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दोपहर में खिली रही धूप, मगर गलन कम नहीं हो सकी
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पीलीभीत। बादल और कोहरे के बाद धूप तो निकली, लेकिन असरदार नहीं रही। आठ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही बर्फीली हवा से गलन बनी रही। इससे लोग धूप में भी ठिठुरते रहे। दिन भर मौसम का उतार-चढ़ाव बना रहा। बीच-बीच में बादलों के बीच सूर्यदेव की लुकाछिपी रही।
पिछले दो दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ था। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी से ठंड की वापसी हो गई थी। एक दिन पूर्व बृहस्पतिवार को तो दिन भर बादल छाए रहे थे और सूर्यदेव के दर्शन भी नहीं हो सके थे। शुक्रवार सुबह भी मौसम सर्द रहा। घने बादलों के बीच कोहरा छाया रहा। बर्फीली हवा चलती रही। इससे ठंडक बरकरार रही। लोगों को धूप निकलने की कम ही उम्मीद थी, मगर दोपहर 12 बजे कुछ राहत हुई। सूर्यदेव ने दर्शन दिए और फिर धूप खिल गई। धूप तो निकल आई, लेकिन सर्दी कम नहीं हो सकी। हवा के असर के कारण गलन बनी रही। लोग गर्म कपड़ों के सहारे बचाव करते हुए काम को घरों से निकले। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में भी फिलहाल सर्दी से निजात मिलती नहीं दिखाई दे रही है। इसी तरह से मौसम का उतार-चढ़ाव बना रहने की उम्मीद विशेषज्ञ भी जता रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतनी होगी। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रमाकांत सागर का कहना है कि खानपान और गर्म कपड़ों की अनदेखी से मौसम बीमार भी कर सकता है।
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पिछले दो दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ था। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी से ठंड की वापसी हो गई थी। एक दिन पूर्व बृहस्पतिवार को तो दिन भर बादल छाए रहे थे और सूर्यदेव के दर्शन भी नहीं हो सके थे। शुक्रवार सुबह भी मौसम सर्द रहा। घने बादलों के बीच कोहरा छाया रहा। बर्फीली हवा चलती रही। इससे ठंडक बरकरार रही। लोगों को धूप निकलने की कम ही उम्मीद थी, मगर दोपहर 12 बजे कुछ राहत हुई। सूर्यदेव ने दर्शन दिए और फिर धूप खिल गई। धूप तो निकल आई, लेकिन सर्दी कम नहीं हो सकी। हवा के असर के कारण गलन बनी रही। लोग गर्म कपड़ों के सहारे बचाव करते हुए काम को घरों से निकले। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में भी फिलहाल सर्दी से निजात मिलती नहीं दिखाई दे रही है। इसी तरह से मौसम का उतार-चढ़ाव बना रहने की उम्मीद विशेषज्ञ भी जता रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतनी होगी। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रमाकांत सागर का कहना है कि खानपान और गर्म कपड़ों की अनदेखी से मौसम बीमार भी कर सकता है।
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