फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Women disabled child born in the hospital !

महिला अस्पताल में जन्मा विकलांग बच्चा!

Wed, 02 Dec 2015 10:34 PM IST
plibhit
plibhit Updated Wed, 02 Dec 2015 10:34 PM IST
विज्ञापन
Women disabled child born in the hospital !

तीन दिसंबर को विकलांग दिवस है। इस दिन विकलांगता को दूर करने को तमाम कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, वहीं इसकी पूर्व संध्या पर महिला अस्पताल में जन्मे एक विकलांग बच्चे के जीवन से जमकर खिलवाड़ किया गया। महिला अस्पताल में जन्मे इस नवजात बच्चे को 24 घंटे बाद भी डॉक्टरों ने तवज्जो नहीं दी। नवजात बच्चे के पिता ने सीएमओ से शिकायत कर बच्चे के पोलियोग्रस्त होने की आशंका जताई है।

विज्ञापन

अमरिया ब्लाक के गांव बहरूआ रानी कालोनी निवासी किरन हलधर ने अपनी गर्भवती पत्नी शिखा हलधर को प्रसव पीड़ा के चलते 30 नवंबर को महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। महिला ने एक दिसंबर की सुबह एक बच्चे को जन्म दिया। कुछ देर बाद ही बच्चे के पिता की नजर नवजात बच्चे के दाएं पैर पर पड़ी, तो उसने पैर को मुड़ा होना पाया। जिसकी सूचना उसने तत्काल वहां मौजूद स्टाफ को दी। आरोप है कि सूचना के बावजूद स्टाफ नर्स को छोड़कर कोई भी डॉक्टर उसके बच्चे को देखने नहीं आया। इधर, मंगलवार को भी किसी डॉक्टर के न आने पर पीड़ित किरन ने मामले की शिकायत सीएमओ से की। सीएमओ को सौंपे पत्र में उसने कहा कि डिलीवरी के बाद कोई भी डॉक्टर उसकी पत्नी व बच्चे को देखने नहीं पहुंचा। आरोप है कि मौजूद स्टॉफ ने उस बच्चे को प्राइवेट अस्पताल ले जाने को कहा। किरन ने नवजात बच्चे को पोलियोग्रस्त होने की संभावना जताई है।
विज्ञापन

इस संबंध में सीएमएस डॉ. अनीता चौरसिया ने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. टीपी राठौर कोर्ट केस व अन्य विभागीय कार्य के चलते बाहर गए हुए हैं। जन्मजात विकृति (कंजाइनल एबनार्मलबिलिटी) के चलते ऐसे लक्षण देखने को मिलते हैं। फिलहाल उसका उपचार किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


24 घंटे बाद भी नहीं दी सूचना
यदि किसी नवजात शिशु में जन्म के समय से ही विकलांगता लक्षण होते हैं तो इसकी सूचना विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्थानीय अधिकारियों समेत महकमे के अन्य उच्चाधिकारियों को दी जानी चाहिए, लेकिन महिला अस्पताल द्वारा ऐसा नहीं किया गया।


बच्चे के बारे में डॉ. अनीता चौरसिया से जानकारी की गई है। यूट्रस में बच्चे के एक ही स्थिति में लगातार होने के कारण भी ऐसा हो जाता है। बच्चे के पैर का करेक्टिव प्लाटर किया जाएगा। बच्चे में पोलियोग्रस्त होने की फिलहाल आशंका नहीं लग रही है।
डॉ. ओपी सिंह, सीएमओ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed