{"_id":"67250ef1b61a8e80af0fb402","slug":"three-teenagers-ran-away-from-one-stop-center-two-recovered-one-still-missing-pilibhit-news-c-121-1-pbt1009-124901-2024-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: वन स्टॉप सेंटर से भागीं तीन किशोरियां, दो बरामद, एक की अब भी तलाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: वन स्टॉप सेंटर से भागीं तीन किशोरियां, दो बरामद, एक की अब भी तलाश
विज्ञापन
जिला अस्पताल परिसर स्थित वन स्टाॅप सेंटर की इस खिड़की की जाली तोड़कर भागी थीं किशारियां। संवा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। जिला अस्पताल में बने सखी वन स्टॉप सेंटर से बृहस्पतिवार की देर रात तीन किशोरियां खिड़की की जाली तोड़कर भाग गईं। पता चला तो सुरक्षा कर्मियों के होश उड़ गए। क्षेत्रीय पुलिस की मदद से दो किशोरियों को रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया गया। वहीं एक किशोरी की तलाश जारी है। फरार हुई किशोरी के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। घटना के बाद सीओ सिटी ने महिला थानाध्यक्ष के साथ वन स्टॉप सेंटर पहुंचकर जांच की।
सखी वन स्टाप सेंटर में बृहस्पतिवार को छह किशोरी-युवतियां थीं। सेंटर की इंचार्ज तृप्ति मिश्रा का कहना है कि बृहस्पतिवार रात सेंटर पर कांस्टेबल आराधना पांडेय के अलावा दो होमगार्ड की ड्यूटी थी। खाना खाने के बाद लड़कियों को कमरे के अंदर कर ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल आराधना पांडेय ने ताला डाल दिया।
देर रात तीन किशोरियों ने कमरे की खिड़की की जाली को सब्जी बनाने वाले बड़े चम्मच से काट दिया और भाग गईं। भागने वाली किशोरियों में एक सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के एक गांव और दूसरी बीसलपुर क्षेत्र की रहने वाली है। यह दोनों अपहरण के मुकदमे में बरामद की गईं थीं। वहीं तीसरी किशोरी बिलसंडा क्षेत्र की रहने वाली है।
विज्ञापन
काफी देर बाद कमरे में मौजूद तीन अन्य किशोरियों की आंख खुली तो घटना की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने अंदर से बंद कमरे को खोला और शोर मचाया। शोर सुनकर महिला कांस्टेबल ने ताला खोला तो उसके होश उड़ गए। तीन किशोरियों के लापता होने की सूचना से अफसरों में भी हड़कंप मच गया।
कोतवाल राजीव कुमार सिंह दलबल के साथ रात में ही मौके पर पहुंचे। तलाश करने पर दो किशोरियों को रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया गया। जबकि एक अब भी लापता है। उसके खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। शुक्रवार को सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी ने महिला थानाध्यक्ष के साथ वन स्टाॅप सेंटर पहुंचकर जांच की।
स्टाफ और बरामद किशोरियों से घटना के बारे में जानकारी की। सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी ने बताया लापता किशोरी की तलाश के लिए पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं। अफसरों के निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दो होमगार्ड के नदारद होने की बात आई सामने
वन स्टाप सेंटर में बरामद और लावारिस किशोरियों और युवतियों को न्यायालय से सुपुर्दगी का निर्णय होने तक रखा जाता है। सुरक्षा की दृष्टि से यहां पुलिस की तैनाती रहती है। बृहस्पतिवार रात एक महिला कांस्टेबल के अलावा दो होमगार्ड की ड्यूटी थी, लेकिन अफसरों की जांच में होमगार्ड जवानों के नदारद होने की बात सामने आई है। वन स्टाफ सेंटर में सिर्फ महिला कांस्टेबल आराधना पांडेय ही मौजूद थीं। अफसर घटना की जांच के बाद लापरवाही तय होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
