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देश की सांस्कृतिक धरोहरों को देख खुश हुए युवा
Pilibhit
Updated Fri, 16 Oct 2015 06:43 PM IST
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26 वीं वाहिनी एसएसबी मुख्यालय से बार्डर क्षेत्र के युवाओं का दल शुक्रवार को गुजरात सहित कई स्थानों का भ्रमण कर वापस लौट आया। दल में शामिल युवा देश के विभिन्न हिस्सों की कई सांस्कृतिक धरोहरों और मनोहारी स्थलों को देखकर काफी खुश थे। ललौरीखेड़ा मुख्यालय पर आयोजित समापन समारोह में सेनानायक जेपी राना युवाओं से रूबरू हुए और उन्हें शाबासी दी।
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26वीं बटालियन एसएसबी मुख्यालय ललौरीखेड़ा के नेतृत्व में नेपाल बार्डर क्षेत्र के कई गांवों से 20 युवाओं का एक दल सात अक्तूबर को गुजरात शैक्षणिक भ्रमण पर गया था। सहायक कमांडेंट प्रेम सागर पासवान के साथ गए दल ने नरायन सरोवर, हमीशर, झील, कच्छ रन, ब्लैक हिल, इंडिया ब्रिज, मांडवी, बालीवुड सूटिंग साइट, सोलोरियम, लखोता झील, लखौता म्यूजियम, रंजीत सागर डैम आदि का भ्रमण किया। द्वारिका में नागेश्वर मंदिर व विश्व प्रसिद्र दरिका मंदिर, जूनागढ़ से मोतीबाग, दरबाल हॉल, म्यूजियम, दामोदर कुंड आदि देखते हुे 16 अक्तूबर को ललौरीखेड़ा वापस पहुंचा। यहां एक समारोह में सेनानायक ने युवाओं को परिचय प्राप्त किया और उन्हें शाबासी दी। इस मौके पर द्तिीय कमान अधिक एमएस चौहान, उप कमांडेंट चिक्तिसा डॉ. समाप्ति वर्मा व सहायक कमांडेंट (संचार) अनिल कुमार जोशी, सुशील कुमार सोनी, हरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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भ्रमण के दौरान बहुत कुछ सीखा
दल में शामिल कमलापुरी निवासी प्रेमसागर हाईस्कूल के छात्र हैं। वह काफी खुश थे। उन्होंने बताया कि टूर काफी अच्छा था। टूर के दौरान हमें बहुत कुछ सीखने को मिला। मंदिरों समेत अन्य स्पॉटों पर बेहतर सफाई थी। भ्रमण के दौरान बहुत कुछ सीखने और देखने को मिला।
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एसएसबी ने पूरा कराया सपना
ग्राम बसही निवासी वैभव कुमार कक्षा 11 के छात्र हैं। वह कहते हैं कि टीवी में स्वर्ण मंदिर आदि स्थान तो देखे थे, लेकिन सपने में भी नहीं सोचा था कि वह कभी स्वर्ण मंदिर पहुंचेंगे, लेकिन एसएसबी ने उनका सपना पूरा कराया।