{"_id":"57dd42b74f1c1bd949d4982d","slug":"the-rest-of-the-villagers-the-presence-of-elephants-in-china","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथियों की मौजूदगी ने छीना गांववालों का चैन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथियों की मौजूदगी ने छीना गांववालों का चैन
अमर उजाला ब्यूरो माधोटांडा।
Updated Sat, 17 Sep 2016 11:19 PM IST
विज्ञापन
हाथ्ाी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शुक्रवार रात नौजल्हा इलाके में घुसा हाथियों का झुंड
शनिवार शाम भी डेढ़ घंटे इलाके में मौजूद रहे हाथी
शारदा नदी किनारे बसे गांवों में हाथियों के झुंड की लगातार दस्तक से गांववालों में दहशत है। शुक्रवार रात शारदा नदी से सटे लग्गा-भग्गा इलाके में हाथियों की दस्तक से नौजल्हा नंबर दो के बाशिंदे रात भर जागते रहे। उन्होंने शोर-शराबा कर हाथियों को नुकसान करने से रोका, लेकिन हाथियों का झुंड नलडेंगा इलाके में पहुंच गया। हाथियों की मौजूदगी से सीमा से सटे नेपाली क्षेत्र के लोगों में भी खासी दहशत है। इधर शनिवार शाम को भी हाथियों का झुंड शारदा नदी के किनारे देखा गया।
टाइगर रिजर्व के बराही रेंज के जंगल का लग्गाभग्गा, भूड़ा गोरखडिब्बी, रमनगरा और गुन्हान का इलाका शारदा नदी के पार है। इसके एक ओर नेपाल की शुक्ला फांटा सेंच्युरी है। सीमा के इस पार लग्गा भग्गा क्षेत्र में एक वन चौकी और एसएसबी की लग्गाभग्ग्गा वन और टू चौकी है। इस इलाके में तीन दिनों से लगातार हाथियों की आवाजाही बनी हुई है। हाथियों से खौफजदा नौजल्हा नंबर दो के ग्रामीण शाम होते ही मार्जनल बांध पर इकट्ठे हो जाते हैं। गांव वालों के मुताबिक शुक्रवार रात करीब नौ बजे हाथियों का झुंड इधर पहुंचा।
इस पर गांव वालों ने मार्जनल बांध पर आग जला दी और पटाखे दागकर शोर शराबा किया। इससे हाथियों का झुंड उस समय तो लौट गया, लेकिन डेढ़ घंटे बाद दूसरे रास्ते से नलडेंगा की ओर बढ़ गया। वहां भी ग्रामीण जाग रहे थे। उन्होंने भी शोर मचाकर हाथियों को खदेड़ा। नौजल्हा नंबर दो से सटे नोमेंस लैंड के निकट रह रहे नेपाली नागरिकों में भी हाथियों की दहशत है। इधर, शनिवार शाम करीब चार बजे हाथी फिर जंगल से निकलकर शारदा नदी किनारे आ गए। यह देख तमाम ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शोर मचाकर हाथियों को जंगल में खदेड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार शाम भी डेढ़ घंटे इलाके में मौजूद रहे हाथी
शारदा नदी किनारे बसे गांवों में हाथियों के झुंड की लगातार दस्तक से गांववालों में दहशत है। शुक्रवार रात शारदा नदी से सटे लग्गा-भग्गा इलाके में हाथियों की दस्तक से नौजल्हा नंबर दो के बाशिंदे रात भर जागते रहे। उन्होंने शोर-शराबा कर हाथियों को नुकसान करने से रोका, लेकिन हाथियों का झुंड नलडेंगा इलाके में पहुंच गया। हाथियों की मौजूदगी से सीमा से सटे नेपाली क्षेत्र के लोगों में भी खासी दहशत है। इधर शनिवार शाम को भी हाथियों का झुंड शारदा नदी के किनारे देखा गया।
टाइगर रिजर्व के बराही रेंज के जंगल का लग्गाभग्गा, भूड़ा गोरखडिब्बी, रमनगरा और गुन्हान का इलाका शारदा नदी के पार है। इसके एक ओर नेपाल की शुक्ला फांटा सेंच्युरी है। सीमा के इस पार लग्गा भग्गा क्षेत्र में एक वन चौकी और एसएसबी की लग्गाभग्ग्गा वन और टू चौकी है। इस इलाके में तीन दिनों से लगातार हाथियों की आवाजाही बनी हुई है। हाथियों से खौफजदा नौजल्हा नंबर दो के ग्रामीण शाम होते ही मार्जनल बांध पर इकट्ठे हो जाते हैं। गांव वालों के मुताबिक शुक्रवार रात करीब नौ बजे हाथियों का झुंड इधर पहुंचा।
विज्ञापन
इस पर गांव वालों ने मार्जनल बांध पर आग जला दी और पटाखे दागकर शोर शराबा किया। इससे हाथियों का झुंड उस समय तो लौट गया, लेकिन डेढ़ घंटे बाद दूसरे रास्ते से नलडेंगा की ओर बढ़ गया। वहां भी ग्रामीण जाग रहे थे। उन्होंने भी शोर मचाकर हाथियों को खदेड़ा। नौजल्हा नंबर दो से सटे नोमेंस लैंड के निकट रह रहे नेपाली नागरिकों में भी हाथियों की दहशत है। इधर, शनिवार शाम करीब चार बजे हाथी फिर जंगल से निकलकर शारदा नदी किनारे आ गए। यह देख तमाम ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शोर मचाकर हाथियों को जंगल में खदेड़ा।
विज्ञापन