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Pilibhit News: मानव-वन्यजीव संघर्ष में डॉक्टरों की भूमिका अहम
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मानव- वन्यजीव संघर्ष विषय पर आयोजित कार्यशाला में मौजूद चिकित्सक व अन्य। स्रोत विभाग
पीलीभीत। मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से मानव-वन्यजीव संघर्ष में डॉक्टरों की भूमिका विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की। मंगलवार को हुई कार्यशाला में चिकित्सकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा गया कि वन्यजीव हमलों में घायल लोगों के उपचार से लेकर उन्हें सरकारी सहायता और मुआवजा दिलाने तक की पूरी प्रक्रिया उनकी मेडिकल रिपोर्ट पर निर्भर करती है।
कार्यक्रम में वन्यजीव विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों ने मानव-वन्यजीव संघर्ष के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने जैव विविधता संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन व वन्यजीवों के वैज्ञानिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पीड़ितों को सहायता दिलाने में चिकित्सकों का सहयोग निर्णायक साबित होता है। वहीं उप प्रभागीय वनाधिकारी रमेश चौहान ने संघर्ष से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की जानकारी देते हुए चिकित्सकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
स्वशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के उप प्राचार्य डॉ. अरुण सिंह ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष गंभीर विषय है और चिकित्सकों को संवेदनशीलता के साथ पीड़ितों की मदद करनी चाहिए। इस दौरान वाइल्ड लाइफ बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन सोसायटी के महासचिव डॉ. अमिताभ अग्निहोत्री के अलावा सीएचसी पूरनपुर समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों ने भाग लिया। संवाद
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कार्यक्रम में वन्यजीव विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों ने मानव-वन्यजीव संघर्ष के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने जैव विविधता संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन व वन्यजीवों के वैज्ञानिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पीड़ितों को सहायता दिलाने में चिकित्सकों का सहयोग निर्णायक साबित होता है। वहीं उप प्रभागीय वनाधिकारी रमेश चौहान ने संघर्ष से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की जानकारी देते हुए चिकित्सकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
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स्वशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के उप प्राचार्य डॉ. अरुण सिंह ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष गंभीर विषय है और चिकित्सकों को संवेदनशीलता के साथ पीड़ितों की मदद करनी चाहिए। इस दौरान वाइल्ड लाइफ बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन सोसायटी के महासचिव डॉ. अमिताभ अग्निहोत्री के अलावा सीएचसी पूरनपुर समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों ने भाग लिया। संवाद
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