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पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद भी बाघ की मौत का रहस्य बरकरार
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पीलीभीत। हरदोई ब्रांच नहर में मृत मिले बाघ की मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट मेें नहीं पता चल सकी है। आईवीआरआई में छह सदस्यीय पैनल द्वारा बाघ का पोस्टमार्टम किया गया। उसमें बाघ के दाएं पैर और पेट में चोट के निशान पाए गए। वन अफसर बाघ की मौत किसी वाहन के टकराने से होना मान रहे हैं। फिलहाल बाघ की मौत कैसे हुई है, यह रहस्य अभी तक बरकरार है।
पूरनपुर के घुंघचाई क्षेत्र में हरदोई ब्रांच नहर के दंदौल पुल के पास बुधवार शाम एक बाघ का शव मिला था। सूचना मिलने पर वन अफसरों ने बाघ के शव को नहर से निकाला था। उसके साथ घटनास्थल के आसपास इलाकों का भी जायजा लिया, मगर वहां बाघ की मौत से जुड़े कोई नहीं मिले। उसके बाद बाघ के शव को रात में मुख्यालय लाया गया। वन अफसरों ने मृत बाघ की उम्र छह से आठ साल के बीच बताई थी।
छह सदस्यीय पैनल ने किया पोस्टमार्टम
नहर में मिले बाघ के शव का पोस्टमार्टम बृहस्पतिवार को आईवीआरआई बरेली में किया गया। फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच राजामोहन की देखरेख में गठित छह सदस्यीय पैनल ने बाघ के शव का पोस्टमार्टम किया। पैनल में पीटीआर के फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच राजामोहन, आईवीआरआई बरेली के वैज्ञानिक और पशु चिकित्सक डॉ. एम करिकलम, डॉ. पावड़े, पीटीआर के पशु चिकित्सक डॉ. दक्ष गंगवार, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से नामित नरेश कुमार, डब्ल्यूटीआई से नामित मोनेश तोमर शामिल थे।
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मृत बाघ के शव का पोस्टमार्टम छह सदस्यीय पैनल ने किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाघ के दाएं पैर और पेट पर चोट के निशान मिले हैं। संभावना है कि सड़क हादसे में वाहन के टकराने से बाघ की मौत हुई है। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व
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पूरनपुर के घुंघचाई क्षेत्र में हरदोई ब्रांच नहर के दंदौल पुल के पास बुधवार शाम एक बाघ का शव मिला था। सूचना मिलने पर वन अफसरों ने बाघ के शव को नहर से निकाला था। उसके साथ घटनास्थल के आसपास इलाकों का भी जायजा लिया, मगर वहां बाघ की मौत से जुड़े कोई नहीं मिले। उसके बाद बाघ के शव को रात में मुख्यालय लाया गया। वन अफसरों ने मृत बाघ की उम्र छह से आठ साल के बीच बताई थी।
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छह सदस्यीय पैनल ने किया पोस्टमार्टम
नहर में मिले बाघ के शव का पोस्टमार्टम बृहस्पतिवार को आईवीआरआई बरेली में किया गया। फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच राजामोहन की देखरेख में गठित छह सदस्यीय पैनल ने बाघ के शव का पोस्टमार्टम किया। पैनल में पीटीआर के फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच राजामोहन, आईवीआरआई बरेली के वैज्ञानिक और पशु चिकित्सक डॉ. एम करिकलम, डॉ. पावड़े, पीटीआर के पशु चिकित्सक डॉ. दक्ष गंगवार, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से नामित नरेश कुमार, डब्ल्यूटीआई से नामित मोनेश तोमर शामिल थे।
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मृत बाघ के शव का पोस्टमार्टम छह सदस्यीय पैनल ने किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाघ के दाएं पैर और पेट पर चोट के निशान मिले हैं। संभावना है कि सड़क हादसे में वाहन के टकराने से बाघ की मौत हुई है। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व