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गठबंधन, न बाहरी, पार्टी कार्यकर्ता को मिल सकता है टिकट
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गठबंधन न बाहरी, कार्यकर्ता को मिल सकता है टिकट
भाजपा के टिकट को लेकर दावेदारों में बढ़ी बेचैनी
क्षत्रिय और पिछड़े वर्ग के प्रत्याशी पर खेल सकती है दांव, शनिवार को हो सकता है प्रत्याशी का एलान
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया में महज चार दिन ही शेष रह गया है लेकिन अभी तक भाजपा ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। भाजपा के प्रत्याशी को लेकर सियासी दलों के साथ ही मतदाताओं की नजरें टिकी हुई हैं। टिकट को लेकर माह भर से चल रही उथल-पुथल का अभी तक अंत नहीं हुआ है। टिकट के दावेदारों ने दिल्ली में डेरा डाल रखा है, मगर अभी तक प्रत्याशियों की घोषणा नहीं होने से कयास लगाया जा रहा है कि पार्टी अब न तो किसी से गठबंधन करने की फिराक में और न ही बाहरी प्रत्याशी को मैदान में उतारने का इरादा है, बल्कि जिले के नेताओं को ही टिकट देने का मन बना चुकी है। इस बात का दावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय कर चुके हैं। यह भी संभावना जताई जा रही है कि पिछड़ी जाति और क्षत्रिय पर ही पार्टी दांव लगाएगी।
प्रतापगढ़ लोकसभा संसदीय सीट के लिए नामांकन प्रक्रिया 16 अप्रैल से प्रारंभ होगी। मतलब नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए मात्र चार दिन बचे हुए हैं। मगर भाजपा अभी तक अपना प्रत्याशी तय नहीं कर पाई है। प्रतापगढ़ संसदीय सीट पर पहले गठबंधन प्रत्याशी को मैदान में उतारने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं थी। मगर कौशांबी संसदीय सीट से भाजपा ने निवर्तमान सांसद विनोद सोनकर को अपना प्रत्याशी घोषित करके चर्चाओं पर विराम लगा दिया। प्रतापगढ़ संसदीय सीट पर प्रत्याशी घोषित करने को लेकर पार्टी हाईकमान अभी तक कोई फैसला नहीं कर पाई है। फिलहाल टिकट के दावेदारों को यह संकेत मिल गए हैं कि उनका प्रयास और दावे सभी बेकार हैं। टिकट को लेकर तरह-तरह के हथकंडे अपनाने वाले प्रत्याशियों में अधिकांश थककर अपनी दावेदारी छोड़ चुके हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने मंगलवार को रानीगंज तहसील में एक कार्यक्रम में दावा किया था, अब न गठबंधन और न बाहरी बल्कि जिले के नेता या कार्यकर्ता को टिकट मिलेगा। प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान से लगता है कि भाजपा किसी क्षत्रिय या पिछड़ी जाति के प्रत्याशी पर अपना दांव खेल सकती है। फिलहाल पार्टी के जानकारों का दावा है कि शनिवार को प्रत्याशी के चयन को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
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भाजपा के टिकट को लेकर दावेदारों में बढ़ी बेचैनी
क्षत्रिय और पिछड़े वर्ग के प्रत्याशी पर खेल सकती है दांव, शनिवार को हो सकता है प्रत्याशी का एलान
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया में महज चार दिन ही शेष रह गया है लेकिन अभी तक भाजपा ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। भाजपा के प्रत्याशी को लेकर सियासी दलों के साथ ही मतदाताओं की नजरें टिकी हुई हैं। टिकट को लेकर माह भर से चल रही उथल-पुथल का अभी तक अंत नहीं हुआ है। टिकट के दावेदारों ने दिल्ली में डेरा डाल रखा है, मगर अभी तक प्रत्याशियों की घोषणा नहीं होने से कयास लगाया जा रहा है कि पार्टी अब न तो किसी से गठबंधन करने की फिराक में और न ही बाहरी प्रत्याशी को मैदान में उतारने का इरादा है, बल्कि जिले के नेताओं को ही टिकट देने का मन बना चुकी है। इस बात का दावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय कर चुके हैं। यह भी संभावना जताई जा रही है कि पिछड़ी जाति और क्षत्रिय पर ही पार्टी दांव लगाएगी।
प्रतापगढ़ लोकसभा संसदीय सीट के लिए नामांकन प्रक्रिया 16 अप्रैल से प्रारंभ होगी। मतलब नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए मात्र चार दिन बचे हुए हैं। मगर भाजपा अभी तक अपना प्रत्याशी तय नहीं कर पाई है। प्रतापगढ़ संसदीय सीट पर पहले गठबंधन प्रत्याशी को मैदान में उतारने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं थी। मगर कौशांबी संसदीय सीट से भाजपा ने निवर्तमान सांसद विनोद सोनकर को अपना प्रत्याशी घोषित करके चर्चाओं पर विराम लगा दिया। प्रतापगढ़ संसदीय सीट पर प्रत्याशी घोषित करने को लेकर पार्टी हाईकमान अभी तक कोई फैसला नहीं कर पाई है। फिलहाल टिकट के दावेदारों को यह संकेत मिल गए हैं कि उनका प्रयास और दावे सभी बेकार हैं। टिकट को लेकर तरह-तरह के हथकंडे अपनाने वाले प्रत्याशियों में अधिकांश थककर अपनी दावेदारी छोड़ चुके हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने मंगलवार को रानीगंज तहसील में एक कार्यक्रम में दावा किया था, अब न गठबंधन और न बाहरी बल्कि जिले के नेता या कार्यकर्ता को टिकट मिलेगा। प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान से लगता है कि भाजपा किसी क्षत्रिय या पिछड़ी जाति के प्रत्याशी पर अपना दांव खेल सकती है। फिलहाल पार्टी के जानकारों का दावा है कि शनिवार को प्रत्याशी के चयन को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
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