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बाघ ने गन्ने के खेत में नीलगाय को बनाया निवाला

Sun, 01 Sep 2019 12:53 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 01 Sep 2019 12:53 AM IST
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tiger
अमरिया। जंगल से बाहर रिहायशी इलाकों में बाघों की चहलकदमी रुकने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार शाम बाघ अमरिया क्षेत्र के हिमकनपुर गांव की सीमा में पहुंच गया और विश्वजीत के गन्ने के खेत में नीलगाय को निवाला बना लिया। ग्रामीण हरिओम पंडित की सूचना पर पहुंचे वनकर्मी टीका राम, नबी हुसैन, राजेंद्र सैनी ने मौका मुुआयना किया और लौट गए। नीलगाय का शव खेत में ही पड़ा होने के चलते किसानों को बाघ के दोबारा आने का डर सता रहा है।
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जिले के जंगल को टाइगर रिजर्व का दर्जा तो दे दिया गया, लेकिन संसाधनों और फील्ड स्टाफ की कमी अब तक पूरी नहीं हो सकी। वहीं अनुकूल वातावरण होने के चलते जंगल में बाघ, तेंदुए समेत वन्यजीवों की संख्या में इजाफा हो रहा है। यही वजह है कि अमरिया तहसील क्षेत्र के अंतर्गत छह साल शुरू हुई बाघों की चहलकदमी आज दहशत का पर्याय बनी हुई है। करीब सात से अधिक की संख्या में बाघ लगातार आबादी क्षेत्र में चहलकदमी कर रहे हैं। दहशत के चलते किसानों की खेती भी प्रभावित हो रही है। रेंजर सतेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि बाघ के ईख में नीलगाय का शिकार करने की सूचना मिलने पर क्षेत्रीय वनकर्मियों को मौके पर भेजा गया था। नीलगाय का शव गन्ने के खेत में पड़ा होने के चलते उसे दफनाया नहीं जा सका है। ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
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किसान की बात

वन्यजीवों का जंगल से बाहर आने का सिलसिला बढ़ रहा है। जिसके चलते आबादी क्षेत्र में खतरा बना रहता है साथ ही खेती भी प्रभावित हो रही है। इसकी रोकथाम के लिए जंगल सीमा पर तारफेंसिंग जरूरी है। - मस्सा सिंह
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