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Pilibhit News: बाघ के खौफ में खेतों की ओर नहीं गए ग्रामीण
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पीलीभीत। न्यूरिया के गांव टांडा बिजैसी में राजमिस्त्री गोकुल मलिक को बाघ ने हमला कर मार डाला था। इसके बाद से गांव में दहशत फैली हुई है। घटना के दूसरे दिन मंगलवार को गांव में सन्नाटा पसरा रहा। किसान खेतों पर नहीं गए। वन विभाग का दावा है कि सोमवार रात से मंगलवार शाम तक घटनास्थल और उसके आसपास बाघ की लोकेशन नहीं मिली है। हालांकि निगरानी कार्य जारी है।
गोकुल मलिक पर रविवार रात बाघ ने हमला किया था। सोमवार को गन्ने के खेत में उनका अधखाया शव मिला था। ग्रामीणों के आक्रोश पर अफसरों ने पिंजड़ा लगाकर बाघ को पकड़ने का लिखित आश्वासन दिया था। वन विभाग और डब्ल्यूटीआई की ओर से घटनास्थल के आसपास छह कैमरे लगाए गए ताकि बाघ की चहलकदमी का पता चल सके।
इस घटना के बाद से ग्रामीणों में बाघ की दहशत बरकरार है। दहशतजदा ग्रामीण खेतों पर भी नहीं जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ आसपास ही ईख में छिपा हो सकता है। ऐसे में खेतों पर जाना खतरे से खाली नहीं है। वन विभाग के अधिकारी भी बाघ को लेकर कोई दावा नहीं कर पा रहे हैं।
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खाली रहा पिंजड़ा, कैमरों में भी कैद नहीं हुआ बाघ
बाघ की निगरानी के लिए गन्ने के खेत और उसके आसपास छह कैमरे लगाए गए थे। ग्रामीणों की मांग के बाद पिंजड़ा भी लगाया गया। मंगलवार को वन दरोगा सोनी सिंह के नेतृत्व में टीम ने कैमरों को चेक किया। आसपास भी देख गया लेकिन बाघ के पगचिह्न नहीं मिले। बाघ के उत्तराखंड की ओर जाने की बात भी कही जा रही है।
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गोकुल मलिक पर रविवार रात बाघ ने हमला किया था। सोमवार को गन्ने के खेत में उनका अधखाया शव मिला था। ग्रामीणों के आक्रोश पर अफसरों ने पिंजड़ा लगाकर बाघ को पकड़ने का लिखित आश्वासन दिया था। वन विभाग और डब्ल्यूटीआई की ओर से घटनास्थल के आसपास छह कैमरे लगाए गए ताकि बाघ की चहलकदमी का पता चल सके।
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इस घटना के बाद से ग्रामीणों में बाघ की दहशत बरकरार है। दहशतजदा ग्रामीण खेतों पर भी नहीं जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ आसपास ही ईख में छिपा हो सकता है। ऐसे में खेतों पर जाना खतरे से खाली नहीं है। वन विभाग के अधिकारी भी बाघ को लेकर कोई दावा नहीं कर पा रहे हैं।
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खाली रहा पिंजड़ा, कैमरों में भी कैद नहीं हुआ बाघ
बाघ की निगरानी के लिए गन्ने के खेत और उसके आसपास छह कैमरे लगाए गए थे। ग्रामीणों की मांग के बाद पिंजड़ा भी लगाया गया। मंगलवार को वन दरोगा सोनी सिंह के नेतृत्व में टीम ने कैमरों को चेक किया। आसपास भी देख गया लेकिन बाघ के पगचिह्न नहीं मिले। बाघ के उत्तराखंड की ओर जाने की बात भी कही जा रही है।