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Pilibhit News: मच्छरों पर दवा बेअसर, चार माह में 79 हजार लोग बुखार की चपेट में

Fri, 27 Oct 2023 11:27 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 27 Oct 2023 11:27 PM IST
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Two people sentenced to 10 years each for abetting suicide
शहर की जेपी रोड पर की जा रही फॉगिग । संवाद
सरकारी और निजी अस्पताल बुखार के मरीजों से पटे
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। नगर पालिका, नगर पंचायत और स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि मच्छरों का प्रकोप कम करने के लिए लगातार फाॅगिंग और दवा का छिड़काव किया जा रहा है। बावजूद इसके मच्छरों का प्रकोप कम नहीं हो रहा। जिले में एक जुलाई से अब तक 79 हजार लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं। इसके साथ ही यह आरोप भी लगने लगा है कि दवा के छिड़काव व फाॅगिंग के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि दवा बेअसर साबित हो रही है।
जिले में बुखार का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। शायद ही कोई ऐसा घर होगा, जिसमें बुखार का मरीज न हो। सरकारी से लेकर निजी अस्पताल तक बुखार के मरीजों से पटे हुए हैं। रोजाना किसी ने किसी की बुखार से मौत हो रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में अब तक डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई है।
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जबकि खुद विभाग मान रहा है कि एक जुलाई से अब तक जिले के 79360 लोग बुखार की चपेट में चुके हैं, जिनकी जांच कराई गई है। 4588 लोगों की जांच में 1356 लोग एनएस-1 यानी संदिग्ध डेंगू के मरीज निकले हैं। जबकि 169 लोग डेंगू के मरीज मिले। वहीं 460 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई है।
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इन सबके बीच नगर पालिका लगातार फाॅगिंग व दवा छिड़काव का दावा भी कर रही है। शहर की नगर पालिका ने अब तक पांच लाख रुपये से अधिक की रकम फाॅगिंग व दवा छिड़काव पर खर्च की है। बावजूद इसके मच्छर कम नहीं हो रहे। इसके अलावा मलेरिया विभाग, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत आदि स्तर पर भी छिड़काव किया जा रहा है, जिसका बजट अलग से खर्च हो रहा है।


मच्छरों का भी बदल रहा स्वभाव, कम हो रहा दवा का असर
रामा इंटर कॉलेज के जीव विज्ञान शिक्षक चंद्रपाल गंगवार ने बताया कि मच्छर एक ऐसा परीजीवी है, जो सबसे ज्यादा अनुकूलित होता है यानी वह हर प्रकार के वातावरण में रहने की समझ रखता है। यही वजह है कि छिड़काव और फाॅगिंग का असर मच्छरों पर कम हो रहा है। वहीं दूसरी ओर जिस तरीके से शहर की नालियों में जलभराव है, चारों ओर गंदगी फैली है, उस हिसाब से छिड़काव और फॉगिंग नहीं हो रही है। ऐसे में लोगों को खुद ही जागरूक होने की जरूरत है। वहीं डॉ. वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मच्छरों की संख्या अधिक है, लेकिन उस हिसाब से छिड़काव नहीं हो रहा है।
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लगातार दवा का छिड़काव और फॉगिंग कराई जा रही है। प्रत्येक दिन तीन से चार वार्डों में स्प्रे और फाॅगिंग की जाती है। साफ-सफाई को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

-देवेंद्र सिंह, प्रभारी ईओ
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पानी में पनपने वाले मच्छरों पर छिड़काव कर उनको मारा जा चुका था, लेकिन पिछले दिनों बारिश होेने की वजह से कई जगह जलभराव हो गया, जिससे मच्छर बढ़े हैं। नियंत्रण करने में थोड़ा समय लगेगा। जिले में लगातार दवा का छिड़काव चल रहा है।
-डॉ. पंकज द्ववेदी, जिला मलेरिया अधिकारी
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