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Pilibhit News: ग्रामीणों ने शिक्षा, चिकित्सा व अन्य विकास कार्यों की उठाई मांग

Mon, 11 May 2026 01:23 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2026 01:23 AM IST
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Villagers raised demands for education, medical care and other development works.
गांव में खुली बैठक के दौरान अ​धिकारियों को जन समस्या बताती महिला। संवाद
कलीनगर। शराब की दुकानों के विरोध को लेकर बूंदीभूड़ गांव में रविवार को संवाद करने पहुंचे अफसरों के सामने ग्रामीणों ने क्षेत्रीय समस्याएं भी रखीं। ग्रामीणों ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और रोजगार जैसी बुनियादी समस्याएं खुलकर रखीं। इस दौरान डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने भरोसा दिलाया कि गांव की समस्याओं के समाधान के लिए सभी विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचेंगे और सर्वे कराकर आवश्यक कदम उठाएंगे।
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बैठक के दौरान ग्रामीणों ने सबसे पहले गांव में बस सेवा शुरू कराने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण आवागमन की समस्या बनी रहती है। इस पर डीएम ने बॉर्डर क्षेत्र के गांवों में बस संचालन को लेकर सर्वे कराने की बात कही। बताया कि खाद लेने के लिए लोगों को पूरनपुर तक जाना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की परेशानी होती है।
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इसके अलावा गांव के हाईस्कूल को इंटर कॉलेज में उच्चीकृत कराने की मांग भी प्रमुखता से उठी। ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के लिए जंगल पार कर गभिया सहराई जाना पड़ता है। इससे खासकर छात्राओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों की मांग पर डीएम ने कहा कि स्कूल को इंटर कॉलेज में परिवर्तित कराने के प्रस्ताव पर कार्रवाई कराई जाएगी और जरूरत के अनुसार शिक्षकों की तैनाती भी की जाएगी। बैठक में उत्तराखंड को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग की समस्या भी प्रमुखता से उठाई गई।
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ग्रामीणों ने बताया कि सिंचाई विभाग की दूसरी बंधिया पर करीब 600 मीटर तक खड़ंजा न होने से लोगों को परेशानी होती है। बरसात में हालात और खराब हो जाते हैं। इस पर अधिकारियों ने समस्या के समाधान का भरोसा दिया। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। इस पर सीएमओ ने गांव में सप्ताह में तीन दिन चिकित्सक की ड्यूटी लगाने की घोषणा की। तय किया गया कि सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चिकित्सक गांव पहुंचकर मरीजों की जांच करेंगे और दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ग्रामीणों ने गांव में रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां रोजगार के साधन बेहद सीमित हैं। इस पर अधिकारियों ने संबंधित योजनाओं के माध्यम से रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने का आश्वासन दिया। संवाद
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