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कोठरी से खेत मालिक और नौकर को मारकर खींच ले गया गया बाघ
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गजरौला (पीलीभीत)। थाना गजरौला की माला रेंज की चौकी रिछोला के पास एक फार्म हाउस से 200 मीटर की दूरी पर खेत में बनी कोठरी से गुरुवार देर रात एक बाघ रजाई समेत मालिक को उठा ले गया। आहट होने पर नौकर बाहर निकला तो बाघ ने उसे भी निवाला बना डाला। इसके बाद पास के ही जंगल में घूमते वक्त बाघ को शुक्रवार दोपहर ट्रैंक्यूलाइज कर पकड़ लिया गया।
घटना में मारे गए निंदर सिंह (50) पुत्र अक्षर सिंह रिछोला फॉर्म इलाके के रहने वाले थे, जबकि उनका नौकर डोरी लाल (28) गांव ढेरम मंडरिया का था। निंदर सिंह ने अपने मकान से खेत में ही कोठरी बना रखी थी, इसमें दरवाजा भी नहीं लगा है। रोजाना की तरह निंदर सिंह और डोरी लाल इसी कोठरी पर सोए थे। कोठरी के बाहर सोते निंदर सिंह पर देर रात हमला बोलकर बाघ उन्हें रजाई समेत बिस्तर से उठा ले गया। चिल्लाने की आवाज सुनकर नौकर डोरीलाल बाहर आया तो उस पर भी बाघ ने हमला कर दिया, उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। रोजाना की तरह सुबह चार बजे जब दोनों अपने घर नहीं पहुंचे तो निंदर सिंह का छोटा बेटा हरदीप सिंह वहां पहुंचा, मगर दोनों में से कोई उसे नहीं दिखाई दिया। हरदीप सिंह ने घर जाकर जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। ग्रामीण और पुलिस की तलाश में खेत से कुछ दूरी पर डोरीलाल की लाश दिखाई पड़ी। थोड़ी देर बाद सीओ सिटी और तहसीलदार भी मौके पर आ गए। वह भी निंदर सिंह की तलाश में जुट गए। डोरीलाल के शव से दस मीटर आगे ही निंदर का शव भी मिल गया। उनका सिर अलग पड़ा था, बाघ ने गर्दन और सिर का ही मांस खाया था। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद बाघ की तलाश शुरू कर दी गई। करीब 11 बजे बाघ की तलाश शुरू की गई। डेढ़ घंटे बाद बाघ की लोकेशन घटनास्थल से थोड़ी दूर हाईवे किनारे मिली। साढ़े बजे उसे ट्रैंक्यूलाइज कर पिंजड़े में कैद करके माला रेंज कार्यालय ले जाया गया। उसे पीलीभीत से बाहर ले जाने पर मंथन किया जा रहा है।
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घटना में मारे गए निंदर सिंह (50) पुत्र अक्षर सिंह रिछोला फॉर्म इलाके के रहने वाले थे, जबकि उनका नौकर डोरी लाल (28) गांव ढेरम मंडरिया का था। निंदर सिंह ने अपने मकान से खेत में ही कोठरी बना रखी थी, इसमें दरवाजा भी नहीं लगा है। रोजाना की तरह निंदर सिंह और डोरी लाल इसी कोठरी पर सोए थे। कोठरी के बाहर सोते निंदर सिंह पर देर रात हमला बोलकर बाघ उन्हें रजाई समेत बिस्तर से उठा ले गया। चिल्लाने की आवाज सुनकर नौकर डोरीलाल बाहर आया तो उस पर भी बाघ ने हमला कर दिया, उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। रोजाना की तरह सुबह चार बजे जब दोनों अपने घर नहीं पहुंचे तो निंदर सिंह का छोटा बेटा हरदीप सिंह वहां पहुंचा, मगर दोनों में से कोई उसे नहीं दिखाई दिया। हरदीप सिंह ने घर जाकर जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। ग्रामीण और पुलिस की तलाश में खेत से कुछ दूरी पर डोरीलाल की लाश दिखाई पड़ी। थोड़ी देर बाद सीओ सिटी और तहसीलदार भी मौके पर आ गए। वह भी निंदर सिंह की तलाश में जुट गए। डोरीलाल के शव से दस मीटर आगे ही निंदर का शव भी मिल गया। उनका सिर अलग पड़ा था, बाघ ने गर्दन और सिर का ही मांस खाया था। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद बाघ की तलाश शुरू कर दी गई। करीब 11 बजे बाघ की तलाश शुरू की गई। डेढ़ घंटे बाद बाघ की लोकेशन घटनास्थल से थोड़ी दूर हाईवे किनारे मिली। साढ़े बजे उसे ट्रैंक्यूलाइज कर पिंजड़े में कैद करके माला रेंज कार्यालय ले जाया गया। उसे पीलीभीत से बाहर ले जाने पर मंथन किया जा रहा है।
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