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जिले भर में परंपरागत ढंग से मनाया नागपंचमी पर्व
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Fri, 28 Jul 2017 10:35 PM IST
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नागपंचमी
- फोटो : अमर उजाला
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सपेरों ने लोगों को कराए नागदेवता के दर्शन
जिले भर में शुक्रवार को नागपंचमी का त्योहार परंपरागत ढंग से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने मंदिरों और मठों पर दूध चढ़ाया व मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना की। इस मौके पर सपेरों ने लोगों को नागदेवता के दर्शन कराए।
शहर में शुक्रवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिरों में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना की। मंदिरों से लौटने के बाद शेष बचे दूध को घरों व प्रतिष्ठानों में छिड़ककर मनौती मांगी। वहीं ग्रामीण अंचलों में अधिकांश घरों में गोबर के सांप बनाकर विधिवत ढंग से पूजा अर्चना की गई।
पूरनपुर। नगर सहित क्षेत्र में नागपंचमी का पर्व मनाया गया। श्रद्धालुओं ने शिवालयों में पहुंचकर दूध चढ़ाया। बचे दूूध का घरों में छिड़काव किया गया। पर्व को लेकर नगर के देवीस्थान मंदिर में श्रद्धालुओं खासी भीड़ रही। खाकी बाबा की मजार पर भी कई श्रद्धालुओं ने पहुंचकर दूध चढ़ाया। जगह-जगह मेले लगे।
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अमरैयाकलां। गांव के देवीस्थान मंदिर परिसर में नागपंचमी को लेकर मेला लगा। सर्पदंश का शिकार हुए लोगों को उपचार के समय लगाए गए बंधों से बैगियों ने मुक्त कराया। मेला में दंगल प्रतियोगिता हुई। इसमें गांव के हरीश कुशवाहा ने खाता के सौरभ को और गांव के ही मुकेश कुमार ने सुखदासपुर के अमन यादव को पटखनी दी। इसके अलावा हरीपुर के धर्मवीर तथा अमरैयाकलां के धर्मपाल की कुश्ती बराबर पर छूटी।
बीसलपुर। नगर समेत पूरे तहसील क्षेत्र में नागपंचमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने घरों की दीवारों पर गोबर से नाग की आकृतियां बनाई और उन पर दूध का छिड़काव किया। श्रद्धालुओं ने शिव मंदिरों में पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगी। श्रद्धालुओं ने सपेरों द्वारा लाए गए नागों के दर्शन किया। श्रद्धालुओं ने घरों के चारों ओर दूध का छिड़काव किया। गांव बौनी में सर्पदंश का इलाज करने वाले लोगों ने पीड़ितों के बंध काटे। गांव बौनी में यह सिलसिला दिन भर चलता रहा। दरअसल गांव बौनी में सर्पदंश का इलाज करने वाले 50 से अधिक लोग हैं। इस गांव में सर्पदंश का इलाज करने वाले लोगों ने परंपरागत नगाही खेल का भी प्रदर्शन किया। गांव ढकिया रंजीत में इस मौके पर मेले का भी आयोजन हुआ। जिसमें लगे खेल तमाशे व दुकानें लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।
चुर्रासकतपुर। कस्बे के अलावा गांव जल्लापुर व सिसैइया जलालपुर में सर्पदंश का इलाज करने वाले लोगों ने पीड़ितों के बंध काटे। इन गांवों में मेले भी लगे।
बिलसंडा। नगर समेत क्षेत्र में नागपंचमी पर्व परंपरागत ढंग से मनाया गया। ग्रामीण अंचलों में मेले लगे। वहीं बैगियों ने सर्पदंश से पीड़ितों की झाडफ़ूंक की।
जमुनिया। क्षेत्र में नागपंचमी पर्व परंपरागत ढंग से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने जंगल स्थित शिव मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना की।
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जिले भर में शुक्रवार को नागपंचमी का त्योहार परंपरागत ढंग से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने मंदिरों और मठों पर दूध चढ़ाया व मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना की। इस मौके पर सपेरों ने लोगों को नागदेवता के दर्शन कराए।
शहर में शुक्रवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिरों में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना की। मंदिरों से लौटने के बाद शेष बचे दूध को घरों व प्रतिष्ठानों में छिड़ककर मनौती मांगी। वहीं ग्रामीण अंचलों में अधिकांश घरों में गोबर के सांप बनाकर विधिवत ढंग से पूजा अर्चना की गई।
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पूरनपुर। नगर सहित क्षेत्र में नागपंचमी का पर्व मनाया गया। श्रद्धालुओं ने शिवालयों में पहुंचकर दूध चढ़ाया। बचे दूूध का घरों में छिड़काव किया गया। पर्व को लेकर नगर के देवीस्थान मंदिर में श्रद्धालुओं खासी भीड़ रही। खाकी बाबा की मजार पर भी कई श्रद्धालुओं ने पहुंचकर दूध चढ़ाया। जगह-जगह मेले लगे।
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अमरैयाकलां। गांव के देवीस्थान मंदिर परिसर में नागपंचमी को लेकर मेला लगा। सर्पदंश का शिकार हुए लोगों को उपचार के समय लगाए गए बंधों से बैगियों ने मुक्त कराया। मेला में दंगल प्रतियोगिता हुई। इसमें गांव के हरीश कुशवाहा ने खाता के सौरभ को और गांव के ही मुकेश कुमार ने सुखदासपुर के अमन यादव को पटखनी दी। इसके अलावा हरीपुर के धर्मवीर तथा अमरैयाकलां के धर्मपाल की कुश्ती बराबर पर छूटी।
बीसलपुर। नगर समेत पूरे तहसील क्षेत्र में नागपंचमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने घरों की दीवारों पर गोबर से नाग की आकृतियां बनाई और उन पर दूध का छिड़काव किया। श्रद्धालुओं ने शिव मंदिरों में पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगी। श्रद्धालुओं ने सपेरों द्वारा लाए गए नागों के दर्शन किया। श्रद्धालुओं ने घरों के चारों ओर दूध का छिड़काव किया। गांव बौनी में सर्पदंश का इलाज करने वाले लोगों ने पीड़ितों के बंध काटे। गांव बौनी में यह सिलसिला दिन भर चलता रहा। दरअसल गांव बौनी में सर्पदंश का इलाज करने वाले 50 से अधिक लोग हैं। इस गांव में सर्पदंश का इलाज करने वाले लोगों ने परंपरागत नगाही खेल का भी प्रदर्शन किया। गांव ढकिया रंजीत में इस मौके पर मेले का भी आयोजन हुआ। जिसमें लगे खेल तमाशे व दुकानें लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।
चुर्रासकतपुर। कस्बे के अलावा गांव जल्लापुर व सिसैइया जलालपुर में सर्पदंश का इलाज करने वाले लोगों ने पीड़ितों के बंध काटे। इन गांवों में मेले भी लगे।
बिलसंडा। नगर समेत क्षेत्र में नागपंचमी पर्व परंपरागत ढंग से मनाया गया। ग्रामीण अंचलों में मेले लगे। वहीं बैगियों ने सर्पदंश से पीड़ितों की झाडफ़ूंक की।
जमुनिया। क्षेत्र में नागपंचमी पर्व परंपरागत ढंग से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने जंगल स्थित शिव मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना की।