23 अक्तूबर को वन स्टाप सेंटर भेजी गई थी फरार किशोरी
अब तक बरामद न होने वाली बिलसंडा क्षेत्र की किशोरी देहरादून में लावारिस हालत में मिली थी। उसे 23 अक्तूबर को पीलीभीत सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया गया था। किशोरी का पता तस्दीक न होने के कारण अग्रिम आदेशों तक उसे वन स्टाप सेंटर में रखने के आदेश हुए थे। सूत्रों का कहना है कि वन स्टॉप सेंटर से भागने की योजना भी उसी ने बनाई थी।
विज्ञापन
सखी वन स्टाप सेंटर में बृहस्पतिवार को छह किशोरी-युवतियां थीं। सेंटर की इंचार्ज तृप्ति मिश्रा का कहना है कि बृहस्पतिवार रात सेंटर पर कांस्टेबल आराधना पांडेय के अलावा दो होमगार्ड की ड्यूटी थी। खाना खाने के बाद लड़कियों को कमरे के अंदर कर ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल आराधना पांडेय ने ताला डाल दिया।
विज्ञापन
देर रात तीन किशोरियों ने कमरे की खिड़की की जाली को सब्जी बनाने वाले बड़े चम्मच से काट दिया और भाग गईं। भागने वाली किशोरियों में एक सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के एक गांव और दूसरी बीसलपुर क्षेत्र की रहने वाली है। यह दोनों अपहरण के मुकदमे में बरामद की गईं थीं। वहीं तीसरी किशोरी बिलसंडा क्षेत्र की रहने वाली है।
विज्ञापन
काफी देर बाद कमरे में मौजूद तीन अन्य किशोरियों की आंख खुली तो घटना की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने अंदर से बंद कमरे को खोला और शोर मचाया। शोर सुनकर महिला कांस्टेबल ने ताला खोला तो उसके होश उड़ गए। तीन किशोरियों के लापता होने की सूचना से अफसरों में भी हड़कंप मच गया।
कोतवाल राजीव कुमार सिंह दलबल के साथ रात में ही मौके पर पहुंचे। तलाश करने पर दो किशोरियों को रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया गया। जबकि एक अब भी लापता है। उसके खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। शुक्रवार को सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी ने महिला थानाध्यक्ष के साथ वन स्टाॅप सेंटर पहुंचकर जांच की।
स्टाफ और बरामद किशोरियों से घटना के बारे में जानकारी की। सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी ने बताया लापता किशोरी की तलाश के लिए पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं। अफसरों के निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दो होमगार्ड के नदारद होने की बात आई सामने
वन स्टाप सेंटर में बरामद और लावारिस किशोरियों और युवतियों को न्यायालय से सुपुर्दगी का निर्णय होने तक रखा जाता है। सुरक्षा की दृष्टि से यहां पुलिस की तैनाती रहती है। बृहस्पतिवार रात एक महिला कांस्टेबल के अलावा दो होमगार्ड की ड्यूटी थी, लेकिन अफसरों की जांच में होमगार्ड जवानों के नदारद होने की बात सामने आई है। वन स्टाफ सेंटर में सिर्फ महिला कांस्टेबल आराधना पांडेय ही मौजूद थीं। अफसर घटना की जांच के बाद लापरवाही तय होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
23 अक्तूबर को वन स्टाप सेंटर भेजी गई थी फरार किशोरी
अब तक बरामद न होने वाली बिलसंडा क्षेत्र की किशोरी देहरादून में लावारिस हालत में मिली थी। उसे 23 अक्तूबर को पीलीभीत सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया गया था। किशोरी का पता तस्दीक न होने के कारण अग्रिम आदेशों तक उसे वन स्टाप सेंटर में रखने के आदेश हुए थे। सूत्रों का कहना है कि वन स्टॉप सेंटर से भागने की योजना भी उसी ने बनाई थी।