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घुंघौरा में हार्टअटैक से किसान की मौत
बिलसंडा/पीलीभीत।
Updated Fri, 01 May 2015 11:54 PM IST
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दैवीय आपदा में चौपट हुई फसलों के हुए नुकसान से परेशान गांव घुंघौरा
निवासी किसान गिरधारी लाल को हार्टअटैक पड़ गया। आनन-फानन में परिवार वाले
उसे बरेली ले गए जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घरवालों का दावा है
कि ठेके पर ली गई तीन एकड़ जमीन में लागत तक न निकलपाने से वह कई दिनों से
सदमे में था। इतना ही नहीं अगली फसल के लिए सता रही चिंता भी उसकी मौत की
वजह बनी। प्रधान ने इस घटना की सूचना तहसील प्रशासन को दे दी है।
गांव घुंघौरा निवासी गोवर्द्धन लाल ने बताया कि उसके पुत्र गिरधारी लाल (48) ने गांव के ही हसनैन खां की करीब तीन एकड़ जमीन 18 हजार रूपये प्रति एकड़ के हिसाब से ठेके पर ले रखी थी। इस खेत में जितनी लागत आई उससे आधी की भी फसल नहीं निकली। इस खेत के अलावा उसके हिस्से में तीन बीघा जमीन अपनी भी है।
उसमें भी फसल की रिकवरी का यही हाल रहा। उन्होंने बताया कि फसल कम निकलने की वजह से उसे अगली फसल की लागत की चिंता सता रही थी वह कई दिनों से परेशान भी था। बृहस्पतिवार को उसे दोपहर करीब 12 बजे हार्टअटैक पड़ गया। घरवाले पहले तो उसे शाहजहांपुर लेकर गए लेकिन सुधार न होने पर बरेली ले गए।
वहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना से घर में कोहराम मच गया। प्रधान तेजबहादुर गौतम ने बताया कि घटना की सूचना तहसील प्रशासन को दे दी है।
गिरधारी की मौत से परिवार पर टूटा पहाड़
गिरधारी लाल की मौत से उसके छोटे से परिवार पर मानो पहाड़ सा टूट गया है। पांच वर्ष पूर्व बीमारी की वजह से पत्नी उमा देवी की आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई। तब से वह उसका उपचार करा रहा था। मौत से उसकी पत्नी और छोटे-छोटे दो बेटे आकाश और अरुण का सहारा छिन गया। घर में वह खुद अकेला ही कमाऊ था। खेती के अलावा समय मिलने पर वह मजदूरी भी करता था।
गांव घुंघौरा निवासी गोवर्द्धन लाल ने बताया कि उसके पुत्र गिरधारी लाल (48) ने गांव के ही हसनैन खां की करीब तीन एकड़ जमीन 18 हजार रूपये प्रति एकड़ के हिसाब से ठेके पर ले रखी थी। इस खेत में जितनी लागत आई उससे आधी की भी फसल नहीं निकली। इस खेत के अलावा उसके हिस्से में तीन बीघा जमीन अपनी भी है।
उसमें भी फसल की रिकवरी का यही हाल रहा। उन्होंने बताया कि फसल कम निकलने की वजह से उसे अगली फसल की लागत की चिंता सता रही थी वह कई दिनों से परेशान भी था। बृहस्पतिवार को उसे दोपहर करीब 12 बजे हार्टअटैक पड़ गया। घरवाले पहले तो उसे शाहजहांपुर लेकर गए लेकिन सुधार न होने पर बरेली ले गए।
वहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना से घर में कोहराम मच गया। प्रधान तेजबहादुर गौतम ने बताया कि घटना की सूचना तहसील प्रशासन को दे दी है।
गिरधारी की मौत से परिवार पर टूटा पहाड़
गिरधारी लाल की मौत से उसके छोटे से परिवार पर मानो पहाड़ सा टूट गया है। पांच वर्ष पूर्व बीमारी की वजह से पत्नी उमा देवी की आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई। तब से वह उसका उपचार करा रहा था। मौत से उसकी पत्नी और छोटे-छोटे दो बेटे आकाश और अरुण का सहारा छिन गया। घर में वह खुद अकेला ही कमाऊ था। खेती के अलावा समय मिलने पर वह मजदूरी भी करता था।