फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   wildlife

हाथी का दूसरा साथी भी निकला उत्पाती

Mon, 22 Jul 2019 02:04 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jul 2019 02:04 AM IST
विज्ञापन
wildlife
elephent - फोटो : amar ujala
गुलाबटांडा/माधोटांडा। ट्रैंक्युलाइज कर टाइगर रिजर्व में छोड़े गए दो नेपाली हाथियों में से एक तो शारदा नदी पार कर नेपाल की तरफ निकल गया है, जबकि उत्तराखंड के सुरई रेंज के जंगल में मौजूद उसका साथी भटक कर मौनीगुलड़िया गांव की ओर आ गया है। इससे एक बार फिर लोगों में दहशत है। इस हाथी ने रविवार को करीब एक बीघा धान की फसल उजाड़ दी। गांव वालों ने शोर मचाया तो हाथी फैजुल्लागंज जंगल की ओर चला गया। हालांकि अभी किसी बस्ती में नहीं घुसा है। सुरई रेंज से हाथी के आने की सूचना से अफसरों में खलबली है। मौके पर पहुंचे अफसरों ने पगचिह्न ट्रेस कर कांबिंग शुरू कर दी है।
विज्ञापन

एक माह पूर्व नेपाल की शुक्लाफांटा सेंच्युरी से निकले दो हाथी विभाग के लिए सिरदर्द बन गए थे। चार जिलों की सीमा में उत्पात मचाने के बाद गुरुवार को रामपुर की सीमा में हाथियों को ट्रैंक्युलाइज कर टाइगर रिजर्व के जंगल में छोड़ दिया गया था। छोड़ने में की गई जल्दबाजी का नतीजा यह निकला कि दोनों हाथी एक दूसरे से बिछड़ गए। एक रमनगरा में उत्पात मचाने लगा तो दूसरा सुरई रेंज के जगंल की ओर चला गया। रमनगरा में उत्पात मचा रहे हाथी को बंगाल की टीम ने वन विभाग के संयुक्त प्रयास से शारदा नदी के पार कर गुन्हान के रास्ते नेपाल की ओर खदेड़ दिया। इधर, अफसरों ने कुछ राहत महसूस की ही थी कि रविवार सुबह सुरई रेंज के जंगल में भटककर दूसरा हाथी रविवार सुबह करीब साढ़े चार बजे बराही रेंज के जंगल क्षेत्र के रास्ते मैनीगुलड़िया गांव की सीमा में पहुंच गया। यहां किसान कैलाश की एक बीघा धान की फसल को तहस-नहस कर दिया। इसके बाद हाथी बराही रेंज के फैजुल्लागंज जंगल की ओर निकल गया। इधर, ग्रामीणों से सूचना मिलते ही अफसर सतर्क हो गए। मौके पर पहुंचकर हाथी के पगचिह्न ट्रेस करने के साथ ही निगरानी शुरू की। हाथी की लोकेशन ट्रेस करने के लिए पांच टीमों को अलग-अलग क्षेत्र में लगाया गया है। फिलहाल शाम तक हाथी की वर्तमान लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी थी।
विज्ञापन


सतर्क न होते ग्रामीण तो आबादी में घुस जाता हाथी
पीलीभीत। जंगल से निकलकर मैनीगुलड़िया गांव की सीमा में पहुंचे हाथी ने किसान कैलाश की फसल को उजाड़ दिया। कुछ दूरी पर ही आबादी बसी हुई है। पहले से ही सतर्क ग्रामीण आहट होते ही घर से बाहर निकले। हाथी पर नजर पड़ते ही दहशत फैल गई। जिसके बाद जस्सा सिंह, टीटू समेत ग्रामीणों ने शोर शराबा व अन्य प्रयास किए। जिसपर हाथी आबादी की ओर न आकर पाला सिंह के झाले के निकट से होते हुए फैजुल्लागंज के जंगल क्षेत्र की ओर निकल गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


सप्त सरोवर के पास भी मिले पगचिह्न
आबादी क्षेत्र में हाथी की दस्तक की सूचना मिलते के बाद आनन फानन में अफसर मौके पर पहुंच गए और निगरानी शुरू की। इसके बाद ग्रामीण यह भी चर्चा कर रहे थे कि शारदा नदी के पार आगे की ओर निकला हाथी ही तो कहीं वापस न आ गया हो, जिसपर अफसरो ने अलग अलग टीमों को लगाकर लोकेशन ट्रेस की। जिसपर हाथी के पगचिह्न शारदा डैम के निकट जंगल क्षेत्र में स्थित सप्त सरोवर इलाके में भी मिले हैं।

दो दिन से सुरई रेंज में नहीं मिल रही थी हाथी की लोकेशन
ट्रैंक्युलाइज करने के बाद महोफ के जंगल में छोड़े गए दोनों हाथी एक दूसरे से बिछड़ गए। जिसके बाद एक हाथी सुरई रेंज के जंगल क्षेत्र की ओर निकल गया। इसके बाद से ही वन विभाग की टीम निगरानी में जुट गई। लगातार हाथी की लोकेशन ट्रेस होती रही, लेकिन दो दिन पूर्व से शारदा डैम के किनारे पहुंचे हाथी दलदल होने के चलते पुन: जंगल क्षेत्र की ओर पहुंच गया। इसके बाद से हाथी की कोई लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी। खटीमा वन प्रभाग के एसडीओ बाबू लाल ने बताया कि बारिश के चलते दो दिन पूर्व से हाथी को लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी थी।

दुधवा के हाथियों की ली जा रही मदद
नेपाली उत्पाती हाथी को वापस भेजने के लिए विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। एक हाथी को बमुश्किल नदी के पार खदेड़ दिया गया था। आबादी क्षेत्र में पहुंचने के चलते दुधवा से तीन हाथी भी मंगवा लिए गए। इधर दूसरे हाथी के आबादी क्षेत्र में पहुंचने की सूचना के बाद दुधवा के हाथियों को फैजुल्लागंज क्षेत्र में बुलवा लिया गया। जिसके बाद हाथियों की भी मदद ली जा रही है।


सुरई रेंज के जंगल क्षेत्र से दूसरा हाथी बराही रेंज की सीमा में पहुंच गया है। जंगल से सटे ग्राम मैनीगुलड़िया के खेतों में पगचिह्न मिलने के बाद निगरानी शुरू कर दी गई है। फैजुल्लागंज जंगल क्षेत्र में भी पगचिह्न मिले है। पांच टीमों को लगाकर हाथी की लोकेशन ट्रेस कराई जा रही है। हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
- वजीर हसन, रेंजर, बराही
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed