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दो जगह बाघ के पदचिह्न, बेहरी में आया फोटो
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Tue, 07 Nov 2017 11:23 PM IST
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अमरिया क्षेत्र में लगातार मिल रही बाघों की लोकेशन
अमरिया क्षेत्र में घूम रहे बाघों की चहलकदमी लगातार जारी है। गायबोझ और गजरौला फार्म के निकट बाघ के पदचिह्न मिले हैं, जबकि बेहरी क्षेत्र में लगे कैमरे में बाघ का फोटो आया है।
अमरिया क्षेत्र के विभिन्न फार्म एवं देवहा नदी किनारे कई बाघ घूम रहे हैं। मंगलवार को वन विभाग की निगरानी टीम को ग्राम गायबोझ के निकट खेतों में बाघ के पदचिह्न मिले। इसके अलावा इसी क्षेत्र के गजरौला फार्म में पुलिया के निकट स्थित पापुलर के खेत में बाघ के पदचिह्न देखे गए। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि दो अलग-अलग स्थानों पर बाघ के पदचिह्न मिले हैं, जबकि मरौरी ब्लॉक क्षेत्र में देवहा नदी किनारे पड़ने वाले गांव बेहरी के खेतों लगे कैमरों की जांच में बाघ की फोटो प्राप्त हुई हो जो रात के 2.49 मिनट पर आयी है। डीएफओ ने बताया कि अमरिया क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से बाघों का परिवार रह रहा है जो अब क्षेत्र में घूमने लगा है। इनकी लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों के अलावा टीम ने पैरीफार्म, मग्गर सिंह फार्म, दरोगा फार्म, हिमकरपुर, सूरजपुर, पंसौली, सुस्वार, जगदीशपुर, भिखारीपुर गांव में भ्रमण कर बाघ की जानकारी ली, लेकिन कहीं भी बाघ के पदचिह्न नहीं मिले।
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अमरिया क्षेत्र में घूम रहे बाघों की चहलकदमी लगातार जारी है। गायबोझ और गजरौला फार्म के निकट बाघ के पदचिह्न मिले हैं, जबकि बेहरी क्षेत्र में लगे कैमरे में बाघ का फोटो आया है।
अमरिया क्षेत्र के विभिन्न फार्म एवं देवहा नदी किनारे कई बाघ घूम रहे हैं। मंगलवार को वन विभाग की निगरानी टीम को ग्राम गायबोझ के निकट खेतों में बाघ के पदचिह्न मिले। इसके अलावा इसी क्षेत्र के गजरौला फार्म में पुलिया के निकट स्थित पापुलर के खेत में बाघ के पदचिह्न देखे गए। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि दो अलग-अलग स्थानों पर बाघ के पदचिह्न मिले हैं, जबकि मरौरी ब्लॉक क्षेत्र में देवहा नदी किनारे पड़ने वाले गांव बेहरी के खेतों लगे कैमरों की जांच में बाघ की फोटो प्राप्त हुई हो जो रात के 2.49 मिनट पर आयी है। डीएफओ ने बताया कि अमरिया क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से बाघों का परिवार रह रहा है जो अब क्षेत्र में घूमने लगा है। इनकी लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों के अलावा टीम ने पैरीफार्म, मग्गर सिंह फार्म, दरोगा फार्म, हिमकरपुर, सूरजपुर, पंसौली, सुस्वार, जगदीशपुर, भिखारीपुर गांव में भ्रमण कर बाघ की जानकारी ली, लेकिन कहीं भी बाघ के पदचिह्न नहीं मिले।
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