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डैम के मुख्य बॉडी की पिचिंग हुई क्षतिग्रस्त

माधोटांडा। Updated Sun, 05 Jul 2015 10:37 PM IST
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The main body of the dam was damaged pitching
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करीब पौन दर्जन जनपदों के लिए जीवनदायिनी बने शारदा सागर डैम की मुख्य बॉडी की जर्जर पिचिंग मरम्मत को अभियंता पूरे वर्ष प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजते रहे, लेकिन डैम में एक ईट लगवाने को भी धेला नहीं ले सके। खास बात यह है कि शासन की सूची में डैम को संवेदनशील माना गया है।
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करीब 22 किलोमीटर लंबे शारदा सागर डैम से उन्नाव व रायबरेली तक भंडार किए गए पानी से सिंचाई होती है। मछली के होने वाले नीलाम से सालाना करीब एक करोड़ की आय देेने वाले इस महत्वपूर्ण डैम की हालत दिन व दिन जर्जर होती जा रही है। डैम की मुख्य बॉडी के भीतरी हिस्से में लगी पत्थर की पिचिंग पानी के थपेड़ों से उखड़कर क्षतिग्रस्त हो चुकी है।


दो उपखंडों की जिम्मेदारी
डैम की देखरेख को खंड के डिवीजन कार्यालय के अलावा दो उपखंड है। प्रथम उपखंड जीरो से दसवें किलोमीटर तक देखरेख करता है, जबकि दूसरा उपखंड दसवें किलोमीटर से अंतिम छोर तक देखरेख की जिम्मेदारी निभाता है।
छह करोड़ के बजट स्वीकृत, नहीं मिला एक धेला
उपखंडों के अभियंताओं ने जर्जर पिचिंग को मरम्मत का लगभग छह करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाकर अधिशासी अभियंता के माध्यम से भेजा थे। अभियंताओं की दौड़भाग का मात्र इतना नतीजा निकला कि सरकार ने डैम की दयनीय हालत को देखते हुए प्रोजेक्ट को मंजूरी तो दे दी, लेकिन पूरे वर्ष बजट आवंटित नहीं किया गया।
समय से पहले करना पड़ता है खाली
डैम में पानी का लेबिल जब डाउन होता है तभी यह जरुरी कार्य किए जाते हैं। सिंचाई के लिए डैम को भरना भी जरुरी है। पिछले दो वर्षों से जर्जर हालत के चलते डैम को पूरी क्षमता से नहीं भरा जा रहा है। यदि कभी पूरा भरा भी जाता है तो समय से पहले खाली करना पड़ जाता है।

आबादी भी बन रही है बड़ा खतरा
डैम के भीतरी हिस्से में पिचिंग उखड़ी पड़ी है, वहीं बाहरी क्षेत्र में घनी आबादी वर्जित क्षेत्र में बस चुकी है। आबादी से चूहों के बिल बनाने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है, जो भरने के दौरान कभी भी मुसीबत का सबब बन सकता है। करीब दो वर्ष पूर्व डैम में पानी कम होने के बावजूद चौथे किलोमीटर के पास रिसाव होने लगा था। यह रिसाव भी चूहे की बिल के कारण होना बताया गया था ।
शारदा डैम की पिचिंग होना बेहद जरूरी है। प्रोजेक्ट भेजा गया था। उसे स्वीकृत भी किया गया, लेकिन बजट आवंटित न होने से कार्य रुका है। डैम को काफी सावधानी बरतकर रुक-रुक कर भरना पड़ता है। ताकि कोई खतरा न पैदा हो सके।
- जीवनराम, अधिशासी अभियंता
शारदा डैम एक नजर में
- शारदा डैम की लंबाई 22 किलोमीटर
- 399.723 वर्ग किलोमीटर में फैला है डैम
- 730 फिट ऊंचा है शारदा डैम
- पानी भरने की क्षमता 623 फिट, अब रही है घट
-  छह किलोमीटर क्षेत्र सिल्ट से पटा
- डेड लेबिल 604 फिट, अब बढ़कर हुआ 608 तक

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