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Pilibhit News: आवास न मिलने से परेशान परिवार तहसील परिसर में भूख हड़ताल पर बैठा
Sat, 11 Jan 2025 03:55 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 11 Jan 2025 03:55 PM IST
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बीसलपुर तहसील परिसर में धरने पर बैठा परिवार।संवाद
- फोटो : संवाद
बीसलपुर। गांव जल्लापुर के एक परिवार ने प्रधानमंत्री आवास के बदले 30 हजार रुपये सुविधा शुल्क मांगे जाने से परेशान होकर शुक्रवार से तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है।
गांव जल्लापुर निवासी श्यामाचरण ने बताया कि वह काफी गरीब हैं। घर छप्परनुमा है, जो बारिश में पूरी तरह टपकता है। उसने प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी से प्रधानमंत्री आवास दिलाने को कहा तो उससे 30 हजार रुपये सुविधा शुल्क मांगा गया। उसने गरीबी का हवाला देते हुए सुविधा शुल्क देने में असमर्थता जता दी। इसको लेकर श्यामाचरण शुक्रवार से तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। हड़ताल पर श्यामाचरण के अलावा उनकी पत्नी खुशबू देवी, पुत्र दिनेश और हर्षित बैठे हैं। खुशबू देवी की गोद में उसकी दो माह की नवजात पुत्री भी है।
भूख हड़ताल पर बैठने से पहले श्यामचरण ने एसडीएम कार्यालय में इस संबंध में प्रार्थना पत्र भी दिया है। प्रार्थना पत्र में उसने प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा आवास दिलाने के एवज में 30 हजार रुपये सुविधा शुल्क मांगे जाने का आरोप लगाया गया है। यह भी आरोप लगाया कि प्रधान और पंचायत सचिव ने गांव के कई अपात्रों से सुविधा शुल्क लेकर आवास दिए हैं।
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इस बाबत एसडीएम नागेंद्र पांडेय ने बताया कि बीडीओ से मामले की जांच करवाई जाएगी। जांच में यदि श्यामाचरण पात्र पाया गया, तो उसे आवास भी दिलवाया जाएगा।
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गांव जल्लापुर निवासी श्यामाचरण ने बताया कि वह काफी गरीब हैं। घर छप्परनुमा है, जो बारिश में पूरी तरह टपकता है। उसने प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी से प्रधानमंत्री आवास दिलाने को कहा तो उससे 30 हजार रुपये सुविधा शुल्क मांगा गया। उसने गरीबी का हवाला देते हुए सुविधा शुल्क देने में असमर्थता जता दी। इसको लेकर श्यामाचरण शुक्रवार से तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। हड़ताल पर श्यामाचरण के अलावा उनकी पत्नी खुशबू देवी, पुत्र दिनेश और हर्षित बैठे हैं। खुशबू देवी की गोद में उसकी दो माह की नवजात पुत्री भी है।
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भूख हड़ताल पर बैठने से पहले श्यामचरण ने एसडीएम कार्यालय में इस संबंध में प्रार्थना पत्र भी दिया है। प्रार्थना पत्र में उसने प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा आवास दिलाने के एवज में 30 हजार रुपये सुविधा शुल्क मांगे जाने का आरोप लगाया गया है। यह भी आरोप लगाया कि प्रधान और पंचायत सचिव ने गांव के कई अपात्रों से सुविधा शुल्क लेकर आवास दिए हैं।
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इस बाबत एसडीएम नागेंद्र पांडेय ने बताया कि बीडीओ से मामले की जांच करवाई जाएगी। जांच में यदि श्यामाचरण पात्र पाया गया, तो उसे आवास भी दिलवाया जाएगा।

पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में मरीज देखते चिकित्सक।संवाद- फोटो : संवाद

पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में मरीज देखते चिकित्सक।संवाद- फोटो : संवाद