{"_id":"0771a4da37a0074104c9ac9c3c9e54f3","slug":"tiger-reserve-hindi-news-2","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यटकों को मायूस कर रहा टाइगर रिजर्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यटकों को मायूस कर रहा टाइगर रिजर्व
पीलीभीत।
Updated Mon, 08 Jun 2015 10:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टाइगर रिजर्व को आज (नौ जून को) एक साल पूरा हो गया। उपलब्धि के नाम पर
विज्ञापन
अभी तक यहां एंट्री गेट व कुछ वाच टॉवरों का निर्माण ही हो पाया है। नेशनल
टाइगर रिजर्व अथारिटी (एनटीसीए) और मंत्री यहां एक फील्ड डायरेक्टर की
नियुक्ति तो दूर आईएफएस अधिकारी भी नहीं तैनात करा सके।
पीलीभीत के जंगलों को 28 फरवरी को वन्यजीव विहार घोषित किया गया और इसके बाद नौ जून को इसे टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया। इसके बाद पीलीभीत में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन एक साल में टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कोई काम नहीं हुआ। एंट्री फीस, वाहनों एवं हटों के किराए में बेतहाशा वृद्धि से आमदनी तो जरूर बढ़ा कर दोगुनी कर ली। पर सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं हुआ। आंकड़ों की बात करें तो पिछले एक साल में यहां पर्यटकों की संख्या लगभग 10 हजार रही, जबकि इससे पूर्व वर्ष 2013-14 में यह संख्या 8923 थी। वहीं आमदनी के मामले में वर्ष 2013-14 में 7.89 लाख की अपेक्षा 13.93 लाख रुपये आय हुई। वाहनों की बात करें तो वर्ष 2013-14 में 1513 वाहन चूका जंगल पहुंचे थे और टाइगर रिजर्व बनने के बाद 1672 वाहन पहुंचे।
वीआईपी की रही धमाचौकड़ी
टाइगर रिजर्व बनने के बाद आम पयर्टकों की संख्या में बढ़ोतरी भले ही नाम मात्र की हुई हो लेकिन वीआईपी का आगमन तेजी से बढ़ा है। आंकड़ों की बात करें तो स्थानीय अधिकारियों को छोड़कर इस सत्र में 16 मंत्री और लगभग इतने ही उच्चाधिकारी सहित 480 वीआईपी और 178 वाहन टाइगर रिजर्व पहुंचे।
दो बाघ समेत 18 वन्यजीवों की हुई मौत
नौ जून 2014 से आठ जून 2015 तक टाइगर रिजर्व में दो बाघों के शव मिले। इसमें एक बाघ महोफ रेंज में आपसी लड़ाई में मारा गया, जबकि दूसरे का शव अप्रैल माह में बराही रेंज में पड़ने वाली हरदोई ब्रांच में मिला था। इसके अलावा 15 हिरन के शव मिले और एक भालू की हत्या हुई।
अब तक की व्यवस्था
पक्के वाच टॉवर 3
लकड़ी के वाच टॉवर 20
आवास 5
इंट्रीगेट 2
वाचर भर्ती हुए 19
टूरिस्ट गाइड 20
00
टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद पर्यटकों को लुभाने के लिए कई काम कराए जा रहे हैं। शासन से पर्याप्त धनराशि न मिलने से काम नहीं हो सके हैं। इसे बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कैलाश प्रकाश, डीएफओ
पीलीभीत के जंगलों को 28 फरवरी को वन्यजीव विहार घोषित किया गया और इसके बाद नौ जून को इसे टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया। इसके बाद पीलीभीत में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन एक साल में टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कोई काम नहीं हुआ। एंट्री फीस, वाहनों एवं हटों के किराए में बेतहाशा वृद्धि से आमदनी तो जरूर बढ़ा कर दोगुनी कर ली। पर सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं हुआ। आंकड़ों की बात करें तो पिछले एक साल में यहां पर्यटकों की संख्या लगभग 10 हजार रही, जबकि इससे पूर्व वर्ष 2013-14 में यह संख्या 8923 थी। वहीं आमदनी के मामले में वर्ष 2013-14 में 7.89 लाख की अपेक्षा 13.93 लाख रुपये आय हुई। वाहनों की बात करें तो वर्ष 2013-14 में 1513 वाहन चूका जंगल पहुंचे थे और टाइगर रिजर्व बनने के बाद 1672 वाहन पहुंचे।
वीआईपी की रही धमाचौकड़ी
टाइगर रिजर्व बनने के बाद आम पयर्टकों की संख्या में बढ़ोतरी भले ही नाम मात्र की हुई हो लेकिन वीआईपी का आगमन तेजी से बढ़ा है। आंकड़ों की बात करें तो स्थानीय अधिकारियों को छोड़कर इस सत्र में 16 मंत्री और लगभग इतने ही उच्चाधिकारी सहित 480 वीआईपी और 178 वाहन टाइगर रिजर्व पहुंचे।
दो बाघ समेत 18 वन्यजीवों की हुई मौत
नौ जून 2014 से आठ जून 2015 तक टाइगर रिजर्व में दो बाघों के शव मिले। इसमें एक बाघ महोफ रेंज में आपसी लड़ाई में मारा गया, जबकि दूसरे का शव अप्रैल माह में बराही रेंज में पड़ने वाली हरदोई ब्रांच में मिला था। इसके अलावा 15 हिरन के शव मिले और एक भालू की हत्या हुई।
अब तक की व्यवस्था
पक्के वाच टॉवर 3
लकड़ी के वाच टॉवर 20
आवास 5
इंट्रीगेट 2
वाचर भर्ती हुए 19
टूरिस्ट गाइड 20
00
टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद पर्यटकों को लुभाने के लिए कई काम कराए जा रहे हैं। शासन से पर्याप्त धनराशि न मिलने से काम नहीं हो सके हैं। इसे बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कैलाश प्रकाश, डीएफओ