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दो दिन बाद खुली मंडी फिर भी नहीं बढ़ी आवक
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Wed, 02 Nov 2016 10:52 PM IST
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दो दिन बाद खुली मंडी फिर भी नहीं बढ़ी आवक
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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दीपावली की दो दिन की छुट्टी के बुधवार को मंडी में खरीद हुई, लेकिन मंडी में धान की आवक काफी कम रही। हालांकि आवक कम होने से रेट में मामूली सुधार हुआ है। वहीं मंडी के सरकारी क्रय भी सूने पड़े रहे।
गोवर्धन और भैयादूज के चलते दो दिन में मंडी का कारोबार बंद रहा। हालांकि इस दौरान भी राइस मिलों पर सीधी खरीद हुई। बुधवार को मंडी में पुन: खरीद शुरू हुई लेकिन आढ़तों पर पूर्व की तरह धान के ढेर नजर नहीं आए। आवक घटने से व्यापारियों ने धान के दाम बढ़ाकर लगाए जिससे 1240 रुपये तक खरीद की गई लेकिन ज्यादातर धान 1150 रुपये के आस पास बिका।
बड़ी संख्या में उत्तराखंड जा रहा धान
प्रदेश की खरीद नीति स्पष्ट न होने एवं खरीद से जुड़े विभागों की ढुलमुल नीति के चलते किसानों को धान का पूरा दाम नहीं मिल पा रहा है। वहीं पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में कमीशन खरीद के चलते धान की रेट जिले से बेहतर है। इसके चलते बड़ी मात्रा में धान उत्तराखंड जा रहा है। इस व्यवसाय के जानकारों की मानें तो 14 नवंबर (गंगा स्नान) तक जिले के अधिकांश किसान अपना धान बेच चुके होंगे।
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आंकड़ेबाजी से बढ़ेगी सरकारी खरीद
जिले में किसानों द्वारा अब तक 60-65 प्रतिशत धान की बिक्री की जा चुकी है। अब कुछ किसानों पर ही धान शेष बचा है जो एक दो हफ्ते में बिक जाएगा। इसके चलते ही मंडियों में आवक घटने लगी है लेकिन सरकारी आंकड़ेबाजी का खेल शुरू हो गया है। व्यापारियों द्वारा खरीद का स्टाक किए गए धान को क्रय केंद्रों से खरीद दिखाकर जहां लाखों के बारे न्यारे करने का काम शुरू हो गया है।
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गोवर्धन और भैयादूज के चलते दो दिन में मंडी का कारोबार बंद रहा। हालांकि इस दौरान भी राइस मिलों पर सीधी खरीद हुई। बुधवार को मंडी में पुन: खरीद शुरू हुई लेकिन आढ़तों पर पूर्व की तरह धान के ढेर नजर नहीं आए। आवक घटने से व्यापारियों ने धान के दाम बढ़ाकर लगाए जिससे 1240 रुपये तक खरीद की गई लेकिन ज्यादातर धान 1150 रुपये के आस पास बिका।
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बड़ी संख्या में उत्तराखंड जा रहा धान
प्रदेश की खरीद नीति स्पष्ट न होने एवं खरीद से जुड़े विभागों की ढुलमुल नीति के चलते किसानों को धान का पूरा दाम नहीं मिल पा रहा है। वहीं पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में कमीशन खरीद के चलते धान की रेट जिले से बेहतर है। इसके चलते बड़ी मात्रा में धान उत्तराखंड जा रहा है। इस व्यवसाय के जानकारों की मानें तो 14 नवंबर (गंगा स्नान) तक जिले के अधिकांश किसान अपना धान बेच चुके होंगे।
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आंकड़ेबाजी से बढ़ेगी सरकारी खरीद
जिले में किसानों द्वारा अब तक 60-65 प्रतिशत धान की बिक्री की जा चुकी है। अब कुछ किसानों पर ही धान शेष बचा है जो एक दो हफ्ते में बिक जाएगा। इसके चलते ही मंडियों में आवक घटने लगी है लेकिन सरकारी आंकड़ेबाजी का खेल शुरू हो गया है। व्यापारियों द्वारा खरीद का स्टाक किए गए धान को क्रय केंद्रों से खरीद दिखाकर जहां लाखों के बारे न्यारे करने का काम शुरू हो गया है।