फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   There was a scam in installing street lights in more than one hundred and fifty gram panchayats

डेढ़ सौ से ज्यादा ग्राम पंचायतों में हुआ स्ट्रीट लाइट घोटाला

Tue, 09 Aug 2022 12:40 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 09 Aug 2022 12:40 AM IST
विज्ञापन
There was a scam in installing street lights in more than one hundred and fifty gram panchayats
पीलीभीत। शासन तक शिकायत पहुंचने के बाद शुरू कराई गई स्ट्रीट लाइटों की जांच में गड़बड़ी सामने आई है। जिले की करीब डेढ़ सौ से ज्यादा ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइटें लगाने में घपला हुआ है। डीएम ने जांच रिपोर्ट पर नाराजगी जताते हुए वापस कर दी है। अब ग्राम पंचायतों और संबंधित अधिकारी के नाम के साथ रिपोर्ट मांगी है।
विज्ञापन

जिले में 720 ग्राम पंचायतें हैं। पिछले कुछ वर्षों में लगभग सभी में स्ट्रीट लाइट लगाई गईं हैं। बीसलपुर क्षेत्र की कुछ पंचायतों की शिकायत शासन तक की गई। इसमें कहा गया कि करीब 40 लाख रुपये का घपला स्ट्रीट लाइट लगाने किया गया। शासन के निर्देश पर डीएम ने जांच कराने को टीमें बनाईं। इसमें ज्यादातर ब्लॉक स्तर के अधिकारी शामिल किए गए। करीब तीन माह से ज्यादा समय में जांच हो सकी। इसमें लगभग सभी ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइटें लगाने में गड़बड़ी पाई गई।
विज्ञापन

इनकी संख्या डेढ़ सौ से ज्यादा बताई जा रही है। जांच रिपोर्ट में ग्राम पंचायतों की संख्या तो खोली गई, लेकिन उनके नाम नहीं खोले। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई और जांच रिपोर्ट संबंधित टीमों को लौटा दी। डीएम ने निर्देश दिए कि जिन पंचायतों में गड़बड़ी मिली है, उनके नाम बताए जाएं। ग्राम प्रधान और संबंधित सचिव का नाम भी रिपोर्ट में दिया जाए। संबंधित पर कार्रवाई की तैयारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गड़बड़ी दबाने में लगे ब्लॉक के अधिकारी
सूत्रों के मुताबिक शासन से तय कंपनियों के बजाय दूसरी कंपनियों की स्ट्रीट लाइट लगाई गईं, जिनकी कीमतों में करीब 30 से 30 फीसदी का अंतर है। ब्लॉक स्तर के कर्मचारी और अधिकारियों की मिलीभगत से ये लाइट लगवाई गईं। इसमें प्रधान भी शामिल है। जांच भी ब्लॉक स्तर के अधिकारियों से कराई गई। इसलिए पंचायतों के नाम खोलने से बच रहे हैं।

जांच रिपोर्ट आई है। इसमें लगभग सभी ब्लॉक में कुछ ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी की बात की गई है। रिपोर्ट में संबंधित ग्राम पंचायतों की संख्या थी, उनके नाम नहीं थे। इसलिए रिपोर्ट वापस कर दी है। ऐसी ग्राम पंचायतों और संबंधित सचिवों के नाम के साथ रिपोर्ट मांगी है। -पुलकित खरे, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed