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Pilibhit News: मुसीबत की बारिश, कलेक्ट्रेट तक पहुंचा पानी, सड़कें और दुकानें भी डूबीं
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शहर में कलक्ट्रेट मार्ग पर दुकानों के बाहर भरा पानी। संवाद
अधिवक्ताओं के चैंबर भी प्रभावित, अधिवक्ता और वादकारी पानी में घुसकर पहुंचे
पीलीभीत। जिले में लगातार हो रही बारिश में बढ़े जलस्तर ने अब शहर की व्यवस्थाओं को भी बेपटरी करना शुरू कर दिया है। यह लोगों के लिए राहत के बजाय मुसीबत बन गई है। शहर के कई हिस्सों में जलभराव के बाद अब पानी कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंच गया है।
पीलीभीत-टनकपुर मेन हाईवे से कलेक्ट्रेट और विकास भवन जाने वाले मुख्य मार्ग पर काफी पानी भर गया है। कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ताओं के कई दर्जन चैंबर पूरी तरह पानी में डूब गए। चैंबरों में पानी भरने से अधिवक्ताओं को कामकाज करने में दिक्कत हो रही है। जरूरी दस्तावेज और सामान खराब होने का खतरा भी बना हुआ है।
कलेक्ट्रेट जैसे जिले के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र में पानी पहुंचने से शहर में जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। बुधवार को कचहरी आने वाले अधिवक्ताओं, वादकारियों और आम लोगों को पानी में घुसकर ही कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंचना पड़ा। मुख्य मार्ग पर जगह-जगह पानी जमा होने के कारण पैदल आने-जाने वालों को काफी परेशानी हुई। कई लोगों को पानी से बचते हुए किनारे-किनारे होकर परिसर में पहुंचना पड़ा।
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कलक्ट्रेट परिसर में जलभराव का सबसे ज्यादा असर अधिवक्ताओं के चैंबरों पर पड़ा है। कई दर्जन चैंबरों में पानी भर गया है। इससे अधिवक्ताओं के जरूरी कागजात, फाइलें और अन्य सामान प्रभावित होने की आशंका है। पानी बढ़ने के कारण चैंबरों में बैठकर काम करना भी मुश्किल हो गया है।
पीलीभीत-टनकपुर हाईवे पर कचहरी के पास भी भारी जलभराव हो गया है। हाईवे के किनारे पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। बारिश जारी रहने से जलभराव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। संवाद
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कई दुकानों में घुसा पानी, कारोबार प्रभावित
शहर के कई अन्य हिस्सों में भी बारिश ने मुश्किल बढ़ा दी है। निचले इलाकों में पानी भरने के साथ ही कई दुकानों में भी पानी घुस गया। इससे दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हुआ। दुकानदार सामान को पानी से बचाने के लिए उसे ऊंचाई पर रखते नजर आए। लगातार पानी जमा रहने से दुकान तक ग्राहक भी नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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सरकारी कार्यालय भी जलभराव की चपेट में
कलेक्ट्रेट के अलावा शहर के कई सरकारी कार्यालयों और प्रमुख मार्गों पर भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बारिश और नदियों के बढ़े पानी के कारण शहर के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई मोहल्लों में लोगों को घरों से निकलने के लिए जलभराव का सामना करना पड़ रहा है।
एक ओर नदियों का पानी बढ़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर लगातार बारिश से शहर के नाले और जलनिकासी के इंतजाम जवाब देते नजर आ रहे हैं। कलेक्ट्रेट परिसर तक बाढ़ का पानी पहुंचना प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती है।
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पीलीभीत। जिले में लगातार हो रही बारिश में बढ़े जलस्तर ने अब शहर की व्यवस्थाओं को भी बेपटरी करना शुरू कर दिया है। यह लोगों के लिए राहत के बजाय मुसीबत बन गई है। शहर के कई हिस्सों में जलभराव के बाद अब पानी कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंच गया है।
पीलीभीत-टनकपुर मेन हाईवे से कलेक्ट्रेट और विकास भवन जाने वाले मुख्य मार्ग पर काफी पानी भर गया है। कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ताओं के कई दर्जन चैंबर पूरी तरह पानी में डूब गए। चैंबरों में पानी भरने से अधिवक्ताओं को कामकाज करने में दिक्कत हो रही है। जरूरी दस्तावेज और सामान खराब होने का खतरा भी बना हुआ है।
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कलेक्ट्रेट जैसे जिले के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र में पानी पहुंचने से शहर में जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। बुधवार को कचहरी आने वाले अधिवक्ताओं, वादकारियों और आम लोगों को पानी में घुसकर ही कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंचना पड़ा। मुख्य मार्ग पर जगह-जगह पानी जमा होने के कारण पैदल आने-जाने वालों को काफी परेशानी हुई। कई लोगों को पानी से बचते हुए किनारे-किनारे होकर परिसर में पहुंचना पड़ा।
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कलक्ट्रेट परिसर में जलभराव का सबसे ज्यादा असर अधिवक्ताओं के चैंबरों पर पड़ा है। कई दर्जन चैंबरों में पानी भर गया है। इससे अधिवक्ताओं के जरूरी कागजात, फाइलें और अन्य सामान प्रभावित होने की आशंका है। पानी बढ़ने के कारण चैंबरों में बैठकर काम करना भी मुश्किल हो गया है।
पीलीभीत-टनकपुर हाईवे पर कचहरी के पास भी भारी जलभराव हो गया है। हाईवे के किनारे पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। बारिश जारी रहने से जलभराव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। संवाद
कई दुकानों में घुसा पानी, कारोबार प्रभावित
शहर के कई अन्य हिस्सों में भी बारिश ने मुश्किल बढ़ा दी है। निचले इलाकों में पानी भरने के साथ ही कई दुकानों में भी पानी घुस गया। इससे दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हुआ। दुकानदार सामान को पानी से बचाने के लिए उसे ऊंचाई पर रखते नजर आए। लगातार पानी जमा रहने से दुकान तक ग्राहक भी नहीं पहुंच पा रहे हैं।
सरकारी कार्यालय भी जलभराव की चपेट में
कलेक्ट्रेट के अलावा शहर के कई सरकारी कार्यालयों और प्रमुख मार्गों पर भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बारिश और नदियों के बढ़े पानी के कारण शहर के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई मोहल्लों में लोगों को घरों से निकलने के लिए जलभराव का सामना करना पड़ रहा है।
एक ओर नदियों का पानी बढ़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर लगातार बारिश से शहर के नाले और जलनिकासी के इंतजाम जवाब देते नजर आ रहे हैं। कलेक्ट्रेट परिसर तक बाढ़ का पानी पहुंचना प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती है।

शहर में कलक्ट्रेट मार्ग पर दुकानों के बाहर भरा पानी। संवाद