्यूटी लगी है। कुंडा रेंजर गुरुवार को गांव ही नहीं आए। टीम अभी तीन दिन तक गांव में रहकर तेंदुए की निगरानी करेगी।
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मरणासन्न स्थिति में पहुंच गया था पिंजरे में बांधा गया कुत्ता
कुंडा। शहाबपुर गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे में कुत्ता बांधा गया था। 18 घंटे बंधे होने के बाद भी उसे न तो कुछ खाने को दिया गया और न ही पीने को। इससे वह मरणासन्न स्थिति में पहुंच गया। दोपहर बाद ग्रामीणेां केा याद आया तो वह उसे पानी पिलाने पहुंचे। हालांकि कुत्ते की देखभाल सहित उसके खाने पीने की व्यवस्था वन विभाग करता है लेकिन इस मामले में वन विभाग लापरवाह बना हुआ है।
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फोटो- 45
आग लगने से गृहस्थी व गेहूं की फसल जली
बाबागंज (ब्यूरो)। महेशगंज थाना क्षेत्र के चिरई लालमन रामनगर निवासी मिठ्ठू सरोज के घर पर बुधवार की रात अज्ञात कारणों से आग लग गई। उसका छप्पर जल गया और गृहस्थी भी जलकर राख हो गई। सुबह घटना की जानकारी पर ग्राम प्रधान अमित शुक्ला बब्बू पहुंचे और पीड़ित की आर्थिक सहायता करते हुए तहसील प्रशासन से सहायता दिलाए जाने की मांग की। उधर संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के चौरंग गांव निवासी अमरनाथ पटेल के खेत में गुरुवार की दोपहर अचानक आग लग गई। शोर शराबे पर भारी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। इस दौरान काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। इस दौरान एक बीघा फसल जलकर राख हो गई। इस दौरान ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी तो मौके पर गाड़ी पहुंची। तब तक आग बुझ चुकी थी।
फोटो- 46
सेवानिवृत्त शिक्षकों को नम आंखों से दी गई विदाई
बाबागंज (ब्यूरो)। बीडी इंटरमीडिएट कालेज पूरे बुद्धीधर में सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य विमल सिंह, व्यायाम शिक्षक राम प्यारे शुक्ल, सुरेंद्रधर द्विवेदी तथा भगवति देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पूरे बुद्धि के अनुचर छोटे लाल नाईं, बुधराम को स्मृति चिन्ह देकर प्रबंध निदेशक डा. विनय कुमार द्विवेदी ने सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक शिक्षक जमीन में पड़ी मिट्टी को उठाकर सुराही का रूप देने का कार्य करता है। सेवानिवृत्त होने के बाद उसकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। इस दौरान विद्यालय के नये प्रधानाचार्य देवेंद्र मणि तिवारी को बनाया गया। कार्यक्रम में बुद्धिधर शिक्षण संस्थान की संरक्षिका अर्चना द्विवेदी, पूर्व प्रधानाचार्य विद्यासागर पांडेय, राकेश धर द्विवेदी, उमाशंकर, रामेश्वर प्रसाद मिश्र, केके पांडेय आदि लोग मौजूद रहे।