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नहीं चाहिए इंसान की कीमत पर टाइगर रिजर्व

Mon, 10 Jul 2017 11:09 PM IST
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
पीलीभ्ाीत ब्यूराो Updated Mon, 10 Jul 2017 11:09 PM IST
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Tiger Reserve not at the cost of human beings
प्रदश्‍ाऱ्र्शन करते कायऱ्र्यकताऱ्र्ता
टाइगर रिजर्व को रद्द करने की मांग को लेकर भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने बारिश की परवाह किए बगैर जुलूस निकालकर नेहरू पार्क में धरना दिया। इसके बाद डीएम के माध्मय से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। जिसमें कहा गया है कि पीलीभीत को इंसानों की कीमत पर टाइगर रिजर्व नहीं चाहिए।            
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जिले में बाघ के बढ़ते हमलों को लेकर जिले की सियासत गरमाने लगी है। दो दिन पहले सपा के पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा की अगुवाई में किए गए धरना प्रदर्शन के बाद सोमवार को भाकपा (माले) कार्यकर्ता भी लामबंद हुए। बारिश की परवाह किए बगैर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भाकपा (माले) कार्यकर्ता सोमवार पार्टी के वरिष्ठ नेता अलाउद्दीन शास्त्री के नेतृत्व में जिला कार्यालय पर एकत्र हुए और वहीं से टाइगर रिजर्व के विरोध में नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में नेहरू पार्क पहुंचकर धरने पर बैठ गए। यहां हुई सभा में जिला सचिव देवाशीष राय ने कहा कि टाइगर रिजर्व में केंद्रीय मंत्री और सपा सरकार की देन है। बाघों के संरक्षण के लिए जंगल को रिजर्व तो कर दिया गया, लेकिन वह इंसानों को अपना निवाला न बनाए इसका प्रबंध नहीं किया गया। जिससे बाघ जंगल से बाहर आकर गरीब किसानों को अपना शिकार बना रहे हैं। इंसान की कीमत पर बने टाइगर रिजर्व को निरस्त कराने की मांग की गई। अलाउद्दीन शास्त्री ने कहा कि चुनाव से पूर्व भाजपा ने किसानों का कर्जा माफ करने का ऐलान किया था, लेकिन अभी तक कर्जा माफ नहीं हुआ। उन्होंने लघु और सीमांत किसानों का सभी कर्जा माफ करने की मांग की। कार्यकर्ता नेहरू पार्क में ही ज्ञापन देना चाहते थे, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी जब कोई प्रशासनिक अधिकारी उनका ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा तो सभी कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए टनकपुर रोड से होते हुए जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट जा पहुंचे। वहां पहुंच कर कार्यकर्ताओं ने किसी अधिकारी के ज्ञापन लेने न पहुंचने पर रोष जताया। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर सईद खा, देवीदयाल, मोहम्मद उमर, गोपाल मिश्रा, बाबूराम, नरेश कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे। 
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