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पहली किस्त के उपभोग बिना कैसे जारी हुई दूसरी किस्त
पीलीभीत, ब्यूरो
Updated Sat, 10 Sep 2016 12:11 AM IST
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शिकायत के बाद रोजगार सेवक की पत्नी के खाते में पहुंची इंदिरा आवास की धनराशि का ड्राफ्ट बैंक कर्मचारियों ने परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के नाम बनवा लिया है। एक किस्त की धनराशि का उपभोग किए बगैर दूसरी किस्त की धनराशि कैसे जारी हुई। धनराशि रोजगार सेवक की पत्नी के खाते में कैसे पहुंची। आदि सवाल लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
ग्राम पंचायत माधोटांडा निवासी रामभजन की पत्नी पार्वती देवी के नाम इंदिरा आवास स्वीकृत हुआ था। आवास को पहली किस्त और पहली किस्त का उपभोग किए बगैर दूसरी किस्त भी जारी कर दी गई। यहीं नहीं दोनों किस्तों की धनराशि रोजगार सेवक की पत्नी के खाते में पहुंच गई। लाभार्थी की शिकायत पर विकास विभाग के अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में खंड विकास अधिकारी कार्यालय से स्टेट बैंक माधोटांडा शाखा प्रबंधक को पत्र जारी कर धनराशि त्रृटिवश कृष्ण कुमार की पत्नी सावित्री देवी के खाते में पहुंचने का हवाला देकर सत्तर हजार रुपये का बैंक ड्राफ्ट परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के नाम से बनवाकर कार्यालय भिजवाने का अग्रह किया गया। बैंक शाखा के अफसरों ने सावित्री देवी के खाते में गलत ढंग से पहुंची धनराशि का बैंक ड्राफ्ट तैयार करवा लिया है। उधर, पहली किस्त का उपभोग किए बिना दूसरी किस्त कैसे जारी हो गई। रोजगार सेवक के खाते में धनराशि कैसे पहुंची। लाभार्थी की जगह रोजगार सेवक की पत्नी का खाता नंबर किसकी लापरवाही से दिया गया आदि की जांच होना अभी बाकी है। सूत्रों का कहना है कि अगर इसकी बारीकी से जांच की जाए तो कईयों की गर्दन इसमे फंस सकती है।
खंड विकास अधिकारी सतीश पांडेय ने बताया कि ड्राफ्ट अभी ब्लाक कार्यालय में प्राप्त नहीं हुआ है। पूरे मामले में उच्च अफसरोें से मार्ग दर्शन लेकर कार्रवाई की जाएगी।
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ऐसे स्वीकृत होती है आवास की दूसरी किस्त
पूरनपुर। आवास स्वीकृत होने के बाद पहली किस्त लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है। पहली किस्त का उपभोग और कराए गए निर्माण कार्य की फोटो रिकार्ड में लगाने के बाद ग्राम पंचायत सचिव की संस्तुति पर दूसरी किस्त जारी कराई जाती है।
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ग्राम पंचायत माधोटांडा निवासी रामभजन की पत्नी पार्वती देवी के नाम इंदिरा आवास स्वीकृत हुआ था। आवास को पहली किस्त और पहली किस्त का उपभोग किए बगैर दूसरी किस्त भी जारी कर दी गई। यहीं नहीं दोनों किस्तों की धनराशि रोजगार सेवक की पत्नी के खाते में पहुंच गई। लाभार्थी की शिकायत पर विकास विभाग के अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में खंड विकास अधिकारी कार्यालय से स्टेट बैंक माधोटांडा शाखा प्रबंधक को पत्र जारी कर धनराशि त्रृटिवश कृष्ण कुमार की पत्नी सावित्री देवी के खाते में पहुंचने का हवाला देकर सत्तर हजार रुपये का बैंक ड्राफ्ट परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के नाम से बनवाकर कार्यालय भिजवाने का अग्रह किया गया। बैंक शाखा के अफसरों ने सावित्री देवी के खाते में गलत ढंग से पहुंची धनराशि का बैंक ड्राफ्ट तैयार करवा लिया है। उधर, पहली किस्त का उपभोग किए बिना दूसरी किस्त कैसे जारी हो गई। रोजगार सेवक के खाते में धनराशि कैसे पहुंची। लाभार्थी की जगह रोजगार सेवक की पत्नी का खाता नंबर किसकी लापरवाही से दिया गया आदि की जांच होना अभी बाकी है। सूत्रों का कहना है कि अगर इसकी बारीकी से जांच की जाए तो कईयों की गर्दन इसमे फंस सकती है।
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खंड विकास अधिकारी सतीश पांडेय ने बताया कि ड्राफ्ट अभी ब्लाक कार्यालय में प्राप्त नहीं हुआ है। पूरे मामले में उच्च अफसरोें से मार्ग दर्शन लेकर कार्रवाई की जाएगी।
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ऐसे स्वीकृत होती है आवास की दूसरी किस्त
पूरनपुर। आवास स्वीकृत होने के बाद पहली किस्त लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है। पहली किस्त का उपभोग और कराए गए निर्माण कार्य की फोटो रिकार्ड में लगाने के बाद ग्राम पंचायत सचिव की संस्तुति पर दूसरी किस्त जारी कराई जाती है।