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विश्व अल्जाइमर डे: जीवनशैली में बदलाव और योग से मिलेगी भूलने की बीमारी से मुक्ति
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पीलीभीत। हर साल 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया जाता है। अल्जाइमर यानी कि भूलने की बीमारी। ध्यान और योग से इस बीमारी से निजात मिल सकती है। भूलना कई तरह से होता है- जैसे कहीं पर कुछ रखकर भूल जाना या कुछ देर पहले कही बात को भूल जाना आदि। पहले लोग इसे सामान्य समझकर ध्यान नहीं देते हैं। मगर, यह बीमारी एक उम्र के बाद ज्यादा होने लगती है। उसमें चीजों को याद रखना मुश्किल होता है। बुजुर्ग इस बीमारी के ज्यादा शिकार होते हैं। मगर, आज के समय में युवा भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। कुछ वर्षों से इस बीमारी के मरीजों की संख्या में खासी बढ़ोत्तरी देखी गई है।
जनपद में अब तक अल्जाइमर बीमारी से ग्रसित 15 मरीज सामने आए हैं। इनमें सर्वाधिक शहरी क्षेत्र के लोग शामिल हैं। अल्जाइमर से पीड़ित मरीजों में दुकानदार और अधिक उम्र की गृहणी महिलाएं शामिल हैं। मनोचिकित्सक पल्लवी सक्सेना ने बताया कि भूलने की बीमारी दिमाग से जुड़ी होती है। मस्तिष्क की नसों को नुकसान पहुंचने के कारण व्यक्तियों में यह बीमारी होती है। इस बीमारी में व्यक्ति धीरे-धीरे अपनी याददाश्त खोने लगता है। अभी तक इस बीमारी का कोई सटीक इलाज नहीं मिल सका है। जीवनशैली में बदलाव करके कुछ हद तक इस बीमारी से बचा जा सकता है। बीमारी के शुरुआती लक्षणों पर लोग ध्यान नहीं देते हैं, जिससे यह बढ़ती जाती है।
ये हैं अल्जाइमर के लक्षण
रात में नींद न आना।
रखी हुई चीजों को बहुत जल्दी भूल जाना।
आंखों की रोशनी कम होने लगना।
छोटे-छोटे कामों में भी परेशानी होना।
अपने परिवार के सदस्यों को न पहचान पाना।
डिप्रेशन में रहना, डर जाना।
अल्जाइमर से बचने को ये करें उपाय
अगर किसी व्यक्ति में अल्जाइमर के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। व्यायाम करने के साथ ही उसे पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना चाहिए। अधिक से अधिक लोगों से मिलना जुलना चाहिए, ताकि डिप्रेशन न हो। घर के लोगों को ज्यादा संपर्क में रहना चाहिए ताकि उनके चेहरे पहचानने में परेशानी न हो।
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जनपद में अब तक अल्जाइमर बीमारी से ग्रसित 15 मरीज सामने आए हैं। इनमें सर्वाधिक शहरी क्षेत्र के लोग शामिल हैं। अल्जाइमर से पीड़ित मरीजों में दुकानदार और अधिक उम्र की गृहणी महिलाएं शामिल हैं। मनोचिकित्सक पल्लवी सक्सेना ने बताया कि भूलने की बीमारी दिमाग से जुड़ी होती है। मस्तिष्क की नसों को नुकसान पहुंचने के कारण व्यक्तियों में यह बीमारी होती है। इस बीमारी में व्यक्ति धीरे-धीरे अपनी याददाश्त खोने लगता है। अभी तक इस बीमारी का कोई सटीक इलाज नहीं मिल सका है। जीवनशैली में बदलाव करके कुछ हद तक इस बीमारी से बचा जा सकता है। बीमारी के शुरुआती लक्षणों पर लोग ध्यान नहीं देते हैं, जिससे यह बढ़ती जाती है।
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ये हैं अल्जाइमर के लक्षण
रात में नींद न आना।
रखी हुई चीजों को बहुत जल्दी भूल जाना।
आंखों की रोशनी कम होने लगना।
छोटे-छोटे कामों में भी परेशानी होना।
अपने परिवार के सदस्यों को न पहचान पाना।
डिप्रेशन में रहना, डर जाना।
अल्जाइमर से बचने को ये करें उपाय
अगर किसी व्यक्ति में अल्जाइमर के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। व्यायाम करने के साथ ही उसे पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना चाहिए। अधिक से अधिक लोगों से मिलना जुलना चाहिए, ताकि डिप्रेशन न हो। घर के लोगों को ज्यादा संपर्क में रहना चाहिए ताकि उनके चेहरे पहचानने में परेशानी न हो।
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