{"_id":"5d4db6dd8ebc3e6d163537c0","slug":"tiger-pilibhit-news-bly3717882190","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ ने चीतल का किया शिकार, देखकर दहशत में आए लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ ने चीतल का किया शिकार, देखकर दहशत में आए लोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गजरौला। जंगल से बाहर निकले बाघ ने शुक्रवार सुबह गजरौला क्षेत्र में माला नदी के पास चीतल को अपना शिकार बना लिया। बाघ को देख मौके पर मौजूद ग्रामीणों के पसीने छूट गए और वहां से जान बचाकर भाग खड़े हुए। इसकी सूचना मिलने पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर जा पहुंचे।
टाइगर रिजर्व की माला रेंज से सटे इलाके में बाघ की चहलकदमी जारी है। जंगल से सटे इलाके में स्थित विनौर फार्म की सीमा में अक्सर बाघ देखे जाते हैं। माला नदी के क्षेत्र में खड़ी झाड़ियां बाघ के लिए मुफीद बनी हुई हैं। शुक्रवार सुबह जंगल से बाहर निकला बाघ माला नदी की सीमा में पहुंच गया। उस वक्त गजरौला निवासी हरप्रसाद समेत कई ग्रामीण खेतों में काम कर रहे थे। इसी बीच झाड़ियों से निकले बाघ ने चीतल पर हमलाकर अपना निवाला बना लिया। ग्रामीणों को देखा तो उनके होश उड़ गए। सभी गांव की ओर दौड़ पड़े। गढ़ा बीट प्रभारी सत्यवीर संधू ने बताया कि सूचना के बाद मौका मुआयना किया गया। बरसात के चलते पगचिह्न ट्रेस नहीं हो सके है। बाघ की चहलकदमी को देखते हुए ग्रामीणों को माला नदी की ओर जाने से मना करने के साथ समूह में खेतों की ओर जाने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन
टाइगर रिजर्व की माला रेंज से सटे इलाके में बाघ की चहलकदमी जारी है। जंगल से सटे इलाके में स्थित विनौर फार्म की सीमा में अक्सर बाघ देखे जाते हैं। माला नदी के क्षेत्र में खड़ी झाड़ियां बाघ के लिए मुफीद बनी हुई हैं। शुक्रवार सुबह जंगल से बाहर निकला बाघ माला नदी की सीमा में पहुंच गया। उस वक्त गजरौला निवासी हरप्रसाद समेत कई ग्रामीण खेतों में काम कर रहे थे। इसी बीच झाड़ियों से निकले बाघ ने चीतल पर हमलाकर अपना निवाला बना लिया। ग्रामीणों को देखा तो उनके होश उड़ गए। सभी गांव की ओर दौड़ पड़े। गढ़ा बीट प्रभारी सत्यवीर संधू ने बताया कि सूचना के बाद मौका मुआयना किया गया। बरसात के चलते पगचिह्न ट्रेस नहीं हो सके है। बाघ की चहलकदमी को देखते हुए ग्रामीणों को माला नदी की ओर जाने से मना करने के साथ समूह में खेतों की ओर जाने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन