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Pilibhit News: बारिश से कई कॉलोनियों में जलभराव, घरों में लगे ताले... मगरमच्छ से लोग दहशत में
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विकास कुमार
पीलीभीत। शहर से सटे खपरैल गौटिया मार्ग पर बसी अखिलेश विहार समेत पांच कॉलोनियों में बारिश के बाद जलभराव ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जलनिकासी के लिए नाला न होने से कॉलोनियों की गलियां और रास्ते पानी से लबालब हो गए।
कई घरों के बाहर चार फुट तक पानी भरा है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अभिभावकों ने उनको स्कूल भेजना तक बंद कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से जलभराव के बीच घूम रहे मगरमच्छ से लोगों में दहशत का माहौल है।
कॉलोनीवासियों के मुताबिक, करीब दो साल से नाला निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन जलनिकासी का स्थायी विकल्प नहीं बन सका। पिछले वर्ष भी बरसात के दौरान राणा कॉलोनी, कृष्ण कॉलोनी और अखिलेश विहार में पांच से छह फुट तक पानी भर गया था। करीब दो माह तक लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी थी। इस दौरान दो लोगों की पानी में डूबने से मौत भी हुई थी और कई परिवारों को पलायन करना पड़ा था। इसके बावजूद इस बार बरसात से पहले जलनिकासी की ठोस व्यवस्था नहीं की गई।
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पिछले करीब 15 दिन से कॉलोनियों में फिर तीन से चार फुट तक पानी भरा है। इस कॉलोनी में छह हजार की आबादी रहती है। जलभराव के कारण कई परिवार घरों में ताले लगाकर सुरक्षित स्थानों पर किराये के मकानों में चले गए हैं। कॉलोनियों में कई मकानों पर लगे ताले हालात की गंभीरता बयां कर रहे हैं।
पिछले साल भी हुआ था जलभराव, फिर भी नहीं बना स्थायी विकल्प : पिछले वर्ष जलभराव के दौरान प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और छोटा नाला खुदवाकर जलनिकासी का प्रयास किया गया था, लेकिन पर्याप्त व्यवस्था न होने से समस्या दूर नहीं हुई। इस बार भी वही स्थिति सामने है। लगातार बारिश के बीच पानी बढ़ने से लोगों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है।
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कॉलोनी में जो समस्या बनी हुई है, उसका निश्चित ही समाधान कराया जाएगा। नाला बनवाने की भी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। विकास खंड स्तर पर कॉलोनीवासियों की हरसंभव मदद की जाएगी।
- सतीश प्रसाद मिश्र, सीडीओ
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कई घरों के बाहर चार फुट तक पानी भरा है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अभिभावकों ने उनको स्कूल भेजना तक बंद कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से जलभराव के बीच घूम रहे मगरमच्छ से लोगों में दहशत का माहौल है।
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कॉलोनीवासियों के मुताबिक, करीब दो साल से नाला निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन जलनिकासी का स्थायी विकल्प नहीं बन सका। पिछले वर्ष भी बरसात के दौरान राणा कॉलोनी, कृष्ण कॉलोनी और अखिलेश विहार में पांच से छह फुट तक पानी भर गया था। करीब दो माह तक लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी थी। इस दौरान दो लोगों की पानी में डूबने से मौत भी हुई थी और कई परिवारों को पलायन करना पड़ा था। इसके बावजूद इस बार बरसात से पहले जलनिकासी की ठोस व्यवस्था नहीं की गई।
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पिछले करीब 15 दिन से कॉलोनियों में फिर तीन से चार फुट तक पानी भरा है। इस कॉलोनी में छह हजार की आबादी रहती है। जलभराव के कारण कई परिवार घरों में ताले लगाकर सुरक्षित स्थानों पर किराये के मकानों में चले गए हैं। कॉलोनियों में कई मकानों पर लगे ताले हालात की गंभीरता बयां कर रहे हैं।
पिछले साल भी हुआ था जलभराव, फिर भी नहीं बना स्थायी विकल्प : पिछले वर्ष जलभराव के दौरान प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और छोटा नाला खुदवाकर जलनिकासी का प्रयास किया गया था, लेकिन पर्याप्त व्यवस्था न होने से समस्या दूर नहीं हुई। इस बार भी वही स्थिति सामने है। लगातार बारिश के बीच पानी बढ़ने से लोगों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है।
कॉलोनी में जो समस्या बनी हुई है, उसका निश्चित ही समाधान कराया जाएगा। नाला बनवाने की भी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। विकास खंड स्तर पर कॉलोनीवासियों की हरसंभव मदद की जाएगी।
- सतीश प्रसाद मिश्र, सीडीओ

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